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घाटे में डूबीं पांच सहकारी समितियां बंद
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चकरनगर। बीहड़ी क्षेत्र चकरनगर में किसानों के ऋण अदायगी न करने से 10 सहकारी समितियों में से पांच बंद पड़ी हुईं हैं। इससे चकरनगर व आसपास क्षेत्र के जरूरतमंद किसानों को ऋण मिलने में दिक्कत हो रही है।
किसानों को खाद, बीज खरीदने संबंधी ऋण देने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर सहकारी समितियां स्थापित की गईं थीं। इन समितियों के संचालन के लिए सचिवों की नियुक्ति की गई। सहकारी समिति जिला सहकारी बैंक से अपनी क्षमता के अनुसार ऋण लेकर सरकारी दरों पर किसानों को खेती करने के लिए उधारी पर खाद, बीज उपलब्ध कराती हैं।
हालात ये हैं कि क्षेत्र की 10 में पांच समितियों से उधार लेने वाले किसानों ने पैसा वापस नहीं किया। इसके चलते समितियां घाटे में आकर बंद हो गईं। समितियां बंद होने से किसानों को खुदरा दुकानों से महंगे दामों में नगद पैसा देकर खाद और बीज लेना पड़ रहा है।
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क्षेत्र में चार समितियां लेनदेन कर रही हैं। करियावली गांव की समिति नगद बिक्री के लिए खोली गई है। ऋण वापसी न करने की स्थिति में पांच समितियां लंबे समय से बंद चली आ रही हैं। - रूपेश सिंह राजावत, शाखा प्रबंधक जिला सहकारी बैंक चकरनगर
सहसों गांव की समिति बंद होने के कारण किसानों को खाद व बीज के लिए कस्बा चकरनगर तक जाना पड़ता है। - अनिल तिवारी निवासी सहसों गांव
गौहानी समिति बंद होने के कारण किसानों को सहकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसे चालू कराने की पहल होनी चाहिए। - राकेश दीक्षित, निवासी कुदौल गांव
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किसानों को खाद, बीज खरीदने संबंधी ऋण देने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर सहकारी समितियां स्थापित की गईं थीं। इन समितियों के संचालन के लिए सचिवों की नियुक्ति की गई। सहकारी समिति जिला सहकारी बैंक से अपनी क्षमता के अनुसार ऋण लेकर सरकारी दरों पर किसानों को खेती करने के लिए उधारी पर खाद, बीज उपलब्ध कराती हैं।
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हालात ये हैं कि क्षेत्र की 10 में पांच समितियों से उधार लेने वाले किसानों ने पैसा वापस नहीं किया। इसके चलते समितियां घाटे में आकर बंद हो गईं। समितियां बंद होने से किसानों को खुदरा दुकानों से महंगे दामों में नगद पैसा देकर खाद और बीज लेना पड़ रहा है।
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क्षेत्र में चार समितियां लेनदेन कर रही हैं। करियावली गांव की समिति नगद बिक्री के लिए खोली गई है। ऋण वापसी न करने की स्थिति में पांच समितियां लंबे समय से बंद चली आ रही हैं। - रूपेश सिंह राजावत, शाखा प्रबंधक जिला सहकारी बैंक चकरनगर
सहसों गांव की समिति बंद होने के कारण किसानों को खाद व बीज के लिए कस्बा चकरनगर तक जाना पड़ता है। - अनिल तिवारी निवासी सहसों गांव
गौहानी समिति बंद होने के कारण किसानों को सहकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसे चालू कराने की पहल होनी चाहिए। - राकेश दीक्षित, निवासी कुदौल गांव