{"_id":"603bebae0a004006d211fc7d","slug":"singer-kailash-kher-reached-etawah-up","type":"story","status":"publish","title_hn":"इटावा महोत्सव में लाइव परफॉर्मेंस देने पहुंचे गायक कैलाश खेर, बोले- फिल्म सिटी में होगी इल्म की रचना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इटावा महोत्सव में लाइव परफॉर्मेंस देने पहुंचे गायक कैलाश खेर, बोले- फिल्म सिटी में होगी इल्म की रचना
Mon, 01 Mar 2021 12:45 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 01 Mar 2021 12:45 AM IST
विज्ञापन
वार्ता करते गायक पद्मश्री कैलाश खेर
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में सिर्फ फिल्म सिटी ही नहीं बनाई जा रही बल्कि यहां इल्म सिटी की रचना होगी। इस फिल्म सिटी में संगीत साधना का केंद्र और निज खोज में संगीत को पहचानने की चेतना जागृत करने का प्रयास किया जाएगा। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के सलाहकार सदस्य संगीत निर्माता-निर्देशक कैलाश खेर ने यह बात इटावा में कही।
वह इटावा महोत्सव की मेगा नाइट में लाइव परफॉर्मेंस देने पहुंचे थे। कैलाश खेर ने कहा कि स्थानीय मेलों को आज राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। उन्होंने बताया कि स्थानीय कलाकारों को बेहतर भविष्य देने के लिए वह हर वर्ष अपने पिता की याद में 21 नवंबर को मैहर रंगत महोत्सव का आयोजन करते हैं।
उनका कहना है कि इटावा महोत्सव की पहचान देशभर में पहुंच रही है। संगीत से जुड़े रियालिटी शो में बदलाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिर्फ जज बनकर दूसरे की प्रतिभा को न परखा जाए बल्कि नई पीढ़ी को साथ लेकर चला जाए। कैलाश खेर का कहना है कि वह गायक नहीं हैं बल्कि भगवान शिव के बावरे भक्त हैं। उनकी पहचान एक ऐसे बावरे भक्त के रूप में की जाए जिससे लोग भारत की आध्यात्मिक चेतना को पहचान कर उसमें रम सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
वह इटावा महोत्सव की मेगा नाइट में लाइव परफॉर्मेंस देने पहुंचे थे। कैलाश खेर ने कहा कि स्थानीय मेलों को आज राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। उन्होंने बताया कि स्थानीय कलाकारों को बेहतर भविष्य देने के लिए वह हर वर्ष अपने पिता की याद में 21 नवंबर को मैहर रंगत महोत्सव का आयोजन करते हैं।
विज्ञापन
उनका कहना है कि इटावा महोत्सव की पहचान देशभर में पहुंच रही है। संगीत से जुड़े रियालिटी शो में बदलाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिर्फ जज बनकर दूसरे की प्रतिभा को न परखा जाए बल्कि नई पीढ़ी को साथ लेकर चला जाए। कैलाश खेर का कहना है कि वह गायक नहीं हैं बल्कि भगवान शिव के बावरे भक्त हैं। उनकी पहचान एक ऐसे बावरे भक्त के रूप में की जाए जिससे लोग भारत की आध्यात्मिक चेतना को पहचान कर उसमें रम सकें।
विज्ञापन