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बारिश ने तोड़ा 25 साल का रिकार्ड, सड़कें उफनाईं, बह गया पैचवर्क...
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इटावा। बेमौसम तीन दिन से हो रही बरसात आफत बन गई है। 150 एमएम बारिश से 25 साल का रिकार्ड टूट गया है। सड़कों का पैचवर्क धुल गया और गड्ढायुक्त मार्गों पर जलभराव के बीच लोग गिरते-संभलते रहे। कई लोगों के वाहन बंद हो गए। लोग पालिका की व्यवस्था को कोसते दिखे। उन्होंने कहा कि पालिका के दावों में झोल है। मौसम वैज्ञानिक अजय मिश्रा ने बताया कि 12 अक्तूबर तक ऐसा ही मौसम रहने की आशंका है। आज भी बारिश के आसार हैं। लगभग 25 साल पहले 1997 में अक्तूबर के पहले सप्ताह में 145 मिमी बारिश हुई थी।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे से शुरू हुआ बारिश का दौर शाम चार बजे तक जारी रहा। दोपहर तक सरकारी कार्यालयों, मोहल्लों की सड़कों में पानी भर गया। मैनपुरी अंडरपास में करीब 10 फीट तक जलभराव हो गया। अंडरपास से आवागमन बंद होने से सैफई की ओर जाने वाले छोटे-बड़े वाहन रास्ता बदल कर भरथना चौराहा होकर गुजरे।
बारिश की वजह से जिला अस्पताल परिसर तालाब में तब्दील हो गया। विकास भवन परिसर, डीआईओएस कार्यालय परिसर, पचावली रोड, फ्रेंड्स क्रालोनी, कटरा शमशेर खां, करमगंज, आजाद नगर नई बस्ती, नेविल रोड, अड्डा श्यामलाल, अड्डा जालिम आदि क्षेत्रों में पानी भरने से लोग परेशान रहे। करमगंज वार्ड की एक गली में पुलिया क्षतिग्रस्त होने से स्कूल से लौट रहे छात्र बीच गली में फंसे रहे।
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पंप से पानी निकलवा रहे : ईओ
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विनयमणि त्रिपाठी ने बताया कि पंप लगाकर अंडरपास से पानी निकाला जा रहा है। शहर में जहां कहीं जलभराव है वहां भी निकासी करवाई जा रही है।
बिजली रही गुल
बारिश की वजह से बिजली भी गुल रही। शहर में रामलीला रोड स्थित फीडर की मशीन खराब होने की वजह से करीब तीन घंटे बिजली गुल रही। अन्य क्षेत्रों में भी बिजली आती-जाती रही। ग्रामीण क्षेत्रों भी यही हाल रहा।
फर्रुखाबाद हाईवे का पैचवर्क धुला, दे रहा जख्म
मुख्यमंत्री के आदेश पर जून-जुलाई में चलाए गए गड्ढ़ा मुक्त अभियान के तहत फर्रुखाबाद हाईवे पर भी पैचवर्क किया गया था। बसरेहर से लेकर चौपला तक किया गया पैचवर्क का काम इस साल की बारिश भी नहीं झेल सका। मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए हैं। जलभराव के बीच बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं।
गड्ढ़े मुसीबत का सबब
राष्ट्रीय राजमार्ग पर मालगोदाम तिराहे से लेकर तखिया तिराहे तक करीब एक सप्ताह पहले पैचवर्क कराया गया था। बुधवार से शुरू हुई बारिश में ये उखड़ने लगा है। तखिया चौराहे के रहने वाले नईम ने बताया कि गड्ढ़े मुसीबत का सबब हैं।
लिंक रोड कटी, फुटपाथ धंसा
तेज बारिश से उदी से चकरनगर जाने वाली लिंक रोड कट गई है। फुटपाथ कई जगह धंस गया है। इससे यहां निकलने वाले लोगों को हादसों का डर सताता रहता है। अभी चंबल पुल बंद होने के बाद से उदी से मध्यप्रदेश जाने के लिए लोग इसी रास्ते से होकर जाते हैं। 25 किलोमीटर के इस लिंक रोड पर करीब 50 जगह सड़क पर कटान है।
धान, बाजरा और दलहनी फसलों को बड़ा नुकसान
इटावा/ बकेवर/ चकरनगर। बारिश ने किसानों को भी बड़ा झटका दिया है। खेतों में खड़ी धान, बाजरा और दलहनी फसलें गिर गईं हैं। किसानों के मुताबिक, करीब 50 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है।
करीब दो सप्ताह पूर्व हुई बारिश से फसलों को नुकसान हुआ था। इस झटके से किसान उबरे भी नहीं थे कि बारिश फिर से शुरू हो गई। इसने अच्छी फसल मिलने और मुनाफा मिलने की आशाएं धूमिल हो गईं हैं। बाजरा, धान से लेकर दलहनी फसलें उड़द और मूंग की पौध खेतों में भरे पानी में गिर गईं हैं। फसलें चौपट होती देखकर किसानों के आंसू निकल रहे हैं। किसानों का कहना है कि बड़ी मेहनत से फसल तैयार की थी। खाद, पानी पर रुपये लगाए थे, सब बर्बाद हो गया। धान की करीब आधी फसल को नुकसान का अनुमान है। किसानों के मुताबिक 20 दिन पहले ही बाली निकली थी। बार-बार बारिश होने से दाने टूटकर गिर रहे हैं।
