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Etawah News: बारिश से फसलों को चोट, मुआवजे की उम्मीद पर प्रतिशत का पहरा

Sun, 11 Oct 2026 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Sun, 11 Oct 2026 11:39 PM IST
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Rain damages crops; compensation hopes constrained by percentage-based limits.
फोटो 15::तेज बारिश और हवा से गिरी धान की फसल। आकाईव
इटावा। जिले में 25-26 सितंबर की बारिश ने 23 हजार हेक्टेयर से अधिक खरीफ फसल क्षेत्र को प्रभावित किया, लेकिन मुआवजे की उम्मीद नुकसान के प्रतिशत में उलझ कर रह गई। विभागीय सर्वे में किसी भी फसल में 26 फीसदी से अधिक क्षति नहीं आंकी गई, जबकि प्रशासनिक मुआवजे के लिए 35 फीसदी से अधिक नुकसान की शर्त है। उधर, फसल बीमा के तहत नुकसान की भरपाई के लिए शिकायत करने वाले 1158 किसानों में से 721 के आवेदन खारिज हो गए। ऐसे में बारिश की मार झेल रहे किसानों के सामने फसल के नुकसान की भरपाई का संकट गहरा गया है।
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इस बार खरीफ 2026 में 1.10 लाख हेक्टेयर में धान, ज्वार और बाजरा सहित कुल 10 फसलों की बोआई की गई थी। जिसमें से 25 और 26 सितंबर को हुई भीषण बारिश से जिले में 23,549 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खरीफ फसलें प्रभावित हुई हैं। विभागीय सर्वे में धान और बाजरा जैसी प्रमुख फसलों पर सबसे ज्यादा बारिश का असर पड़ा लेकिन सर्वे में किसी फसल की क्षति 26 फीसदी से अधिक नहीं आंकी गई।
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जबकि किसानों का कहना है कि उनकी फसलों में 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है। बारिश के बाद सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, धान का करीब 15,225 हेक्टेयर और बाजरा का लगभग 7,179 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित बताया गया है। इसके अलावा ज्वार, मक्का, उड़द, मूंग, अरहर, तिल और मूंगफली समेत अन्य खरीफ फसलों पर भी बारिश की मार पड़ी।
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कृषि विभाग की फसल क्षति रिपोर्ट में विभिन्न फसलों में पांच से 26 फीसदी तक नुकसान का आकलन किया गया है। हालांकि, प्रभावित क्षेत्र बड़ा होने के बावजूद नुकसान का प्रतिशत प्रशासनिक मुआवजे की बताई गई सीमा तक नहीं पहुंचा। ऐसे में 35 फीसदी से अधिक नुकसान पर जिला प्रशासन की ओर से मिलने वाले मुआवजे की निर्धारित शर्त पूरी नहीं हो रही है। नतीजा यह है कि खेतों में नुकसान झेल रहे किसानों के लिए प्रशासनिक राहत की उम्मीद धूमिल पड़ गई है।
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बीमा कराया, फिर भी 721 किसानों को झटका
खरीफ सीजन 2026 में जिले के करीब 17,977 हजार किसानों ने फसल का बीमा कराया था। किसानों और सरकार के अंश को मिलाकर करीब 62 करोड़ रुपये की राशि बीमा व्यवस्था से जुड़ी बताई गई है। बारिश के बाद 1158 किसानों ने पोर्टल और टोल फ्री नंबर के माध्यम से फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद 437 आवेदन स्वीकृत हुए, जबकि 721 आवेदन निरस्त कर दिए गए। यानी शिकायत करने वाले करीब 62 फीसदी किसानों के आवेदन खारिज हो गए। अब स्वीकृत दावों में कितनी राशि मिलेगी, यह बीमा योजना की शर्तों और नुकसान के आकलन के आधार पर तय होगा।
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आंकड़ों की बात

फसल का नाम कुल रकबा क्षति का रकबा नुकसान
धान 66,196 15,525 20-25 प्रतिशत
ज्वार 785 78 7-10 प्रतिशत
बाजरा 35,896 7,179 7-20 प्रतिशत
मक्का 928 46 5 प्रतिशत
उड़द 1527 383 20-25 प्रतिशत
मूंग 429 107 20-25 प्रतिशत
अरहर 3118 218 5-7 प्रतिशत
तिल 1231 307 20-26 प्रतिशत
मूंगफली 25 01 2-5 प्रतिशत
श्रीअन्न 125 05 3-5 प्रतिशत
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यहां भी मानक से दूर रह गए
सैफई क्षेत्र के ग्राम गीजा निवासी लालजी दुबे ने बताया कि उन्होंने करीब 35 बीघा में धान की बोआई की थी। 25 और 26 सितंबर को हुई बारिश और आंधी से पूरी फसल चौपट हो गई थी। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासनिक सर्वे में उन्हें मुआवजा मिलेगा लेकिन यहां भी मानक से दूर रह गए है।
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मुआवजा मिलता तो होती राहत
चकरनगर क्षेत्र के ग्राम मानपुरा निवासी राजू ने बताया कि उन्होंने पांच बीघा बाजरे की फसल की बोआई की थी। 25 और 26 की बारिश से तैयार खड़ी फसल पूरी तरह चौपट हो गई थी। इसके कारण फसल में 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ था। अगर मुआवजा मिल जाता तो राहत मिल जाती।

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फसलों का 35 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान होने पर राजस्व विभाग की ओर से मुआवजा दिया जाता है। 25-26 सितंबर की बारिश से हुए नुकसान के सर्वे में कहीं भी 35 प्रतिशत तक नुकसान सामने नहीं आया है। वहीं जिन किसानों ने बीमा करवाया है उन्हें संबंधित कंपनी शिकायत और सर्वे के हिसाब से मुआवजा देती है। जिन किसानों को फसलों के नुकसान के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत है, वह ब्लॉक या जनपद स्तर पर कृषि विभाग के कार्यालयों में संपर्क कर सकते है।

-ओंकार सिंह, जिला कृषि अधिकारी

फोटो 15::तेज बारिश और हवा से गिरी धान की फसल। आकाईव

फोटो 15::तेज बारिश और हवा से गिरी धान की फसल। आकाईव

फोटो 15::तेज बारिश और हवा से गिरी धान की फसल। आकाईव

फोटो 15::तेज बारिश और हवा से गिरी धान की फसल। आकाईव

फोटो 15::तेज बारिश और हवा से गिरी धान की फसल। आकाईव

फोटो 15::तेज बारिश और हवा से गिरी धान की फसल। आकाईव

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