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रिसने लगे शेरनी ग्रीष्मा के घाव
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Thu, 03 Nov 2016 12:06 AM IST
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asiatic lion of gir national park
- फोटो : gujrattourism
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इटावा सफारी पार्क में बीमार शेरनी ग्रीष्मा की हालत नाजुक हो गई है। उसका इलाज कर रहे सफारी के डाक्टरों के अनुसार ग्रीष्मा के शरीर पर हुए घाव देखरेख के बाद भी बिगड़ते जा रहे हैं। दो दिनों से एक दर्जन जख्मों से पस आने लगा है।
सफारी के डिप्टी डायरेक्टर अनिल पटेल ने बताया कि ग्रीष्मा ने तीन दिनों से कुछ भी नहीं खाया है, सिर्फ पानी पी रही है। लगातार बढ़ते संक्रमण से उसकी हालत नाजुक होती जा रही है। गहराते जख्मों में संक्रमण बढ़ने से पस आने के साथ-साथ वह तेज बुखार की चपेट में है। इस सब के बीच विदेशी डाक्टरों और आईवीआरआई क ी सलाह पर उसे बेहतर इलाज दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रीष्मा की देखरेख के लिए डाक्टर अरविंद को लगाया गया है। वह दिन रात ग्रीष्मा की नाजुक हालत पर नजर बनाए हैं। वहीं पशु विशेषज्ञों के अनुसार ग्रीष्मा जिस स्थिति में पहुंच चुकी है, वहां से ठीक होना मुश्किल है। ये वह स्टेज है, जिसके बाद कोई भी जानवर एक सप्ताह से ज्यादा जीवित नहीं रहता है।
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सफारी के डिप्टी डायरेक्टर अनिल पटेल ने बताया कि ग्रीष्मा ने तीन दिनों से कुछ भी नहीं खाया है, सिर्फ पानी पी रही है। लगातार बढ़ते संक्रमण से उसकी हालत नाजुक होती जा रही है। गहराते जख्मों में संक्रमण बढ़ने से पस आने के साथ-साथ वह तेज बुखार की चपेट में है। इस सब के बीच विदेशी डाक्टरों और आईवीआरआई क ी सलाह पर उसे बेहतर इलाज दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रीष्मा की देखरेख के लिए डाक्टर अरविंद को लगाया गया है। वह दिन रात ग्रीष्मा की नाजुक हालत पर नजर बनाए हैं। वहीं पशु विशेषज्ञों के अनुसार ग्रीष्मा जिस स्थिति में पहुंच चुकी है, वहां से ठीक होना मुश्किल है। ये वह स्टेज है, जिसके बाद कोई भी जानवर एक सप्ताह से ज्यादा जीवित नहीं रहता है।
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