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Etawah News: छह माह बीते, खाटू श्याम बस सेवा को अब तक अनुमति नहीं
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इटावा। जिले से रोजाना करीब 300 यात्री खाटू श्याम आते-जाते हैं। लोगों की मांग पर इटावा डिपो ने खाटूश्याम के लिए नई बस चलाने का प्रयास किया, लेकिन राजस्थान परिवहन निगम की ओर से इसमें रुचि नहीं ली जा रही है। यही वजह है कि लगभग छह माह में तीन बार पत्र भेजने के बावजूद अभी तक अनुबंध नहीं हो सका।
जिले में कई लोग हर माह एकादशी पर खाटूश्याम के दर्शन करने के लिए जाते हैं। हर दिन जिले से दो निजी बसें सवारियां लेकर खाटूश्याम जाती हैं। इसके लिए पांच से 800 रुपये लिए जा रहे हैं। यात्रियों की अच्छी संख्या और कई बार इसके लिए मांग होने के चलते जनवरी में रोडवेज ने एक बस खाटूश्याम तक चलाने का निर्णय लिया था। इसके लिए एक पत्र राजस्थान परिवहन को भेजा था। राजस्थान परिवहन ने भी जल्द अनुबंध का आश्वासन दिया था, लेकिन छह माह बीतने के बावजूद अभी तक अनुबंध नहीं हो सका है। बुलाकीपुर निवासी हरिनाथ ने बताया कि वह लगभग हर महीने खाटूश्याम जाते हैं। सामान्य दिनों में तो किराया सही लिया जाता है, लेकिन त्योहार पर मनमाना किराया वसूला जाता है। अशोक नगर निवासी रामाशीष ने बताया कि हर महीने की एकादशी पर खाटूश्याम जाते हैं। रोडवेज की बस न चलने की वजह से निजी बस का सहारा लेना पड़ता है।
खाटू श्याम के लिए बस सेवा शुरू करने के लिए उच्चाधिकारियों को तीन बार पत्र भेजा जा चुका है। राजस्थान सरकार से अनुबंध न होने से यह बस सेवा शुरू नहीं हो सकी है। एक बार फिर से प्रयास किया जाएगा। -अमित कुमार, एआरएम इटावा डिपो।
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जिले में कई लोग हर माह एकादशी पर खाटूश्याम के दर्शन करने के लिए जाते हैं। हर दिन जिले से दो निजी बसें सवारियां लेकर खाटूश्याम जाती हैं। इसके लिए पांच से 800 रुपये लिए जा रहे हैं। यात्रियों की अच्छी संख्या और कई बार इसके लिए मांग होने के चलते जनवरी में रोडवेज ने एक बस खाटूश्याम तक चलाने का निर्णय लिया था। इसके लिए एक पत्र राजस्थान परिवहन को भेजा था। राजस्थान परिवहन ने भी जल्द अनुबंध का आश्वासन दिया था, लेकिन छह माह बीतने के बावजूद अभी तक अनुबंध नहीं हो सका है। बुलाकीपुर निवासी हरिनाथ ने बताया कि वह लगभग हर महीने खाटूश्याम जाते हैं। सामान्य दिनों में तो किराया सही लिया जाता है, लेकिन त्योहार पर मनमाना किराया वसूला जाता है। अशोक नगर निवासी रामाशीष ने बताया कि हर महीने की एकादशी पर खाटूश्याम जाते हैं। रोडवेज की बस न चलने की वजह से निजी बस का सहारा लेना पड़ता है।
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खाटू श्याम के लिए बस सेवा शुरू करने के लिए उच्चाधिकारियों को तीन बार पत्र भेजा जा चुका है। राजस्थान सरकार से अनुबंध न होने से यह बस सेवा शुरू नहीं हो सकी है। एक बार फिर से प्रयास किया जाएगा। -अमित कुमार, एआरएम इटावा डिपो।
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