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सुनील ने गोपाल को छह साल के लिए निष्कासित किया
इटावा
Updated Sat, 14 Jan 2017 10:49 PM IST
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सपा कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते जिलाध्यक्ष सुनील यादव।
- फोटो : अमर उजाला
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सपा में चल रही सियासी उठापटक के बीच जिले में भी रोज नया दांव सामने आ रहा है। शुक्रवार को अखिलेश गुट के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने नगर और सभी युवा फ्रंटल कार्यकारिणी भंग कर दीं। इसके जवाब में शनिवार को मुलायम सिंह व शिवपाल सिंह यादव खेमे के जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने गोपाल यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियां अपनाने पर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि गोपाल यादव सामान्य कार्यकर्ता हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मुलायम सिंह ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और वह जिलाध्यक्ष।
शनिवार को पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में सुनील यादव ने कहा कि उच्चस्तर पर पार्टी का मामला अभी चुनाव आयोग में है। गोपाल यादव पिछले कई दिनों से खुद को जिलाध्यक्ष बता रहे हैं। जब लखनऊ का अधिवेशन ही असंवैधानिक है तो उसमें लिए गए निर्णय पर किसी को जिलाध्यक्ष कैसे माना जा सकता है। जब तक चुनाव आयोग अधिवेशन की वैधता पर कोई निर्णय न दे दे तब तक गोपाल यादव का स्वयं को जिलाध्यक्ष कहना अनुशासनहीनता है। इसके कारण उन्हें पार्टी की सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया।
उन्होंने गोपाल यादव के साथ मौजूूद अन्य पार्टी नेताओं को भी जल्द नोटिस देने की बात कही। बताया कि पार्टी की शहर कार्यकारिणी और सभी यूथ संगठन पूर्व की तरह ही सक्रिय हैं। प्रेसवार्ता में सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य, कृष्ण मुरारी गुप्ता, अजय भदौरिया, केके यादव आदि मौजूद रहे। वहीं उक्त मामले पर गोपाल यादव ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
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उन्होंने कहा कि गोपाल यादव सामान्य कार्यकर्ता हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मुलायम सिंह ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और वह जिलाध्यक्ष।
शनिवार को पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में सुनील यादव ने कहा कि उच्चस्तर पर पार्टी का मामला अभी चुनाव आयोग में है। गोपाल यादव पिछले कई दिनों से खुद को जिलाध्यक्ष बता रहे हैं। जब लखनऊ का अधिवेशन ही असंवैधानिक है तो उसमें लिए गए निर्णय पर किसी को जिलाध्यक्ष कैसे माना जा सकता है। जब तक चुनाव आयोग अधिवेशन की वैधता पर कोई निर्णय न दे दे तब तक गोपाल यादव का स्वयं को जिलाध्यक्ष कहना अनुशासनहीनता है। इसके कारण उन्हें पार्टी की सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया।
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उन्होंने गोपाल यादव के साथ मौजूूद अन्य पार्टी नेताओं को भी जल्द नोटिस देने की बात कही। बताया कि पार्टी की शहर कार्यकारिणी और सभी यूथ संगठन पूर्व की तरह ही सक्रिय हैं। प्रेसवार्ता में सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य, कृष्ण मुरारी गुप्ता, अजय भदौरिया, केके यादव आदि मौजूद रहे। वहीं उक्त मामले पर गोपाल यादव ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
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