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Etawah News: भरेह और पचनद में पहुंचने लगे साइबेरियन पक्षी
Wed, 20 Dec 2023 11:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 20 Dec 2023 11:47 PM IST
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फोटो 32:::चंबल नदी में बैठे विदेशी पक्षी। संवाद
- चंबल में दिखने लगे हैं विदेशी पक्षियों का कुनबा
संवाद न्यूज एजेंसी
चकरनगर। चंबल सेंचुरी पचनद और भरेह संगम पर गुलाबी सर्दी की दस्तक के साथ ही प्रवासी पक्षियों ने डेरा डालना शुरू कर दिया है। अभी ठंड बढ़ने के साथ ही पक्षियों की संख्या और बढ़ेगी। साइबेरियन पक्षी चंबल की लहरों पर कलरव करते हैं। सैलानियों के लिए यह नजारा आकर्षित करने वाला होता है।
मार्च के अंत तक तापमान बढ़ने के साथ ही प्रवासी पक्षी वापस लौटने लगते हैं। आमतौर पर साइबेरियन पक्षी अक्तूबर में भरेह और पचनद संगम किनारे घोसला बना लेते हैं, लेकिन इस बार देर से आए हैं। नवंबर के मध्य से ही साइबेरियन पक्षियों के चम्बल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
दिसंबर आते-आते बड़ी संख्या में साइबेरियन पक्षी आ सके हैं। प्रवासी पक्षी यहां करीब चार माह तक रुके रहेंगे। हजारों किलोमीटर की यात्रा कर रूस, मंगोलिया, तजाखिस्तान, उज्बेकिस्तान, सहित मध्य एशिया के देशों से आए विदेशी पक्षी सैलानियों के लिए आकर्षण के केंद्र हैं।
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- चंबल में दिखने लगे हैं विदेशी पक्षियों का कुनबा
संवाद न्यूज एजेंसी
चकरनगर। चंबल सेंचुरी पचनद और भरेह संगम पर गुलाबी सर्दी की दस्तक के साथ ही प्रवासी पक्षियों ने डेरा डालना शुरू कर दिया है। अभी ठंड बढ़ने के साथ ही पक्षियों की संख्या और बढ़ेगी। साइबेरियन पक्षी चंबल की लहरों पर कलरव करते हैं। सैलानियों के लिए यह नजारा आकर्षित करने वाला होता है।
मार्च के अंत तक तापमान बढ़ने के साथ ही प्रवासी पक्षी वापस लौटने लगते हैं। आमतौर पर साइबेरियन पक्षी अक्तूबर में भरेह और पचनद संगम किनारे घोसला बना लेते हैं, लेकिन इस बार देर से आए हैं। नवंबर के मध्य से ही साइबेरियन पक्षियों के चम्बल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
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दिसंबर आते-आते बड़ी संख्या में साइबेरियन पक्षी आ सके हैं। प्रवासी पक्षी यहां करीब चार माह तक रुके रहेंगे। हजारों किलोमीटर की यात्रा कर रूस, मंगोलिया, तजाखिस्तान, उज्बेकिस्तान, सहित मध्य एशिया के देशों से आए विदेशी पक्षी सैलानियों के लिए आकर्षण के केंद्र हैं।
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