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Etawah News: एसटीएफ ने 745 कछुओं के साथ चार तस्कर पकड़े
Sun, 28 Jan 2024 01:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Sun, 28 Jan 2024 01:09 AM IST
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इटावा। एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने 745 कछुओं के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर सैफई-मैनपुरी सीमा पर यह कार्रवाई की गई। कछुओं की तस्करी कोलकाता से मलेशिया और सिंगापुर तक की जाती थी।
डीएफओ अतुलकांत शुक्ला ने बताया कि वन्य जीवों की तस्करी की सूचना पर 25 जनवरी की रात सैफई थानाक्षेत्र में मैनपुरी सीमा पर वैदपुरा मार्ग पर एसटीएफ व वन विभाग की टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। तभी मैनपुरी की तरफ से आ रहे एक लोडर को रुकने का इशारा किया गया। चालक ने लोडर तेजी से इटावा की तरफ भगा दिया। टीम ने पीछा करके लोडर को रुकवाया। लोडर से 22 बोरी में भरे 745 कछुए बरामद हुए। यह सभी कछुए सुंदरी प्रजाति के हैं।
लोडर में सवार चार लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने अपना नाम-पता गोविंद कंजर, गोपी कंजर निवासीगण गिहार काॅलोनी करहल जिला मैनपुरी, विक्की कंजर निवासी गिहार कॉलोनी थाना भरथना व नील तिवारी निवासी नगला कले थाना बकेबर बताया। तस्कर मैनपुरी के करहल से इटावा की तरफ आ रहे थे।
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कछुओं को 26 जनवरी को कोलकाता ले जाने की योजना थी। सभी के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। डीएफओ ने बताया कि इन कछुआ की तस्करी पश्चिम बंगाल के जरिए मलेशिया व सिंगापुर भी की जाती है। कछुओं को होटलों में खाने में प्रयोग किया जाता है। पश्चिम बंगाल में इनकी अधिक मांग है।
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डीएफओ अतुलकांत शुक्ला ने बताया कि वन्य जीवों की तस्करी की सूचना पर 25 जनवरी की रात सैफई थानाक्षेत्र में मैनपुरी सीमा पर वैदपुरा मार्ग पर एसटीएफ व वन विभाग की टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। तभी मैनपुरी की तरफ से आ रहे एक लोडर को रुकने का इशारा किया गया। चालक ने लोडर तेजी से इटावा की तरफ भगा दिया। टीम ने पीछा करके लोडर को रुकवाया। लोडर से 22 बोरी में भरे 745 कछुए बरामद हुए। यह सभी कछुए सुंदरी प्रजाति के हैं।
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लोडर में सवार चार लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने अपना नाम-पता गोविंद कंजर, गोपी कंजर निवासीगण गिहार काॅलोनी करहल जिला मैनपुरी, विक्की कंजर निवासी गिहार कॉलोनी थाना भरथना व नील तिवारी निवासी नगला कले थाना बकेबर बताया। तस्कर मैनपुरी के करहल से इटावा की तरफ आ रहे थे।
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कछुओं को 26 जनवरी को कोलकाता ले जाने की योजना थी। सभी के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। डीएफओ ने बताया कि इन कछुआ की तस्करी पश्चिम बंगाल के जरिए मलेशिया व सिंगापुर भी की जाती है। कछुओं को होटलों में खाने में प्रयोग किया जाता है। पश्चिम बंगाल में इनकी अधिक मांग है।