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Etawah News: 40 साल बाद डकैती के आरोपी हुए बरी
Thu, 18 May 2023 11:53 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 18 May 2023 11:53 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। स्पेशल जज एंटी डकैती कोर्ट ने 40 वर्ष पुराने डकैती के एक मामले की सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
बचाव पक्ष के वकील डीडी मिश्रा ने बताया कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव बलैया पुरा निवासी महेश चंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि छह सितंबर 1984 को उसके रिश्तेदार हर नारायण के घर पर गांव के ही सत्य नारायण, रतन सिंह, राजेंद्र सिंह व महेश कुमार ने अपने 10-12 साथियों के साथ डकैती डाली थी।
हरनारायण के साथ मारपीट कर जेवर-नकदी के अलावा अन्य सामान लूट ले गए थे। बाद में उपचार के दौरान हरनारायण की मौत हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर नामजद के अलावा अन्य लोगों की पहचान की और उन सभी लोगों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए थे। तभी से मामला विचाराधीन चल रहा था।
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सुनवाई के दौरान सत्य नारायण व रतन सिंह की मौत हो गई। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती नीरज गर्ग की कोर्ट में हुई। बचाव पक्ष के वकील डीडी मिश्रा व उमेश दुबे की ओर से पेश की गई दलीलों के आधार पर कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए राजेंद्र, महेश कुमार के अलावा अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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इटावा। स्पेशल जज एंटी डकैती कोर्ट ने 40 वर्ष पुराने डकैती के एक मामले की सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
बचाव पक्ष के वकील डीडी मिश्रा ने बताया कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव बलैया पुरा निवासी महेश चंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि छह सितंबर 1984 को उसके रिश्तेदार हर नारायण के घर पर गांव के ही सत्य नारायण, रतन सिंह, राजेंद्र सिंह व महेश कुमार ने अपने 10-12 साथियों के साथ डकैती डाली थी।
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हरनारायण के साथ मारपीट कर जेवर-नकदी के अलावा अन्य सामान लूट ले गए थे। बाद में उपचार के दौरान हरनारायण की मौत हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर नामजद के अलावा अन्य लोगों की पहचान की और उन सभी लोगों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए थे। तभी से मामला विचाराधीन चल रहा था।
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सुनवाई के दौरान सत्य नारायण व रतन सिंह की मौत हो गई। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती नीरज गर्ग की कोर्ट में हुई। बचाव पक्ष के वकील डीडी मिश्रा व उमेश दुबे की ओर से पेश की गई दलीलों के आधार पर कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए राजेंद्र, महेश कुमार के अलावा अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया।