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Etawah News: रोडवेज अनुबंध नहीं करा पा रहा, डग्गामारों के सहारे यात्री

Fri, 14 Apr 2023 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Fri, 14 Apr 2023 12:59 AM IST
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Roadways is not able to get contract, passengers with the help of Duggars
इटावा। छोटे रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से रोडवेज निगम की ओर से शुरू की गई अनुबंध योजना फेल होती नजर आ रही है। चार माह में छह रूटों पर 44 बसों की जरूरत है और अभी तक सिर्फ दो बसों के लिए ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सकी है। इससे जिले के कई रूटों पर आज भी लोग जान जोखिम में डालकर डग्गामार वाहनों से सफर करने के लिए मजबूर हैं।
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रोडवेज निगम कार्यालय का क्षेत्रीय कार्यालय जिले में संचालित है। दिल्ली, लखनऊ जैसे मुख्य मार्ग सीधे जुड़े होने की वजह से प्रतिदिन 12 से 13 हजार यात्रियों का आवागमन रहता है। बड़े रूटों पर तो बसों की संख्या पर्याप्त है, लेकिन छोटे रूटों पर बसों की संख्या कम है। कई रिटायर हो चुकी बसों को भी मजबूरी में विभाग को ढोना पड़ रहा है। यह देखते हुए शासन की ओर से निजी बसों को अनुबंध पर रखने की योजना लगभग चार माह पहले बनाई गई थी।
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इसके लिए जिले में भी प्रयास किए गए। रोडवेज निगम ने परिवहन अधिकारियों के साथ मिलकर बस संचालकों के साथ कई बार बैठकें की, लेकिन कागजी कार्रवाई और मुनाफा कम देखकर संचालकों की ओर से रुचि नहीं ली गई। यही वजह है कि इटावा डिपो से छह मार्गों पर 44 बसें अनुबंधित की जानी है, लेकिन इन मार्गों पर एक भी बसें नहीं चल रही हैं। इनमें इटावा- फर्रुखाबाद मार्ग पर दो बसों के लिए टेंडर डाला गया है। शेष 42 बसों के लिए किसी भी बस संचालक ने टेंडर नहीं डाला है।
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यह हैं टेंडर प्रक्रिया
- संचालक के नाम से टेंडर ऑनलाइन किया जाना।
- बीस हजार रुपये का बैंक ड्रॉफ्ट क्षेत्रीय प्रबंधक के नाम से लगाना।
- आधार कार्ड व पेन कार्ड की छाया प्रति लगाना।
- क्षेत्रीय प्रबंधक के नाम से 18 प्रतिशत जीएसटी की धनराशि 2350 रुपये।
इन मार्गों पर चलनी हैं अनुबंधित बसें
इटावा से औरैया,जहानाबाद होते हुए 179 किलोमीटर के मार्ग पर दो, इटावा से औरैया, बकेवर होते हुए अजीतमल के 68 किलोमीटर मार्ग पर चार बसें चलनी हैं, लेकिन एक भी अनुबंधित बस नहीं चल रही है। जबकि इटावा व फर्रुखाबाद के बीच 102 किलोमीटर मार्ग पर आठ अनुबंधित बसें चलनी हैं। जबकि छह बसें और चलनी हैं। इटावा से उदी, आगरा वाया बाह होते हुए 125 किलोमीटर मार्ग व इटावा से औरैया होते हुए जहानाबाद तक 111 मार्ग पर 10-10 बसें और फर्रुखाबाद से इटावा 102 किलोमीटर मार्ग पर 10 बसें चलनी हैं। लेकिन इन तीनों ही मार्गों पर एक भी अनुबंधित बस नहीं चल रही है।
आए दिन इटावा आना-जाना पड़ता है। रोडवेज बसों की संख्या कम होने की वजह से मजबूरन टेंपो-ऑटो से यात्रा करनी पड़ रही है। बसों की संख्या बढ़ाने से लोगों की समस्या कम हो जाएगी। -अरविंद कौशल निवासी कस्बा भरथना
भरथना से ऊसराहार-बकेवर मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन होना चाहिए। दोनों मार्गों से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। रोडवेज बसें चलने लगें तो इससे आय भी बढ़ेगी, लोगों को सुविधा भी होगी। -नवनीत गुप्ता निवासी कस्बा भरथना
रोडवेज बसें अगर समय से चलने लगें तो आम यात्रियों और व्यापारियों को काफी सहूलियत होगी। अभी तो सिर्फ डग्गामार वाहनों का ही सहारा है। लोगों की समस्या को देखते हुए परिवहन विभाग को जल्द निर्णय लेना चाहिए। -मोहित गुप्ता निवासी कस्बा निवाड़ीकला
अछल्दा-महेवा मार्ग पर दिन भर में एक रोडवेज बस चलती हैं। अगर बस छूट जाए तो डग्गामार के सहारे ही कहीं जाने के बारे में सोच सकते हैं। समय भी तय नहीं, कब आए कुछ पता नहीं। इसके अलावा डग्गामार में बैठने पर डर लगा रहता है। -अरुण कुमार निवासी गांव नगला तुला


वर्जन
निजी बस अनुबंध किए जाने को लेकर छह मार्गों के लिए दो बसों के टेंडर डाले जा चुके हैं। संभवत: बस चलने में तीन महीने लगेंगे। यह समय बसों को तैयार करने के लिए संचालकों को दिया गया है। चार साल पुरानी अथवा नई बस लगा सकते हैं। -डीएम सक्सेना, एआरएम
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