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शिवपाल ने अफसरों की ली क्लास
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sun, 04 Jan 2015 11:58 PM IST
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पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने रविवार को अधिकारियों की खूब खबर ली। ग्रामीण पेयजल की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, प्राथमिक शिक्षा के मुद्दों पर अधिकारियों को तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। मंत्री ने अफसरों को व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश दिए।
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जिला योजना की बैठक में एलोपैथिक चिकित्सा के प्रस्तावित परिव्यय की चर्चा होने पर जब सीएमओ उदयवीर सिंह बोलने लगे तो उन्हें बीच में ही रोक कर पीडब्ल्यूडी मंत्री ने पूछ लिया कि जिले में कितनी सीएचसी और पीएचसी हैं। सीएमओ ने बताई कि आठ और 26 हैं।
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मंत्री ने डाक्टरों की तैनाती के बारे में पूछा तो सीएमओ ने 125 डाक्टरों की जगह सिर्फ 50 चिकित्सक होने की बात कही। मंत्री ने पूछा कि सभी पीएचसी ठीक ढंग से चल रही हैं, तो सीएमओ ने कुछ देर सोचने के बाद हथनौली पीएचसी बंद होने की जानकारी दी।
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मंत्री ने पूछा कि धनुआं व बलरई पीएचसी पर कभी गए तो सीएमओ ने 4-6 महीने पहले जाने की बात कही। इस पर पीडब्ल्यूडी मंत्री ने निर्देश दिए कि वह सप्ताह में कम से कम दो-तीन पीएचसी का निरीक्षण करें। जहां चिकित्सकों की कमी है तो वहां तीन-तीन दिन डाक्टरों के बैठने की व्यवस्था करें।
बैठक में जब ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई तो नामित सदस्य आशीष राजपूत ने हैंडपंपों के रिबोर पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि नल बेच दिए जाते हैं और रिबोर का पैसा कहां चला जाता है, पता ही नहीं चलता।
गांव में बनी टंकियां खराब पड़ी हुई हैं। मांग उठी कि जलनिगम का काम कर रहे ठेकेदार बदले जाएं। इस पर पीडब्ल्यूडी मंत्री ने एक्सईएन गंगा सिंह को निर्देश दिए कि ठेकेदारों से कहें कि वह जनप्रतिनिधियों की बात सुनें। यदि फिर भी न सुनें तो उन्हें बदल दें।
प्राथमिक शिक्षा की बदहाली पर सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाए। कहा गया कि अध्यापकों की तैनाती में घोर अनियमितताएं बरती गई हैं। जहां बच्चे नहीं हैं वहां टीचर भरे पड़े हैं और जहां जरूरत है, वहां कोई जाना नहीं चाहता। किसी ने आरोप लगाया कि ताखा में इसी वजह से 40 विद्यालय बंद पड़े हैं।
विधायक सुखदेवी वर्मा ने कहा कि भरथना क्षेत्र में भी तैनाती सहीं ढंग से नहीं हुई है। एक सदस्य तो बीएसए को देखकर यहां तक बोले कि आपके पहले जो थे, वह 30-30 हजार में मनमाफिक तैनाती दे देते थे। यह सब सुनकर पीडब्ल्यूडी मंत्री ने बीएसए जेपी राजपूत को चेतावनी दी कि एक सप्ताह में ताखा क्षेत्र के सभी विद्यालय खुल जाने चाहिए।
ऐसा समायोजन करें कि हर विद्यालय में दो-दो टीचर रहें। बीएसए के यह कहने पर कि सिफारिशें न की जाएं तो अध्यापक रुक सकते हैं। इस पर पीडब्ल्यूडी मंत्री ने पूछ लिया कि कौन ज्यादा सिफारिश करता है। अब तक किसकी कितनी सिफारिशें आईं। इस पर बीएसए चुप्पी साधे रहे।