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महिला ने स्टेट बैंक कैशियर पर कम भुगतान करने का लगाया आरोप
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फोटो संख्या 14: नसरीन
- फोटो : ETAWHA
स्टेट बैंक की सरसईनावर शाखा से चेक से 1.90 लाख रुपये भुगतान लेने गई महिला ने 50 हजार रुपये कम यानी 1.40 लाख रुपये मिलने का आरोप लगाया है। महिला के पति ने बैंक के शाखा प्रबंधक और कैशियर के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
ताखा ब्लाक क्षेत्र के समथर गांव निवासी नसरीन ने बताया कि उसका सरसईनावर स्टेट बैंक शाखा में खाता है। 16 नवंबर को वह अपने पति आजाद खान के साथ बैंक से दो लाख रुपये निकालने गई थी।
बैंक कैशियर ने उससे पर्याप्त रकम बैंक में उपलब्ध न होने की बात कहते हुए एक लाख 90 हजार रुपये की दूसरी चेक देने को कहा। इस पर उसने उक्त रकम की चेक बनाकर दी।
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महिला ने बताया कि कैशियर ने उसे पांच-पांच सौ के नोट की चार गड्डियां पकड़ा दी। रकम लेकर वह बैंक के बाहर गेट पर पहुंची और उसने अपने पति के साथ रुपये गिने, तो 50 हजार रुपये कम निकले।
नसरीन ने बताया कि उसे जो गड्डियां दी गई। उनमें पांच पांच सौ के नोटों की दो गड्डियां पूरी थी। यानी उनमें पूरे सौ की संख्या में नोट थे। शेष दो गड्डियों में से एक में पांच पांच सौ के 40 नोट लगे थे। दूसरी गड्डी में पांच-पांच सौ के 39 और पचास पचास के 10 नोट लगे हुए थे। इस तरह उसे कुल 1.90 लाख रुपये की जगह 1.40 लाख रुपये दिए गए।
नोटों की गिनती करने पर जब रकम कम पाई तो नसरीन के पति आजाद ने इसकी शिकायत बैंक कैशियर से की। आजाद ने बताया कि कैशियर इसे मानने को तैयार नहीं हुआ।
इस पर उसने बैंक शाखा प्रबंधक योगेंद्र कुमार से शिकायत की और सीसीटीवी फुटेज देखकर मामले का निस्तारण करने को कहा। लेकिन बैंक प्रबंधक ने उसे सोमवार को आने के लिए कह दिया। सोमवार को जब वह बैंक गया और प्रबंधक से मिला तो उन्होंने मंगलवार को आने की बात कहकर टाल दिया।
मंगलवार को बैंक पहुंचा तो शाखा प्रबंधक ने सीसीटीवी खराब होने की बात कहते हुए मामले से ही पल्ला झाड़ लिया। तब उसने ऊसराहार थाना में बैंक के शाखा प्रबंधक एवं कैशियर के खिलाफ जानबूझकर कम रकम देने की शिकायत करनी पड़ी। ऊसराहार थानाध्यक्ष जेपी सिंह ने बताया कि इसकी जांच कर रहे हैं।
वहीं, बैंक के शाखा प्रबंधक योगेंद्र कुमार ने बताया कि उपभोक्ता कैश लेकर बैंक के गेट से बाहर चला गया था। इसलिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। सीसीटीवी गत छह नवंबर से खराब पड़ा हुआ था इसलिए कोई रिकॉर्डिंग नहीं हुई है।
स्टेट बैंक की सरसईनावर शाखा मेें लगे सीसीटीवी कैमरे 12 दिन तक खराब पड़े रहे और बैंक मैनेजर को इसकी जानकारी तक नहीं रही। उन्होंने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना भी नहीं दी। महिला नसरीन के इस प्रकरण के बाद बैंक प्रबंधन ने आनन फानन में सीसीटीवी कैमरे ठीक कराए। शाखा प्रबंधक ने बताया कि 19 नवंबर को सीसीटीवी कैमरे ठीक करा दिए गए हैं।
सरसईनावर स्थित स्टेट बैंक की इस शाखा के कई कर्मियों के रवैये से बैंक के अन्य खाताधारक भी संतुष्ट नहीं हैं। खाताधारक पंकज गुप्ता, सुमित कुमार, अनिल कौशल, सरदार सिंह आदि ने बताया कि वह जब भी बैंक से कैश लेने जाते हैं।
उनके साथ बदसलूकी होती है। यहां तैनात गार्ड भी सही ढंग से पेश नहीं आता। आए दिन बैंक में कैश न होने की बात कहकर टरकाया जाता है। इस संबंध में शाखा प्रबंधक योगेंद्र कुमार ने बताया कि इस बैंक शाखा में स्टाफ की कमी है। इसलिए उपभोक्ताओं में नाराजगी दिख रही।
