आलू की बर्बादी पर किसान ने की आत्महत्या
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जसवंतनगर थाना क्षेत्र के गांव उसरई में आलू की बर्बादी से परेशान एक किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। किसान इटावा से आलू बेचकर घर लौट रहा था। लागत न निकलने से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। किसान की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
उसरई गांव निवासी अनिल कुमार (50) पुत्र राजकुमार ने कर्जा लेकर जमीन उगाही पर ली और उसमें आलू की फसल बोई। अनिल कुमार ने करीब 13 बीघा में आलू की फसल को बोया था। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान हुआ और खुदाई भी नहीं हो सकी।
शुक्रवार से आलू की खुदाई उन्होंने शुरू की, जिसमें काफी आलू खराब निकला। परिजनों के अनुसार उन्होंने 60 पैकेट आलू बिकने के लिए मंडी भेजे थे। वह आलू माटी मोल बिका। फसल को लिए गए कर्जे और मजदूरी न निकलती देख वह परेशान हो गए।
रविवार को वह अपनी पत्नी के साथ इटावा आए। वापस लौटते वक्त उन्होंने जसवंतनगर से पत्नी को घर भेज दिया और कस्बे में ही ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने रविवार की रात को ट्रेन के आगे कूदकर आत्म हत्या की है। शव मिलने की सूचना पर जब जीआरपी मौके पर पहुंची तो उनके पास से एक आढ़तिया का विजटिंग कार्ड मिला।
इसी के आधार पर उनकी शिनाख्त की गई और सूचना परिजनों को दी गई। मृतक के भतीजे विनय कुमार ने बताया कि वह कर्जे से परेशान थे। फसल भी बर्बाद हो गई थी। ऐसे में कर्जा अदा करने का कोई चारा नहीं था। इसी के चलते उन्होंने आत्महत्या की है। उनका ज्यादातर आलू खेतों में ही पड़ा है। जीआरपी ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।