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चयन का पता नहीं, जश्न शुरू
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इटावा। विधानसभा चुनावों की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही राजनीतिक दलों के तरकश से तीर निकलने लगे हैं। 20 फरवरी को होने जा रहे तीसरे चरण के चुनाव में प्रत्याशी चयन की तस्वीर अभी धुंधली ही है।
भाजपा की कोई अधिकृत सूची जारी नहीं हुई है। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसी घमासान के बीच इटावा सदर से निवर्तमान विधायक सरिता भदौरिया के समर्थक बुधवार को रात से ही टिकट फिर से मिलने का जश्न मना रहे हैं।
सोशल मीडिया पर जश्न मनाने के फोटो और संदेशों की भरमार है। वहीं, भरथना सुरक्षित सीट से पूर्व मंत्री गौरी शंकर के पुत्र सिद्धार्थ शंकर को टिकट मिलने की चर्चाएं होती रहीं।
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जसवंतनगर से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है। भाजपा के अलावा सपा, कांग्रेस और बसपा में भी अभी किसी नाम पर अधिकृत प्रत्याशी होने की मुहर नहीं लगी है।
इटावा, जसवंतनगर और भरथना सुरक्षित सीट में से दो पर भाजपा और एक पर प्रसपा का कब्जा है। इटावा सदर से सरिता भदौरिया, भरथना सुरक्षित सीट से सावित्री कठेरिया विधायक है।
जसवंतनगर से प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव सपा के चुनाव चिन्ह पर विधायक बने। अबकी जसवंतनगर से सपा प्रसपा गठबंधन से शिवपाल सिंह यादव का नाम ही फाइनल माना जा रहा है।
वहीं, सपा से इटावा और भरथना को लेकर अभी रहस्य बरकरार है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी सपा प्रत्याशी के तौर पर दो महीने से चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
इसके बाद भी सपा से कभी पूर्व विधायक रघुराज सिंह शाक्य तो कभी पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता संटू के नाम की चर्चाएं चलने लगती हैं। बसपा में भरथना सीट से एमएलसी भीमराव आंबेडकर की पत्नी कमलेश प्रत्याशी घोषित की जा चुकी हैं।
इटावा और जसवंतनगर से कोई नाम फाइनल नहीं हुआ है। बसपा की ओर से इटावा विस क्षेत्र से मनोज उपाध्याय एडवोकेट को प्रभारी घोषित किया गया था। यह घोषणा पूर्व जिलाध्यक्ष शीलू दोहरे ने करवाई थी।
ठीक एक दिन बाद शीलू को बसपा से निष्कासित कर दिया गया। प्रत्याशी के लिए सूची जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। इटावा जिले की तीनों विस पर भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस ने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है।
पार्टी की अभी कोई अधिकृत सूची जारी नहीं हुई है। सूची जारी होने के बारे में ही सभी कार्यकर्ता अधिकृत प्रत्याशी को विजयी बनाने के काम में जुटेंगे।
- संजीव राजपूत, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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भाजपा की कोई अधिकृत सूची जारी नहीं हुई है। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसी घमासान के बीच इटावा सदर से निवर्तमान विधायक सरिता भदौरिया के समर्थक बुधवार को रात से ही टिकट फिर से मिलने का जश्न मना रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर जश्न मनाने के फोटो और संदेशों की भरमार है। वहीं, भरथना सुरक्षित सीट से पूर्व मंत्री गौरी शंकर के पुत्र सिद्धार्थ शंकर को टिकट मिलने की चर्चाएं होती रहीं।
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जसवंतनगर से अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है। भाजपा के अलावा सपा, कांग्रेस और बसपा में भी अभी किसी नाम पर अधिकृत प्रत्याशी होने की मुहर नहीं लगी है।
इटावा, जसवंतनगर और भरथना सुरक्षित सीट में से दो पर भाजपा और एक पर प्रसपा का कब्जा है। इटावा सदर से सरिता भदौरिया, भरथना सुरक्षित सीट से सावित्री कठेरिया विधायक है।
जसवंतनगर से प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव सपा के चुनाव चिन्ह पर विधायक बने। अबकी जसवंतनगर से सपा प्रसपा गठबंधन से शिवपाल सिंह यादव का नाम ही फाइनल माना जा रहा है।
वहीं, सपा से इटावा और भरथना को लेकर अभी रहस्य बरकरार है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी सपा प्रत्याशी के तौर पर दो महीने से चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
इसके बाद भी सपा से कभी पूर्व विधायक रघुराज सिंह शाक्य तो कभी पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता संटू के नाम की चर्चाएं चलने लगती हैं। बसपा में भरथना सीट से एमएलसी भीमराव आंबेडकर की पत्नी कमलेश प्रत्याशी घोषित की जा चुकी हैं।
इटावा और जसवंतनगर से कोई नाम फाइनल नहीं हुआ है। बसपा की ओर से इटावा विस क्षेत्र से मनोज उपाध्याय एडवोकेट को प्रभारी घोषित किया गया था। यह घोषणा पूर्व जिलाध्यक्ष शीलू दोहरे ने करवाई थी।
ठीक एक दिन बाद शीलू को बसपा से निष्कासित कर दिया गया। प्रत्याशी के लिए सूची जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। इटावा जिले की तीनों विस पर भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस ने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है।
पार्टी की अभी कोई अधिकृत सूची जारी नहीं हुई है। सूची जारी होने के बारे में ही सभी कार्यकर्ता अधिकृत प्रत्याशी को विजयी बनाने के काम में जुटेंगे।
- संजीव राजपूत, जिलाध्यक्ष, भाजपा