{"_id":"651f0b96c62a90df6b0d3264","slug":"seven-years-imprisonment-to-the-then-naib-nazir-etawha-news-c-216-1-etw1002-3652-2023-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: तत्कालीन नायब नाजिर को सात साल का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: तत्कालीन नायब नाजिर को सात साल का कारावास
Fri, 06 Oct 2023 12:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 06 Oct 2023 12:46 AM IST
विज्ञापन
इटावा। 25 साल पुराने गबन के एक मामले में कोर्ट ने भरथना एसडीएम कार्यालय के तत्कालीन नायब नाजिर को सात साल की सजा सुनाई गई है। उनके ऊपर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी जमा कराने का आदेश दिया गया है।
भरथना एसडीएम कार्यालय के तत्कालीन नायब नाजिर छेदीलाल के खिलाफ 25 साल पहले गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया था। 1997 में भरथना के तत्कालीन तहसीलदार ने नायब नाजिर के खिलाफ दर्ज कराए मुकदमे में आरोप लगाया था कि उन्होंने एक लाख 22 हजार रुपये का गबन किया है। यह धनराशि संग्रह अमीनों ने एकत्र करके नायब नाजिर को कोषागार में जमा कराने को दी थी। इस धनराशि को नायब नाजिर ने अपने रजिस्टर में तो दर्ज कर लिया, लेकिन कोषागार में जमा नहीं किया। शिकायत के बाद जांच हुई तो कोषागार में धनराशि जमा नहीं मिली। इस पर मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना अधिकारी एसआई एसबी गौतम ने विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन करके आरोपपत्र दाखिल किया। एसपीओ उदय श्याम तिवारी और एपीओ आशुतोष ने मामले में सरकार की ओर से पैरवी की। न्यायाधीश नीरज कुशवाह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोप सही मानें और आरोपी छेदीलाल को सात साल की सजा सुनाई। नायब नाजिर छेदीलाल हाल ही में रिटायर हुए हैं।
विज्ञापन
भरथना एसडीएम कार्यालय के तत्कालीन नायब नाजिर छेदीलाल के खिलाफ 25 साल पहले गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया था। 1997 में भरथना के तत्कालीन तहसीलदार ने नायब नाजिर के खिलाफ दर्ज कराए मुकदमे में आरोप लगाया था कि उन्होंने एक लाख 22 हजार रुपये का गबन किया है। यह धनराशि संग्रह अमीनों ने एकत्र करके नायब नाजिर को कोषागार में जमा कराने को दी थी। इस धनराशि को नायब नाजिर ने अपने रजिस्टर में तो दर्ज कर लिया, लेकिन कोषागार में जमा नहीं किया। शिकायत के बाद जांच हुई तो कोषागार में धनराशि जमा नहीं मिली। इस पर मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना अधिकारी एसआई एसबी गौतम ने विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन करके आरोपपत्र दाखिल किया। एसपीओ उदय श्याम तिवारी और एपीओ आशुतोष ने मामले में सरकार की ओर से पैरवी की। न्यायाधीश नीरज कुशवाह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोप सही मानें और आरोपी छेदीलाल को सात साल की सजा सुनाई। नायब नाजिर छेदीलाल हाल ही में रिटायर हुए हैं।
विज्ञापन