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ऑफलाइन परीक्षाओं के विरोध में उतरे छात्र
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प्रशासनिक भवन परिसर में नारेबाजी करते कृषि महाविद्यालय के छात्र
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। चंद्रशेखर आजाद कृषि विवि कानपुर से संबद्ध भीमराव आंबेडकर कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में ऑफलाइन परीक्षाएं कराए जाने के विरोध में छात्र लामबंद हो गए।
शनिवार शाम छात्रों ने प्रशासनिक भवन में नारेबाजी करते हुए धरना दिया। छात्रों ने बताया कि कोर्स पूरा नहीं हुआ है, कोरोना काल में अधिकांश समय पढ़ाई बाधित रही, इसलिए ऑनलाइन परीक्षाएं कराई जानी चाहिए।
छात्रों ने बताया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में कक्षाएं ऑफलाइन शुरू र्हुइं। मिड टर्म परीक्षाएं ऑनलाइन ही कराई गईं। 25 मार्च से प्रैक्टिल शुरू हो गए। प्रैक्टीकल पांच मार्च को ही पूरी हुई हैं।
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इसके बाद विवि ने नौ से 23 मार्च तक फाइनल परीक्षाएं कराने का कार्यक्रम जारी कर दिया। परीक्षाओं का शेडयूल इस तरह का बनाया जा रहा है जिसका असर छात्र छात्राओं के भविष्य पर पड़ सकता है।
मिड टर्म परीक्षाओं के और फाइनल परीक्षाओं में कम से कम एक महीने का अंतर रहता है। उसका भी ध्यान नहीं रखा गया। कक्षाएं न चलने के कारण बीटेक, बीएससी फिशरीज और बीएससी डेयरी के छात्र छात्राओं का पाठ्यक्रम भी पूरा नही हो सका है। इस समय कृषि अभियांत्रिकी, फिशरीज और डेयरी में करीब 350 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।
वर्जन
महाविद्यालय के डीन डॉ. डी सिंह ने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया था। प्रैक्टिकल शुरू होने से पहले किसी छात्र ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की। छात्रों के विरोध के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया गया है।
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शनिवार शाम छात्रों ने प्रशासनिक भवन में नारेबाजी करते हुए धरना दिया। छात्रों ने बताया कि कोर्स पूरा नहीं हुआ है, कोरोना काल में अधिकांश समय पढ़ाई बाधित रही, इसलिए ऑनलाइन परीक्षाएं कराई जानी चाहिए।
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छात्रों ने बताया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में कक्षाएं ऑफलाइन शुरू र्हुइं। मिड टर्म परीक्षाएं ऑनलाइन ही कराई गईं। 25 मार्च से प्रैक्टिल शुरू हो गए। प्रैक्टीकल पांच मार्च को ही पूरी हुई हैं।
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इसके बाद विवि ने नौ से 23 मार्च तक फाइनल परीक्षाएं कराने का कार्यक्रम जारी कर दिया। परीक्षाओं का शेडयूल इस तरह का बनाया जा रहा है जिसका असर छात्र छात्राओं के भविष्य पर पड़ सकता है।
मिड टर्म परीक्षाओं के और फाइनल परीक्षाओं में कम से कम एक महीने का अंतर रहता है। उसका भी ध्यान नहीं रखा गया। कक्षाएं न चलने के कारण बीटेक, बीएससी फिशरीज और बीएससी डेयरी के छात्र छात्राओं का पाठ्यक्रम भी पूरा नही हो सका है। इस समय कृषि अभियांत्रिकी, फिशरीज और डेयरी में करीब 350 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।
वर्जन
महाविद्यालय के डीन डॉ. डी सिंह ने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया था। प्रैक्टिकल शुरू होने से पहले किसी छात्र ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की। छात्रों के विरोध के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया गया है।