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बूंदाबांदी से मूंग की फसल पर छाया संकट
अमर उजाला ब्यूरो। इटावा
Updated Thu, 25 May 2017 11:30 PM IST
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इटावा।
आए दिन हो रही बूंदाबांदी से बेशक लोगों को गर्मी से निजात मिली है। लेकिन इससे मूंग की फसल पर संकट के बादल छा गए हैं।
किसानों ने इस उम्मीद से खेतों में मूंग की फसल बोई थी कि अच्छी फसल होने से आलू की फसल का कुछ घाटा निकल जाएगा। फसल तैयार हो गई और उसमें फलिया भी आने लगी। लेकिन पिछले एक सप्ताह से हो रही बूंदाबांदी से मूंग की फसल को नुकसान हो रहा है। बरसात के कारण फल झड़ रहा है।
मौसम में हो रहे उतार चढ़ाव से फसल को रोग भी लग रहा है। मूंग उत्पादक किसान गिरीश कुमार, बृजेश कुमार उपाध्याय, गनेश राठौर आदि ने बताया कि बरसात से मूंग की फसल बर्बाद हो रही है। इस समय मूंग में फल आ रहा है बरसात होने के कारण फूल झड़ रहा है।
8624 हेक्टेयर में बोई गई है मूंग की फसल
- जिले में इस वर्ष 8624 हेक्टेयर में मूंग की फसल बोई गई थी। आए दिन हो रही बरसात ने किसानों का सारा गणित बिगाड दिया है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी विनोद यादव ने बताया कि वर्तमान समय में मौसम में आ रहे उतार चढ़ाव के कारण मूंग व उर्द की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उसमें पीला चित्रवर्ण रोग का प्रकोप बढ़ रहा है। पहले पत्तियां पीली पड़ती हैं, बाद में पौधा सूख जाता है। इसकी रोकथाम के लिए किसान डायमेथिओट एक लीटर प्रति हेक्टेयर व इंमिडंाक्लोरोपिड 250 मिली प्रति हेक्टेयर के हिसाब से छिड़काव कर सकते हैं।
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आए दिन हो रही बूंदाबांदी से बेशक लोगों को गर्मी से निजात मिली है। लेकिन इससे मूंग की फसल पर संकट के बादल छा गए हैं।
किसानों ने इस उम्मीद से खेतों में मूंग की फसल बोई थी कि अच्छी फसल होने से आलू की फसल का कुछ घाटा निकल जाएगा। फसल तैयार हो गई और उसमें फलिया भी आने लगी। लेकिन पिछले एक सप्ताह से हो रही बूंदाबांदी से मूंग की फसल को नुकसान हो रहा है। बरसात के कारण फल झड़ रहा है।
मौसम में हो रहे उतार चढ़ाव से फसल को रोग भी लग रहा है। मूंग उत्पादक किसान गिरीश कुमार, बृजेश कुमार उपाध्याय, गनेश राठौर आदि ने बताया कि बरसात से मूंग की फसल बर्बाद हो रही है। इस समय मूंग में फल आ रहा है बरसात होने के कारण फूल झड़ रहा है।
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8624 हेक्टेयर में बोई गई है मूंग की फसल
- जिले में इस वर्ष 8624 हेक्टेयर में मूंग की फसल बोई गई थी। आए दिन हो रही बरसात ने किसानों का सारा गणित बिगाड दिया है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी विनोद यादव ने बताया कि वर्तमान समय में मौसम में आ रहे उतार चढ़ाव के कारण मूंग व उर्द की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उसमें पीला चित्रवर्ण रोग का प्रकोप बढ़ रहा है। पहले पत्तियां पीली पड़ती हैं, बाद में पौधा सूख जाता है। इसकी रोकथाम के लिए किसान डायमेथिओट एक लीटर प्रति हेक्टेयर व इंमिडंाक्लोरोपिड 250 मिली प्रति हेक्टेयर के हिसाब से छिड़काव कर सकते हैं।
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