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एसआईआर : 2025 की तुलना में घट गई 94 हजार महिला मतदाता
Wed, 15 Apr 2026 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 15 Apr 2026 12:18 AM IST
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इटावा। लोकतंत्र के महापर्व में आधी आबादी की हिस्सेदारी बढ़ाने के तमाम दावों के बीच जिले से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के बाद जिले की मतदाता सूची से बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम हट गए हैं। अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों पर गौर करें तो पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के वोट अधिक कटे हैं, इससे जिले का लिंगानुपात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
एसआईआर से पहले जिले में कुल 12,29,631 मतदाता थे, इसमें पुरुष 6,59,918 और महिलाएं 5,69,691 थीं। शुद्धिकरण प्रक्रिया के दौरान कुल 84,078 पुरुषों के नाम काटे गए, जबकि इसकी तुलना में 94,914 महिलाओं के नाम सूची से बाहर हो गए। अब कुल 10,50,636 मतदाता बचे हैं, इसमें 5,75,840 पुरुष और मात्र 4,74,777 महिला मतदाता शामिल हैं। हालांकि जिला निर्वाचन विभाग का दावा है कि अभियान चलाकर स्थिति सुधारने की कोशिश की गई है, इससे अनुपात 817 से बढ़कर 824 तक पहुंचा, लेकिन यह पहले के मुकाबले काफी कम है। शुद्धिकरण के दौरान मृतक, स्थानांतरित और अपात्रों को हटाया गया।
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मायके के कागजातों ने फंसाया पेंच
जानकार बताते हैं कि महिलाओं के नाम कटने के पीछे सबसे बड़ी वजह पहचान साबित करने के कड़े नियम रहे। महिलाओं को अपनी पहचान के लिए मायके पक्ष के दस्तावेज (माता-पिता का वोटर लिस्ट में नाम आदि) देने थे। कई मामलों में शादी के वर्षों बाद मायके से संपर्क टूट चुका था या वहां के परिजन कहीं और बस गए थे। बड़ी संख्या में महिलाएं चाहकर भी समय पर मायके से कागजात नहीं जुटा सकीं और जांच टीम ने उनके नाम अपात्र मानकर काट दिए।
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लिंग अनुपात के आंकड़े
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स्थिति लिंगानुपात
एसआईआर से पहले 863
आलेख्य प्रकाशन के समय 817
अंतिम मतदाता सूची (वर्तमान) 824
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विधानसभावार घटी महिला मतदाताओं की संख्या
विधानसभा एसआईआर से पहले अब कम हुईं महिला मतदाता
जसवंतनगर 1,84,406 1,57,814 26,592
इटावा 1,95,065 1,55,115 39,950
भरथना 1,90,220 1,61,848 28,372
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सदर में महिला विधायक, सबसे ज्यादा कम हुए महिला वोट
इटावा सदर सीट विधानसभा में भाजपा की सरिता भदौरिया लगातार दूसरी बार विधायक हैं। इस सीट पर एसआईआर में सबसे ज्यादा महिला मतदाताओं की संख्या कम हुई है। एसआईआर से पहले इस सीट पर 1,95,065 महिला मतदाता थीं, जबकि एसआईआर के बाद यह संख्या घटकर 1,55,115 रह गई। इस प्रकार सदर विधानसभा सीट पर 39,950 महिला मतदाता कम हुई है।
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सपा राष्ट्रीय महासचिव की विधानसभा में सबसे कम कटे वोट
जसवंतनगर विधानसभा में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव विधायक है। इस सीट पर सबसे कम महिलाओं के वोट कटे हैं। एसआईआर के बाद इस सीट पर 26,592 महिला मतदाता कम हुए हैं।
कोट
अंतिम सूची जारी कर दी गई है। आलेख्य प्रकाशन के समय लिंगानुपात 817 चला गया था। जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाकर 824 कर दिया गया है। ज्यादातर नाम स्थानांतरित, दोहराव वाले और मृतक वाले ही नाम हटे हैं।
- अभिनव रंजन श्रीवास्तव, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
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एसआईआर से पहले जिले में कुल 12,29,631 मतदाता थे, इसमें पुरुष 6,59,918 और महिलाएं 5,69,691 थीं। शुद्धिकरण प्रक्रिया के दौरान कुल 84,078 पुरुषों के नाम काटे गए, जबकि इसकी तुलना में 94,914 महिलाओं के नाम सूची से बाहर हो गए। अब कुल 10,50,636 मतदाता बचे हैं, इसमें 5,75,840 पुरुष और मात्र 4,74,777 महिला मतदाता शामिल हैं। हालांकि जिला निर्वाचन विभाग का दावा है कि अभियान चलाकर स्थिति सुधारने की कोशिश की गई है, इससे अनुपात 817 से बढ़कर 824 तक पहुंचा, लेकिन यह पहले के मुकाबले काफी कम है। शुद्धिकरण के दौरान मृतक, स्थानांतरित और अपात्रों को हटाया गया।
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मायके के कागजातों ने फंसाया पेंच
जानकार बताते हैं कि महिलाओं के नाम कटने के पीछे सबसे बड़ी वजह पहचान साबित करने के कड़े नियम रहे। महिलाओं को अपनी पहचान के लिए मायके पक्ष के दस्तावेज (माता-पिता का वोटर लिस्ट में नाम आदि) देने थे। कई मामलों में शादी के वर्षों बाद मायके से संपर्क टूट चुका था या वहां के परिजन कहीं और बस गए थे। बड़ी संख्या में महिलाएं चाहकर भी समय पर मायके से कागजात नहीं जुटा सकीं और जांच टीम ने उनके नाम अपात्र मानकर काट दिए।
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लिंग अनुपात के आंकड़े
स्थिति लिंगानुपात
एसआईआर से पहले 863
आलेख्य प्रकाशन के समय 817
अंतिम मतदाता सूची (वर्तमान) 824
विधानसभावार घटी महिला मतदाताओं की संख्या
विधानसभा एसआईआर से पहले अब कम हुईं महिला मतदाता
जसवंतनगर 1,84,406 1,57,814 26,592
इटावा 1,95,065 1,55,115 39,950
भरथना 1,90,220 1,61,848 28,372
सदर में महिला विधायक, सबसे ज्यादा कम हुए महिला वोट
इटावा सदर सीट विधानसभा में भाजपा की सरिता भदौरिया लगातार दूसरी बार विधायक हैं। इस सीट पर एसआईआर में सबसे ज्यादा महिला मतदाताओं की संख्या कम हुई है। एसआईआर से पहले इस सीट पर 1,95,065 महिला मतदाता थीं, जबकि एसआईआर के बाद यह संख्या घटकर 1,55,115 रह गई। इस प्रकार सदर विधानसभा सीट पर 39,950 महिला मतदाता कम हुई है।
सपा राष्ट्रीय महासचिव की विधानसभा में सबसे कम कटे वोट
जसवंतनगर विधानसभा में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव विधायक है। इस सीट पर सबसे कम महिलाओं के वोट कटे हैं। एसआईआर के बाद इस सीट पर 26,592 महिला मतदाता कम हुए हैं।
कोट
अंतिम सूची जारी कर दी गई है। आलेख्य प्रकाशन के समय लिंगानुपात 817 चला गया था। जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाकर 824 कर दिया गया है। ज्यादातर नाम स्थानांतरित, दोहराव वाले और मृतक वाले ही नाम हटे हैं।
- अभिनव रंजन श्रीवास्तव, उप जिला निर्वाचन अधिकारी