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तकनीकी कर्मचारी पराली प्रबंधन के गुर सिखाएंगे
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इटावा। जिले में पराली/फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषकों में जागरुकता लाने के लिए शुक्रवार को सात प्रचार वाहनों को जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
वाहन में कृषि विभाग के तकनीकी कर्मचारी कृषकों को पराली जलाने से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराएंगे। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खेत में पराली प्रबंधन के लिए यंत्रों जैसे सुपर सीडर, मल्चर, वेलर, श्रवमास्टर, रिवरसेवल, एमबी प्लाऊ, सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर एवं रीपर कम वाइंडर, जीरोटिल सीडड्रिल आदि के विषय में जानकारी देंगे।
सभी यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इच्छुक कृषक क्रय कर सकते हैं। पराली को गोशाला भेजने के इच्छुक कृषक ग्राम प्रधान से संपर्क कर गोशाला भी भिजवा सकते हैं। कार्य में आने वाला व्यय ग्राम पंचायतें वहन करेगी।
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इसके अतिरिक्त कृषि विभाग ने 15,400 वेस्ट डिकम्पोजर क्रय किए हैं, जिनका निशुल्क वितरण किया जाएगा। बताया कि फार्म मशीनरी बैंकों में उपलब्ध यंत्रों को किराये पर लेकर किसान पराली प्रबंधन कर सकते हैं। बताया कि जिस कंबाइन हार्वेस्टर में सुपर एसएमएस न लगा हो उससे अपने धान की कटाई कदापि न कराएं।
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वाहन में कृषि विभाग के तकनीकी कर्मचारी कृषकों को पराली जलाने से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराएंगे। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खेत में पराली प्रबंधन के लिए यंत्रों जैसे सुपर सीडर, मल्चर, वेलर, श्रवमास्टर, रिवरसेवल, एमबी प्लाऊ, सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर एवं रीपर कम वाइंडर, जीरोटिल सीडड्रिल आदि के विषय में जानकारी देंगे।
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सभी यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इच्छुक कृषक क्रय कर सकते हैं। पराली को गोशाला भेजने के इच्छुक कृषक ग्राम प्रधान से संपर्क कर गोशाला भी भिजवा सकते हैं। कार्य में आने वाला व्यय ग्राम पंचायतें वहन करेगी।
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इसके अतिरिक्त कृषि विभाग ने 15,400 वेस्ट डिकम्पोजर क्रय किए हैं, जिनका निशुल्क वितरण किया जाएगा। बताया कि फार्म मशीनरी बैंकों में उपलब्ध यंत्रों को किराये पर लेकर किसान पराली प्रबंधन कर सकते हैं। बताया कि जिस कंबाइन हार्वेस्टर में सुपर एसएमएस न लगा हो उससे अपने धान की कटाई कदापि न कराएं।