फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Shroud became expensive when corpses were made

लाशों के ढेर लगे तो महंगा हो गया कफन

Thu, 06 May 2021 11:04 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 06 May 2021 11:04 PM IST
विज्ञापन
Shroud became expensive when corpses were made
इटावा। कोरोना महामारी, वायरल समेत अन्य बीमारियों से मृतकों की संख्या बढ़ने से कफन का कपड़ा और अंतिम संस्कार वाली लकड़ी महंगी हो गई है। कफन का कपड़ा 30 से 40 रुपये प्रति मीटर और लकड़ी के दाम 300 रुपये प्रति मन (40 किलो) तक बढ़ गए हैं।
विज्ञापन

यमुना किनारे बने शमशान घाट पर दिन रात चिताएं जलाई जा रही हैं। कब्रिस्तानों में भी भीड़ लगी रहती है। पहले जहां यमुना नदी किनारे स्थित शमशान घाट पर प्रतिदिन दो से पांच चिताएं ही जलती थीं, वहीं अब प्रतिदिन 25 से 35 चिताएं जलाई जा रही हैं। गुरुवार को भी 24 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। यही हाल शहर के प्रमुख कब्रिस्तान बाईस ख्वाजा की है। यहां भी सामान्य दिनों के अपेक्षा तीन गुना अधिक शव दफनाए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने से क्रियाकर्म की लकड़ी कम पड़ने लगी है। इससे लकड़ी की कीमत तीन सौ रुपये प्रति मन (40 किलोग्राम) बढ़ गई है। इसी तरह कफन के दाम में 30 से 40 रुपये प्रति मीटर बढ़ गए हैं।
विज्ञापन

महामारी के दौर में महंगी आक्सीजन सिलिंडर, महंगी दवाओं से परेशान लोग अपने परिजन को खोने के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए भी परेशान हो रहे हैं। शहर के मुख्य शमशान के व्यवस्थापक चंद्रशेखर ने बताया कि लकड़ी की कमी के कारण भाव बढ़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed