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बलवा में प्रधान के पति समेत सात लोग भेजे गए जेल
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अहेरीपुर कस्बा में नाले की खुदाई के दौरान बवाल करने पर पुलिस ने प्रधान पति समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया।
पुलिस ने 14 नामजदों के साथ 8-10 अज्ञात लोगों पर आपस में जान लेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज किया है। इसी मामले में ज्यादा बल प्रयोग करने पर एसएसपी ने अहेरीपुर चौकी प्रभारी को निलंबित भी कर दिया।
थाना क्षेत्र के अहेरीपुर कस्बा में शनिवार को नाला की खुदाई के दौरान प्रधान के पति और एक फौजी के बीच विवाद हो गया था।
दोनों ओर से पत्थर चलने से गांव में हंगामा मचा गया। पुलिस 13 लोगों को पकड़कर थाने ले गई थी। इनमें दो नाबालिग और चार ग्रामीण शामिल थे। इसके बाद घटना में कोई सरोकार न मिलने पर पुलिस ने सबको छोड़ दिया था।
अहेरीपुर चौकी प्रभारी (अब निलंबित) हेमंत सोलंकी ने कस्बा निवासी प्रधान के पति बबलू मंसूरी पुत्र मन्नू खां, बीएसएफ जवान राजू भदौरिया पुत्र दिलीप सिंह, मनमोहन पाल उर्फ भूरे पाल पुत्र राम गोपाल, छुन्ना, हरीशंकर व विपिन पुत्र बाबूराम, राम पांडेय पुत्र सर्वेश,
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गोलू पुत्र कमालुद्दीन, कासिम पुत्र अमीन, कमलेश पुत्र प्रेमशंकर, दीपक, विशाल पुत्र राजेंद्र बाबू, मोहित पुत्र महेश और मनोज के खिलाफ बवाल कर आपस में जानलेवा हमला करने, कोरोना संक्रमण फैलाने समेत सात सीएलए के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से बबलू मंसूरी, मनमोहन पाल, छुन्ना दुबे, राम पांडेय, हरिशंकर, मनोज, गोलू को जेल भेज दिया।
शनिवार देर शाम एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने थाना पहुंचकर मामले की जानकारी की। भाजपा ब्लॉक प्रमुख अशोक चौबे भी निर्दोष लोगों के पकड़े जाने पर थाना पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने छह लोगों को छोड़ दिया था।
इस मामले में पुलिस की कार्यशैली की शिकायत सत्तापक्ष के नेताओं ने आईजी कानपुर और एसएसपी से की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए एसएसपी आकाश तोमर ने रविवार को अहेरीपुर चौकी प्रभारी हेमंत सोलंकी को गिरफ्तारी के दौरान आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग करने के आरोप में निलंबित कर दिया और एएसपी क्राइम क्राइम को जांच सौंपी है।
नाला खुदाई के दौरान झगड़ा होने का मामला पुलिस ने अपनी ओर से दर्ज किया है। आरोपियों पर बवाल और जानलेवा हमला करने के आरोप लगे हैं, लेकिन दर्ज रिपोर्ट में यह जानलेवा हमला पुलिस पर नहीं बल्कि झगड़ने वालों ने आपस में एक दूसरे पर किया है। थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह ने बताया कि पुलिस के साथ कोई झगड़ा नहीं हुआ। मारपीट और पत्थरबाजी आरोपियों के बीच ही हुई है।
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पुलिस ने 14 नामजदों के साथ 8-10 अज्ञात लोगों पर आपस में जान लेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज किया है। इसी मामले में ज्यादा बल प्रयोग करने पर एसएसपी ने अहेरीपुर चौकी प्रभारी को निलंबित भी कर दिया।
थाना क्षेत्र के अहेरीपुर कस्बा में शनिवार को नाला की खुदाई के दौरान प्रधान के पति और एक फौजी के बीच विवाद हो गया था।
दोनों ओर से पत्थर चलने से गांव में हंगामा मचा गया। पुलिस 13 लोगों को पकड़कर थाने ले गई थी। इनमें दो नाबालिग और चार ग्रामीण शामिल थे। इसके बाद घटना में कोई सरोकार न मिलने पर पुलिस ने सबको छोड़ दिया था।
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अहेरीपुर चौकी प्रभारी (अब निलंबित) हेमंत सोलंकी ने कस्बा निवासी प्रधान के पति बबलू मंसूरी पुत्र मन्नू खां, बीएसएफ जवान राजू भदौरिया पुत्र दिलीप सिंह, मनमोहन पाल उर्फ भूरे पाल पुत्र राम गोपाल, छुन्ना, हरीशंकर व विपिन पुत्र बाबूराम, राम पांडेय पुत्र सर्वेश,
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गोलू पुत्र कमालुद्दीन, कासिम पुत्र अमीन, कमलेश पुत्र प्रेमशंकर, दीपक, विशाल पुत्र राजेंद्र बाबू, मोहित पुत्र महेश और मनोज के खिलाफ बवाल कर आपस में जानलेवा हमला करने, कोरोना संक्रमण फैलाने समेत सात सीएलए के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से बबलू मंसूरी, मनमोहन पाल, छुन्ना दुबे, राम पांडेय, हरिशंकर, मनोज, गोलू को जेल भेज दिया।
शनिवार देर शाम एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने थाना पहुंचकर मामले की जानकारी की। भाजपा ब्लॉक प्रमुख अशोक चौबे भी निर्दोष लोगों के पकड़े जाने पर थाना पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने छह लोगों को छोड़ दिया था।
इस मामले में पुलिस की कार्यशैली की शिकायत सत्तापक्ष के नेताओं ने आईजी कानपुर और एसएसपी से की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए एसएसपी आकाश तोमर ने रविवार को अहेरीपुर चौकी प्रभारी हेमंत सोलंकी को गिरफ्तारी के दौरान आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग करने के आरोप में निलंबित कर दिया और एएसपी क्राइम क्राइम को जांच सौंपी है।
नाला खुदाई के दौरान झगड़ा होने का मामला पुलिस ने अपनी ओर से दर्ज किया है। आरोपियों पर बवाल और जानलेवा हमला करने के आरोप लगे हैं, लेकिन दर्ज रिपोर्ट में यह जानलेवा हमला पुलिस पर नहीं बल्कि झगड़ने वालों ने आपस में एक दूसरे पर किया है। थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह ने बताया कि पुलिस के साथ कोई झगड़ा नहीं हुआ। मारपीट और पत्थरबाजी आरोपियों के बीच ही हुई है।