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टीचर खुद फीड कर सकेंगे अपनी परफॉर्मेंस
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:26 PM IST
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राजकीय पंचायतराज महिला महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव का उद्घाटन करते उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. आरपी सिंह
- फोटो : amarujala
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आगामी जून से पहले उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एकेडमिक ऑडिटिंग का ऑनलाइन सिस्टम लागू हो जाएगा। पहले चरण में इस सिस्टम से यूनीवर्सिटी और राजकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक जोड़े जाएंगे। यह जानकारी मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में दी। वह एसडी फील्ड स्थित
पंचायतराज राजकीय महिला महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल थे।
उन्होंने कहा कि एकेडमिक ऑडिटिंग का सॉफ्टवेयर लगभग तैयार हो चुका है। इसे यूजीसी के सॉफ्टवेयर की तर्ज पर तैयार किया गया है।पहले चरण में इसका लाभ प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों एवं यूनीवर्सिटी में कार्यरत करीब 1900 प्राध्यापकों को मिलेगा। दूसरे चरण में एडेड डिग्री कालेज के प्राध्यापक शामिल किए जाएंगे। इस सॉफ्टवेयर के जरिए प्राध्यापकों का व्यक्तिगत लॉगइन आईडी और पासवर्ड होगा।
जिसमें वह समय समय पर अपने कार्यकलापों को ऑनलाइन फीड कर सकेंगे। इसमें कोई आर्टिकल प्रकाशित होने, कितने सेमीनार व क्लास अटेंड किए, कितने प्रतिशत रिजल्ट रहा, कालेज में कितना वक्त दिया, कालेज या विश्वविद्यालय की किन-किन कमेटी में रहे और कितना योगदान रहा, आदि कई अन्य विवरण शामिल रहेंगे। निर्धारित प्रारूप पर इसे ऑनलाइन फीड करना होगा। जो सूचना फीड की जाएगी।
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उसकी सबसे पहले संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य के स्तर पर आईक्यूरेसी सेल मॉनीटरिंग करेगा। यह सेल प्राध्यापक द्वारा दर्ज ब्योरे को सही-गलत के आधार पर वेरीफाई करेगा। प्राचार्य के बाद क्षेत्रीय अधिकारी व यूनीवर्सिटी की टीम इसे वेरीफाई करेगी और फिर निदेशालय स्तर प्राध्यापक के एचीवमेंट को लॉक कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया हर साल चलेगी। उन्होंने बताया कि इसका लाभ प्राध्यापक को प्रमोशन आदि सुविधाओं में मिलेगा।
इससे उच्च शिक्षा विभाग को यह भी जानकारी रहेगी कि संबंधित प्राध्यापक का साल दर साल एचीवमेंट कितना रहा है। यदि कम हुआ है तो किस कमेटी ने उसके पर्सनल बायोडाटा रिजेक्ट किया। इसके अलावा कौन किस टॉपिक पर काम कर रहा है। उसकी जानकारी भी हर किसी प्राध्यापक को रहेगी। उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर लगभग तैयार है। इसी सत्र में जून से पहले लागू हो जाएगा। बताया कि सभी राजकीय महाविद्यालय सीसीटीवी एवं वाईफाई सुविधा से युक्त हो चुके हैं।
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पंचायतराज राजकीय महिला महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल थे।
उन्होंने कहा कि एकेडमिक ऑडिटिंग का सॉफ्टवेयर लगभग तैयार हो चुका है। इसे यूजीसी के सॉफ्टवेयर की तर्ज पर तैयार किया गया है।पहले चरण में इसका लाभ प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों एवं यूनीवर्सिटी में कार्यरत करीब 1900 प्राध्यापकों को मिलेगा। दूसरे चरण में एडेड डिग्री कालेज के प्राध्यापक शामिल किए जाएंगे। इस सॉफ्टवेयर के जरिए प्राध्यापकों का व्यक्तिगत लॉगइन आईडी और पासवर्ड होगा।
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जिसमें वह समय समय पर अपने कार्यकलापों को ऑनलाइन फीड कर सकेंगे। इसमें कोई आर्टिकल प्रकाशित होने, कितने सेमीनार व क्लास अटेंड किए, कितने प्रतिशत रिजल्ट रहा, कालेज में कितना वक्त दिया, कालेज या विश्वविद्यालय की किन-किन कमेटी में रहे और कितना योगदान रहा, आदि कई अन्य विवरण शामिल रहेंगे। निर्धारित प्रारूप पर इसे ऑनलाइन फीड करना होगा। जो सूचना फीड की जाएगी।
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उसकी सबसे पहले संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य के स्तर पर आईक्यूरेसी सेल मॉनीटरिंग करेगा। यह सेल प्राध्यापक द्वारा दर्ज ब्योरे को सही-गलत के आधार पर वेरीफाई करेगा। प्राचार्य के बाद क्षेत्रीय अधिकारी व यूनीवर्सिटी की टीम इसे वेरीफाई करेगी और फिर निदेशालय स्तर प्राध्यापक के एचीवमेंट को लॉक कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया हर साल चलेगी। उन्होंने बताया कि इसका लाभ प्राध्यापक को प्रमोशन आदि सुविधाओं में मिलेगा।
इससे उच्च शिक्षा विभाग को यह भी जानकारी रहेगी कि संबंधित प्राध्यापक का साल दर साल एचीवमेंट कितना रहा है। यदि कम हुआ है तो किस कमेटी ने उसके पर्सनल बायोडाटा रिजेक्ट किया। इसके अलावा कौन किस टॉपिक पर काम कर रहा है। उसकी जानकारी भी हर किसी प्राध्यापक को रहेगी। उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर लगभग तैयार है। इसी सत्र में जून से पहले लागू हो जाएगा। बताया कि सभी राजकीय महाविद्यालय सीसीटीवी एवं वाईफाई सुविधा से युक्त हो चुके हैं।