धान की फसल को 15 फीसदी नुकसान: कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप राणा ने बताया कि अभी धान की फसल में 10 से 15 फीसदी का ही नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने धान की अग्रिम रोपाई कर ली थी ओर बाली निकल आई है, ऐसी फसल के पानी भरे खेत में गिरने से कुछ ज्यादा नुकसान होगा। जनपद में अधिकांश किसानों ने देरी से धान की रोपाई की थी। किसान फसल बीमा कराने वालों को नुकसान का मुआवजा बीमा कंपनी से मिल जाएगा।
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शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे से शुरू हुआ बारिश का दौर शाम चार बजे तक जारी रहा। दोपहर तक सरकारी कार्यालयों, मोहल्लों की सड़कों में पानी भर गया। मैनपुरी अंडरपास में करीब 10 फीट तक जलभराव हो गया। अंडरपास से आवागमन बंद होने से सैफई की ओर जाने वाले छोटे-बड़े वाहन रास्ता बदल कर भरथना चौराहा होकर गुजरे।
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बारिश की वजह से जिला अस्पताल परिसर तालाब में तब्दील हो गया। विकास भवन परिसर, डीआईओएस कार्यालय परिसर, पचावली रोड, फ्रेंड्स क्रालोनी, कटरा शमशेर खां, करमगंज, आजाद नगर नई बस्ती, नेविल रोड, अड्डा श्यामलाल, अड्डा जालिम आदि क्षेत्रों में पानी भरने से लोग परेशान रहे। करमगंज वार्ड की एक गली में पुलिया क्षतिग्रस्त होने से स्कूल से लौट रहे छात्र बीच गली में फंसे रहे।
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पंप से पानी निकलवा रहे : ईओ
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विनयमणि त्रिपाठी ने बताया कि पंप लगाकर अंडरपास से पानी निकाला जा रहा है। शहर में जहां कहीं जलभराव है वहां भी निकासी करवाई जा रही है।
बिजली रही गुल
बारिश की वजह से बिजली भी गुल रही। शहर में रामलीला रोड स्थित फीडर की मशीन खराब होने की वजह से करीब तीन घंटे बिजली गुल रही। अन्य क्षेत्रों में भी बिजली आती-जाती रही। ग्रामीण क्षेत्रों भी यही हाल रहा।
फर्रुखाबाद हाईवे का पैचवर्क धुला, दे रहा जख्म
मुख्यमंत्री के आदेश पर जून-जुलाई में चलाए गए गड्ढ़ा मुक्त अभियान के तहत फर्रुखाबाद हाईवे पर भी पैचवर्क किया गया था। बसरेहर से लेकर चौपला तक किया गया पैचवर्क का काम इस साल की बारिश भी नहीं झेल सका। मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए हैं। जलभराव के बीच बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं।
गड्ढ़े मुसीबत का सबब
राष्ट्रीय राजमार्ग पर मालगोदाम तिराहे से लेकर तखिया तिराहे तक करीब एक सप्ताह पहले पैचवर्क कराया गया था। बुधवार से शुरू हुई बारिश में ये उखड़ने लगा है। तखिया चौराहे के रहने वाले नईम ने बताया कि गड्ढ़े मुसीबत का सबब हैं।
लिंक रोड कटी, फुटपाथ धंसा
तेज बारिश से उदी से चकरनगर जाने वाली लिंक रोड कट गई है। फुटपाथ कई जगह धंस गया है। इससे यहां निकलने वाले लोगों को हादसों का डर सताता रहता है। अभी चंबल पुल बंद होने के बाद से उदी से मध्यप्रदेश जाने के लिए लोग इसी रास्ते से होकर जाते हैं। 25 किलोमीटर के इस लिंक रोड पर करीब 50 जगह सड़क पर कटान है।
धान, बाजरा और दलहनी फसलों को बड़ा नुकसान
इटावा/ बकेवर/ चकरनगर। बारिश ने किसानों को भी बड़ा झटका दिया है। खेतों में खड़ी धान, बाजरा और दलहनी फसलें गिर गईं हैं। किसानों के मुताबिक, करीब 50 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है।
करीब दो सप्ताह पूर्व हुई बारिश से फसलों को नुकसान हुआ था। इस झटके से किसान उबरे भी नहीं थे कि बारिश फिर से शुरू हो गई। इसने अच्छी फसल मिलने और मुनाफा मिलने की आशाएं धूमिल हो गईं हैं। बाजरा, धान से लेकर दलहनी फसलें उड़द और मूंग की पौध खेतों में भरे पानी में गिर गईं हैं। फसलें चौपट होती देखकर किसानों के आंसू निकल रहे हैं। किसानों का कहना है कि बड़ी मेहनत से फसल तैयार की थी। खाद, पानी पर रुपये लगाए थे, सब बर्बाद हो गया। धान की करीब आधी फसल को नुकसान का अनुमान है। किसानों के मुताबिक 20 दिन पहले ही बाली निकली थी। बार-बार बारिश होने से दाने टूटकर गिर रहे हैं।
धान की फसल को 15 फीसदी नुकसान: कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप राणा ने बताया कि अभी धान की फसल में 10 से 15 फीसदी का ही नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने धान की अग्रिम रोपाई कर ली थी ओर बाली निकल आई है, ऐसी फसल के पानी भरे खेत में गिरने से कुछ ज्यादा नुकसान होगा। जनपद में अधिकांश किसानों ने देरी से धान की रोपाई की थी। किसान फसल बीमा कराने वालों को नुकसान का मुआवजा बीमा कंपनी से मिल जाएगा।