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सड़क पर जलभराव देख नहीं आते नाते-रिश्तेदार
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इटावा। तीन साल से सड़क पर जलभराव का दंश झेल रहे तीन हजार की आबादी वाले अड्डा श्याम लाल मोहल्ले में कोई मकान तो छोड़ो खाली प्लाट तक लेने के लिए तैयार नहीं हैं।
वहीं, पड़ोस में बसे विनीत विहार में जमीन के रेट यहां से तीन गुना से भी अधिक हैं उसके बाद भी वहां पर लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। पहले यहां पर जलभराव की स्थिति न होने पर ठीकठाक कारोबार चल रहा था, लोग मकान और प्लाट खरीदने के लिए भी लालायित रहते थे, लेकिन आज की स्थिति बेहद खराब है।
करीब 25 साल पहले अड्डा श्याम लाल मोहल्ला बसा था। तब यहां गिनती के ही परिवार थे। शहर से सटा हुआ होने के कारण यहां तेजी से लोग जमीन खरीद कर बसने लगे।
देखते देखते तीन सौ से चार सौ परिवार यहां पर आकर बस गए। अब मोहल्ले की कुल आबादी लगभग तीन हजार के आसपास है। तीन साल पहले शुरू हुई एक समस्या आज यहां की जनता के लिए नासूर बन चूकी है।
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जिस पर शासन और प्रशासन ने मरहम लगाने के बजाए सिर्फ आश्वासन ही दिया है। अब यहां का हाल यह है कि लोग अपना घर कारोबार सब छोड़ कर पलायन कर रहे हैं। यहां सड़क पर जलभराव की स्थिति यह है कि अब लोग यहां बसना नहीं चाहते है।
लोगों ने यहां जमीन खरीदना तो दूर की बात, यहां आना भी पसंद नहीं करते है। पहले जहां अड्डा श्याम लाल मोहल्ले की जमीन की कीमत तेजी से बढ़ रही थी। अब उस पर लगाम लग गया है।
आलम यह है यहां की जमीन कि कीमत 800 रुपये से 900 रुपये प्रति वर्ग फीट है। वहीं, चंद कदमों की दूरी पर महेरा फाटक पार विनीत विहार में जमीन की कीमत 2500 रुपये से 3000 रुपये प्रतिवर्ग फीट है।
तीन साल पहले दोनों मोहल्ले में जमीन की कीमत एक समान थी। प्रशासन की अनदेखी के कारण अड्डा श्याम लाल में लोगों ने अब आना ही बंद कर दिया है।
जलभराव की समस्या से जूझ रहे स्थानीय लोग अब अपने जमीन और घर औने पौने दाम में बेच कर यहां से पलायन करना चाह रहे, लेकिन उनका मकान, दुकान और प्लाट का कोई खरीददार नहीं है।
लोगों ने बताया कि अब मोहल्ले में खेती के अलावा दूसरा कोई रोजगार नहीं बचा है। जिनके पास खेती है, वह खेती कर घर किसी तरह चला ले रहे, लेकिन जिनके पास जमीन नहीं थी और दुकान से अपनी रोजी-रोटी चलाते थे, उनके लिए जीवन गुजारना मुश्किल हो गया है।
अब यहां व्यापार पूरी तरह चौपट हो चुका है। मजबूरन दुकानदार अपनी दुकान बंद कर यहां से चले गए या फिर मजदूरी करने लगे। अब गिनी-चुनी दुकानें ही बचीं हैं।
सीवर लाइन नहीं, सड़क पर जमा होता पानी
अड्डा श्याम लाल मोहल्ले में सीवर लाइन की व्यवस्था नहीं है और न कोई बड़ा नाला है। जो छोटे नाले थे, वह भी अब बंद हैं अथवा चोक हो गए हैं। जिनको पालिका ने कभी खुलवाने की जहमत नहीं उठाई, जिससे यहां घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर आता है।
पानी की निकासी न होने के कारण यहां 12 महीने सड़क पर पानी भरा रहता है। वहीं, बरसात में दिल्ली-कानपुर हाईवे का भी पानी यहीं पर आता है, जिससे यहां बरसात में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
मतदान में हिस्सा नहीं लेगी जनता
जनता ने बताया कि पिछले तीन साल में जिलाधिकारी कार्यालय और नगर पालिका के सैकड़ों चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कहीं से कुछ नहीं मिला।
जितने भी जिलाधिकारी यहां आए सबने सिर्फ यहीं कहा जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब यहां की जनता ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
पंप लगा पालिका ने निकलवाया पानी
अमर उजाला में 29 जनवरी के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद पालिका ने पंप लगाकर सड़क का पानी खेतों में खाली कराया। पंप से पानी निकलवाने पर लोगों का आरोप है कि यह अस्थायी व्यवस्था है, इससे हल निकलने वाला नहीं है।
आज पानी निकाल दिया जाएगा, अगले दिन फिर सड़क पर पानी भर जाएगा। लोगों का कहना है कि सभी संस्थाएं जो इससे संबंधित हैं, वे इसका हल निकालें, जिससे इतनी बड़ी आबादी को नारकीय जीवन से छुटकारा दिलाया जा सके।
अफसरों से लगा चुके गुहार
अड्डा श्यामलाल में जलभराव की समस्या बेहद गंभीर है। इसको लेकर सभी अधिकारियों से मिल चुके हैं। डीएम से लेकर नगर पालिका तक सभी से समस्या के समाधान के लिए आवाज उठा चुके हैं।
लोग मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचा चुके हैं। न तो इस पर कोई अधिकारी ध्यान दे रहा और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कोई कदम उठाया है।
