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तंत्रमंत्र में रुपये बर्बाद कराने पर की तांत्रिक की हत्या
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बकेवर (इटावा)। तंत्रमंत्र के नाम पर हजारों रुपये बर्बाद कराने की वजह से तांत्रिक हरिगोविंद की हत्या की गई है। यह जानकारी ग्रामीणों व पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी विपिन ने पूछताछ में दी। विपिन ही तांत्रिक को लेकर अपने ससुर सुघर सिंह के घर गया था।
कुड़रिया गांव निवासी सुघर सिंह के बेटे सतीश की पत्नी लक्ष्मी लंबे समय से बीमार चल रही है। अंध विश्वास से ग्रस्त सुघर सिंह ने अपने दामाद विपिन के जरिये तांत्रिक हरिगोविंद से तंत्रमंत्र की क्रिया शुरू कराई थी। लक्ष्मी पर कथित रूप से सवार भूतप्रेत उतारने के लिए तांत्रिक ने कई बार आकर तांत्रिक पूजा की थी। जिसमें सुघर सिंह के हजारों रुपये खर्च हो चुके थे।
ग्रामीणों ने बताया कि सुघर सिंह अपनी पुत्रवधू की बीमारी को भूतप्रेत का साया समझ कर तंत्रमंत्र का सहारा ले रहा था। कई बार उसने मलेपुरा निवासी अपने दामाद विपिन के सहयोग से तांत्रिक हरिगोविंद को घर पर बुलाकर कथित अनुष्ठान कराया था। जिसमें उसके पैसे बर्बाद हो चुके थे। लेकिन बीमार लक्ष्मी की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ था। बृहस्पतिवार की शाम सुघर सिंह ने अपने दामाद के माध्यम से तांत्रिक को बुलाकर जब तंत्रमंत्र कराया, तो इस तांत्रिक क्रिया को पूरा करने के लिए एक पड़वा व बकरे की बलि दी गई।
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इसके बाद भी जब लक्ष्मी को कोई लाभ नहीं मिला तो सुघर सिंह व उसके परिवार के लोगों से तांत्रिक का विवाद होने लगा। आरोपी विपिन के अनुसार इसी बात को लेकर तांत्रिक और आरोपी सुघर सिंह के बीच जमकर झगड़ा हुआ। जिसमें घर गृहस्थी के सामान से वार हुए। इसी दौरान लोहे की चीज तांत्रिक के सिर में लगी। जिससे उसकी मौत हो गई।
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कुड़रिया गांव निवासी सुघर सिंह के बेटे सतीश की पत्नी लक्ष्मी लंबे समय से बीमार चल रही है। अंध विश्वास से ग्रस्त सुघर सिंह ने अपने दामाद विपिन के जरिये तांत्रिक हरिगोविंद से तंत्रमंत्र की क्रिया शुरू कराई थी। लक्ष्मी पर कथित रूप से सवार भूतप्रेत उतारने के लिए तांत्रिक ने कई बार आकर तांत्रिक पूजा की थी। जिसमें सुघर सिंह के हजारों रुपये खर्च हो चुके थे।
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ग्रामीणों ने बताया कि सुघर सिंह अपनी पुत्रवधू की बीमारी को भूतप्रेत का साया समझ कर तंत्रमंत्र का सहारा ले रहा था। कई बार उसने मलेपुरा निवासी अपने दामाद विपिन के सहयोग से तांत्रिक हरिगोविंद को घर पर बुलाकर कथित अनुष्ठान कराया था। जिसमें उसके पैसे बर्बाद हो चुके थे। लेकिन बीमार लक्ष्मी की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ था। बृहस्पतिवार की शाम सुघर सिंह ने अपने दामाद के माध्यम से तांत्रिक को बुलाकर जब तंत्रमंत्र कराया, तो इस तांत्रिक क्रिया को पूरा करने के लिए एक पड़वा व बकरे की बलि दी गई।
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इसके बाद भी जब लक्ष्मी को कोई लाभ नहीं मिला तो सुघर सिंह व उसके परिवार के लोगों से तांत्रिक का विवाद होने लगा। आरोपी विपिन के अनुसार इसी बात को लेकर तांत्रिक और आरोपी सुघर सिंह के बीच जमकर झगड़ा हुआ। जिसमें घर गृहस्थी के सामान से वार हुए। इसी दौरान लोहे की चीज तांत्रिक के सिर में लगी। जिससे उसकी मौत हो गई।