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कोरोना को सड़क हादसों ने पछाड़ा, छीन ली दोगुनी जिंदगी

Thu, 03 Mar 2022 11:38 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 11:38 PM IST
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Road accidents overtake Corona, snatched double life
इटावा। कोरोना को लेकर जनता जागरूक है लेकिन यातायात नियमों को लेकर नहीं। नतीजा यह है कि पिछले दो सालों में कोरोना से 296 मौत हुई जबकि इससे दोगुनी मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। वर्ष 2020 और 2021 दो सालों में सड़क दुर्घटना में 578 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में सबसे अधिक बाइक चालक हैं। सड़क दुर्घटना में बाइक सवारों की मौत होने का सबसे बड़ा कारण यातायात नियमों की अनदेखी को माना जा रहा है।
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वर्ष 2020 में एक जनवरी से 31 दिसंबर तक सड़क हादसे में 278 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 249 पुरुष और 29 महिलाएं हैं। वर्ष 2021 में एक जनवरी से 31 दिसंबर तक सड़क दुर्घटना में कुल 300 मौतें हुईं। इनमें 266 पुरुष और 34 महिलाएं हैं। दूसरी ओर कोरोना के कारण मई 2020 में अभी तक कुल 296 मौतें हुई हैं।
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यातायात को सुगम बनाने के लिए आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे का निर्माण हुुुुआ था। इस एक्सप्रेस में चैनल नंबर 104 फूड प्लाजा के पास सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। यहां पर महीने भर में पांच से छह दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
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जानकारों की मानें तो यहां दुर्घटना होने का सबसे बड़ा कारण है हाईवे पर अत्यधिक ढलान होना। हाईवे पर पहले से ही वाहन तेज चलते हैं। ढलान समझ में नहीं आता और वाहन ढलान पर आते ही स्पीड बढ़ जाती है।
कई बार चालक वाहनों पर संतुलन नहीं रख पाते और दुर्घटना हो जाती है। फूड प्लाजा कट के कारण भी हादसे होते हैं।
सड़क पर संकेतक न होना भी वजह
शहर में सड़क दुर्घटना होने का कारण मार्गों पर यातायात नियमों का संकेतक न लगा होना है। भरथना इटावा मार्ग पर कई जगहों पर अक्सर छोटे-बड़ी दुर्घटनाएं होती हैं।
यहां रास्ते में कहीं पर भी संकेतक नहीं लगे हैं और न किसी चौराहे पर ट्रैफिक लाइट लगी है। यह मार्ग भी सिंगल है। जिस कारण यहां हमेशा आमने-सामने भिड़ंत हो जाती है।
यहां सबसे अधिक दुर्घटनाएं रात में होती हैं। इसका कारण इस मार्ग पर कई जगहों पर स्ट्रीट लाइट का न लगा होना है।
चालकों की थकान बनती कारण
आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर अधिक दुर्घटना होने कारण वाहन चालकों में थकावट का होना है। लंबे रूट के चालक कई घंटे तक लगातार वाहन चलाते रहते हैं। जिस कारण कई बार रास्ते में उन्हें झपकी आ जाती है।
इस दौरान चालकों का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे वह हादसे का शिकार हो जाते हैं। एक्सप्रेस वे पर सर्वाधिक दुर्घटनाएं चालक को नींद आना अथवा थकान होना पाया गया है।
ग्वालियर-इटावा मार्ग दुर्घटना बहुल क्षेत्र
ग्वालियर इटावा मार्ग पर सिंगल लाइन होने के कारण यहां पर भी हमेशा हादसे होते रहते हैं। इस मार्ग पर मध्य प्रदेश से मौरंग लाद कर ट्रक और डंपर निकलते हैं।

इससे इस मार्ग पर जगह-जगह पर बड़े गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों में हमेशा दो पहिया वाहन चालक फंसकर गिर जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। वहीं मौरंग लाद कर आने वाले वाहन सिंगल लाइन होने बाद भी ओवरटेक करते हैं।
इस वजह से भी हादसे होते हैं। यह मार्ग पर दुर्घटना बहुल क्षेत्र में गिना जाता है।
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