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निलंबित नेताओं की वापसी पर हो चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो /इटावा
Updated Mon, 14 Nov 2016 06:58 PM IST
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अध्यक्ष जिला पंचायत आवास में पत्रकारों से बातचीत करते राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव, साथ में सांसद तेजप्रताप एवं अध्यक्ष अंशुल यादव
- फोटो : अमर उजाला
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समाजवादी परिवार में चल रही आंतरिक कलह भले ही समाप्त होते दिख रही हो परंतु गुबार अभी थमा नहीं है। सपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने सोमवार को यहां पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने की मांग की। इटावा में सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने तीन मुद्दे उठाये। सभी निष्कासित नेताओं की पार्टी की तत्काल वापसी हो, टिकट वितरण में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सहमति अनिवार्य हो, राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव स्वयं यह घोषित करें कि विधानसभा चुनाव अखिलेश यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। वही मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे। ऐसा न होने की स्थिति में अंतिम निर्णय के लिए पार्टी का विशेष अधिवेशन बुलाया जाये।
प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का बगैर नाम लिये कहा कि टिकट वितरण में कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर कहा कि जहां अखिलेश वहां विजय इस संदेश को लेकर वे इस धर्मयुद्ध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हैं। सीएम अखिलेश इस समय देश के सबसे बडे़ नेता हैं। किसी भी राजनैतिक दल के पास ऐसा चेहरा नहीं है। सपा से निष्कासन के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे अपने को सपा में ही मानते हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के एक मामले में आदेश दिया है कि जो जिस पार्टी से सांसद अथवा विधायक किसी भी सदन में चुना जाता है वह निकालने की स्थिति में भी वह पार्टी में ही बना रहता है।
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प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का बगैर नाम लिये कहा कि टिकट वितरण में कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर कहा कि जहां अखिलेश वहां विजय इस संदेश को लेकर वे इस धर्मयुद्ध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हैं। सीएम अखिलेश इस समय देश के सबसे बडे़ नेता हैं। किसी भी राजनैतिक दल के पास ऐसा चेहरा नहीं है। सपा से निष्कासन के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे अपने को सपा में ही मानते हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के एक मामले में आदेश दिया है कि जो जिस पार्टी से सांसद अथवा विधायक किसी भी सदन में चुना जाता है वह निकालने की स्थिति में भी वह पार्टी में ही बना रहता है।
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