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बिना नक्शा स्वीकृत बन रही आवासीय कालोनियां अब प्रशासन के रडार पर

Fri, 03 Jun 2022 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2022 11:57 PM IST
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Residential colonies being built without the approval of the map are now on the radar of the administration
इटावा। बिना नक्शा पास कराए बसाई जा रहीं आवासीय कालोनियों ने प्रशासन ने निगाहें गड़ा दी हैं। इन कॉलोनियों के मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता ओम प्रकाश ने बताया कि शहर में 12 से अधिक स्थानों पर आवासीय कालोनियां विकसित की जा रहीं हैं। इनके नक्शे स्वीकृत नहीं कराए गए हैं। लैंड यूज भी चेंज नहीं कराया गया है। वर्ष 2018 में अवैध घोषित कालोनियों में भी प्लाट बेचे जा रहे हैं। आरबीओ एक्ट 1958 की धारा छह के तहत बिना नक्शा स्वीकृत विकसित कालोनियां अवैैैध घोषित की गई हैं। इनके मालिकानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यह भी जांच कराई जाएगी कि अवैध घोषित होने के बाद वहां कितने प्लाटों की रजिस्ट्री की गई। शासन के आदेेश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ये कालोनियां अवैध घोषित हैं
अवर अभियंता ने बताया कि वर्ष 2018 में भरथना रोड पर 50 बीघा में बन रही हरिशंकर पुरम कालोनी, 80 बीघा में बनी गिर्राजपुर कालोनी, इसके सामने 10 बीघा में बनी बसंत विहार कालोनी, 15 बीघा में बनी विनायक नगर, 15 बीघा में बनी विनायक बसंत, 50 बीघा में अड्डा रामदयाल कालोनी को अवैध घोषित किया जा चुका है। इन कालोनियों में प्लाट खरीद और बिक्री पर रोक है। यह आदेश चार सालों तक फाइलों में दबा रहा। हरीशंकरपुरम कालोनी में तो 15 फीसदी मकान भी बन चुके हैं।
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महायोजना में ये है नियम
अवर अभियंता ने बताया कि कालोनी की नक्शा पास कराने के लिए में महायोजना 2001 लागू है। कालोनी बनाने के लिए लेआउट जमा कार्यालय में जमा करना होता है। कालोनी में नाली, गली, बिजली, पार्क आदि की जानकारी लेआउट में होना जरूरी है। लैंड यूज चेंज कराना होता है। महायोजना में नक्शा स्वीकृत कराने पर विकास शुल्क खजाने में जमा होता है।
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