- श्याम सिंह, सभासद, सुंदरपुर वार्ड
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वहीं, पड़ोस में बसे विनीत विहार में जमीन के रेट यहां से तीन गुना से भी अधिक हैं उसके बाद भी वहां पर लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। पहले यहां पर जलभराव की स्थिति न होने पर ठीकठाक कारोबार चल रहा था, लोग मकान और प्लाट खरीदने के लिए भी लालायित रहते थे, लेकिन आज की स्थिति बेहद खराब है।
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करीब 25 साल पहले अड्डा श्याम लाल मोहल्ला बसा था। तब यहां गिनती के ही परिवार थे। शहर से सटा हुआ होने के कारण यहां तेजी से लोग जमीन खरीद कर बसने लगे।
देखते देखते तीन सौ से चार सौ परिवार यहां पर आकर बस गए। अब मोहल्ले की कुल आबादी लगभग तीन हजार के आसपास है। तीन साल पहले शुरू हुई एक समस्या आज यहां की जनता के लिए नासूर बन चूकी है।
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जिस पर शासन और प्रशासन ने मरहम लगाने के बजाए सिर्फ आश्वासन ही दिया है। अब यहां का हाल यह है कि लोग अपना घर कारोबार सब छोड़ कर पलायन कर रहे हैं। यहां सड़क पर जलभराव की स्थिति यह है कि अब लोग यहां बसना नहीं चाहते है।
लोगों ने यहां जमीन खरीदना तो दूर की बात, यहां आना भी पसंद नहीं करते है। पहले जहां अड्डा श्याम लाल मोहल्ले की जमीन की कीमत तेजी से बढ़ रही थी। अब उस पर लगाम लग गया है।
आलम यह है यहां की जमीन कि कीमत 800 रुपये से 900 रुपये प्रति वर्ग फीट है। वहीं, चंद कदमों की दूरी पर महेरा फाटक पार विनीत विहार में जमीन की कीमत 2500 रुपये से 3000 रुपये प्रतिवर्ग फीट है।
तीन साल पहले दोनों मोहल्ले में जमीन की कीमत एक समान थी। प्रशासन की अनदेखी के कारण अड्डा श्याम लाल में लोगों ने अब आना ही बंद कर दिया है।
जलभराव की समस्या से जूझ रहे स्थानीय लोग अब अपने जमीन और घर औने पौने दाम में बेच कर यहां से पलायन करना चाह रहे, लेकिन उनका मकान, दुकान और प्लाट का कोई खरीददार नहीं है।
लोगों ने बताया कि अब मोहल्ले में खेती के अलावा दूसरा कोई रोजगार नहीं बचा है। जिनके पास खेती है, वह खेती कर घर किसी तरह चला ले रहे, लेकिन जिनके पास जमीन नहीं थी और दुकान से अपनी रोजी-रोटी चलाते थे, उनके लिए जीवन गुजारना मुश्किल हो गया है।
अब यहां व्यापार पूरी तरह चौपट हो चुका है। मजबूरन दुकानदार अपनी दुकान बंद कर यहां से चले गए या फिर मजदूरी करने लगे। अब गिनी-चुनी दुकानें ही बचीं हैं।
सीवर लाइन नहीं, सड़क पर जमा होता पानी
अड्डा श्याम लाल मोहल्ले में सीवर लाइन की व्यवस्था नहीं है और न कोई बड़ा नाला है। जो छोटे नाले थे, वह भी अब बंद हैं अथवा चोक हो गए हैं। जिनको पालिका ने कभी खुलवाने की जहमत नहीं उठाई, जिससे यहां घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर आता है।
पानी की निकासी न होने के कारण यहां 12 महीने सड़क पर पानी भरा रहता है। वहीं, बरसात में दिल्ली-कानपुर हाईवे का भी पानी यहीं पर आता है, जिससे यहां बरसात में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
मतदान में हिस्सा नहीं लेगी जनता
जनता ने बताया कि पिछले तीन साल में जिलाधिकारी कार्यालय और नगर पालिका के सैकड़ों चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कहीं से कुछ नहीं मिला।
जितने भी जिलाधिकारी यहां आए सबने सिर्फ यहीं कहा जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब यहां की जनता ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
पंप लगा पालिका ने निकलवाया पानी
अमर उजाला में 29 जनवरी के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद पालिका ने पंप लगाकर सड़क का पानी खेतों में खाली कराया। पंप से पानी निकलवाने पर लोगों का आरोप है कि यह अस्थायी व्यवस्था है, इससे हल निकलने वाला नहीं है।
आज पानी निकाल दिया जाएगा, अगले दिन फिर सड़क पर पानी भर जाएगा। लोगों का कहना है कि सभी संस्थाएं जो इससे संबंधित हैं, वे इसका हल निकालें, जिससे इतनी बड़ी आबादी को नारकीय जीवन से छुटकारा दिलाया जा सके।
अफसरों से लगा चुके गुहार
अड्डा श्यामलाल में जलभराव की समस्या बेहद गंभीर है। इसको लेकर सभी अधिकारियों से मिल चुके हैं। डीएम से लेकर नगर पालिका तक सभी से समस्या के समाधान के लिए आवाज उठा चुके हैं।
लोग मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचा चुके हैं। न तो इस पर कोई अधिकारी ध्यान दे रहा और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कोई कदम उठाया है।
- श्याम सिंह, सभासद, सुंदरपुर वार्ड