एसबीआई बैंक शाखा के बाहर स्थित एटीएम भी सफेद हाथी बना रहता है। इसमें पर्याप्त रकम नहीं रहती है। यह अक्सर बंद रहता है। कैश नहीं होने का बोर्ड लगा रहता है। जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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ताखा ब्लाक क्षेत्र के समथर गांव निवासी नसरीन ने बताया कि उसका सरसईनावर स्टेट बैंक शाखा में खाता है। 16 नवंबर को वह अपने पति आजाद खान के साथ बैंक से दो लाख रुपये निकालने गई थी।
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बैंक कैशियर ने उससे पर्याप्त रकम बैंक में उपलब्ध न होने की बात कहते हुए एक लाख 90 हजार रुपये की दूसरी चेक देने को कहा। इस पर उसने उक्त रकम की चेक बनाकर दी।
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महिला ने बताया कि कैशियर ने उसे पांच-पांच सौ के नोट की चार गड्डियां पकड़ा दी। रकम लेकर वह बैंक के बाहर गेट पर पहुंची और उसने अपने पति के साथ रुपये गिने, तो 50 हजार रुपये कम निकले।
नसरीन ने बताया कि उसे जो गड्डियां दी गई। उनमें पांच पांच सौ के नोटों की दो गड्डियां पूरी थी। यानी उनमें पूरे सौ की संख्या में नोट थे। शेष दो गड्डियों में से एक में पांच पांच सौ के 40 नोट लगे थे। दूसरी गड्डी में पांच-पांच सौ के 39 और पचास पचास के 10 नोट लगे हुए थे। इस तरह उसे कुल 1.90 लाख रुपये की जगह 1.40 लाख रुपये दिए गए।
नोटों की गिनती करने पर जब रकम कम पाई तो नसरीन के पति आजाद ने इसकी शिकायत बैंक कैशियर से की। आजाद ने बताया कि कैशियर इसे मानने को तैयार नहीं हुआ।
इस पर उसने बैंक शाखा प्रबंधक योगेंद्र कुमार से शिकायत की और सीसीटीवी फुटेज देखकर मामले का निस्तारण करने को कहा। लेकिन बैंक प्रबंधक ने उसे सोमवार को आने के लिए कह दिया। सोमवार को जब वह बैंक गया और प्रबंधक से मिला तो उन्होंने मंगलवार को आने की बात कहकर टाल दिया।
मंगलवार को बैंक पहुंचा तो शाखा प्रबंधक ने सीसीटीवी खराब होने की बात कहते हुए मामले से ही पल्ला झाड़ लिया। तब उसने ऊसराहार थाना में बैंक के शाखा प्रबंधक एवं कैशियर के खिलाफ जानबूझकर कम रकम देने की शिकायत करनी पड़ी। ऊसराहार थानाध्यक्ष जेपी सिंह ने बताया कि इसकी जांच कर रहे हैं।
वहीं, बैंक के शाखा प्रबंधक योगेंद्र कुमार ने बताया कि उपभोक्ता कैश लेकर बैंक के गेट से बाहर चला गया था। इसलिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। सीसीटीवी गत छह नवंबर से खराब पड़ा हुआ था इसलिए कोई रिकॉर्डिंग नहीं हुई है।
स्टेट बैंक की सरसईनावर शाखा मेें लगे सीसीटीवी कैमरे 12 दिन तक खराब पड़े रहे और बैंक मैनेजर को इसकी जानकारी तक नहीं रही। उन्होंने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना भी नहीं दी। महिला नसरीन के इस प्रकरण के बाद बैंक प्रबंधन ने आनन फानन में सीसीटीवी कैमरे ठीक कराए। शाखा प्रबंधक ने बताया कि 19 नवंबर को सीसीटीवी कैमरे ठीक करा दिए गए हैं।
सरसईनावर स्थित स्टेट बैंक की इस शाखा के कई कर्मियों के रवैये से बैंक के अन्य खाताधारक भी संतुष्ट नहीं हैं। खाताधारक पंकज गुप्ता, सुमित कुमार, अनिल कौशल, सरदार सिंह आदि ने बताया कि वह जब भी बैंक से कैश लेने जाते हैं।
उनके साथ बदसलूकी होती है। यहां तैनात गार्ड भी सही ढंग से पेश नहीं आता। आए दिन बैंक में कैश न होने की बात कहकर टरकाया जाता है। इस संबंध में शाखा प्रबंधक योगेंद्र कुमार ने बताया कि इस बैंक शाखा में स्टाफ की कमी है। इसलिए उपभोक्ताओं में नाराजगी दिख रही।
एसबीआई बैंक शाखा के बाहर स्थित एटीएम भी सफेद हाथी बना रहता है। इसमें पर्याप्त रकम नहीं रहती है। यह अक्सर बंद रहता है। कैश नहीं होने का बोर्ड लगा रहता है। जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।