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नागरिकता कानून के विरोध में सड़कों पर उतरे मुस्लिम........
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प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालने की कोशिश की और ज्ञापन सौंपा। कैप्शन खबरों के साथ भेजे जाएंगे
- फोटो : ETAWHA
इटावा। पुलिस का खुफिया तंत्र फेल साबित हो गया। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और जमकर नारेबाजी की। स्टेशन रोड पर हजारों की भीड़ जमा होने से प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में जिलाधिकारी और एसएसपी के साथ मौके पर पहुंचे। करीब पौने तीन घंटे बाद एसएसपी ने जैसे तैसे समझाकर भीड़ को शांत कराया। इसके बाद जिले भर में सतर्कता और बढ़ा दी गई है।
नागरिकता संशोधन कानून पास होने के बाद पहला जुमा था। इसको लेकर जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट था। सुबह से ही शहर से लेकर नगरों और कस्बों तक पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। थाना मजिस्ट्रेट बनाए गए अधिकारी 11 बजे तक अपने अपने थानों में पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट सतेंद्र नाथ पांडे, एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह और एएसपी सिटी रामयश ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की गश्त की। एसडीएम सदर सिद्धार्थ और सीओ सिटी वैभव पांडेय पचराहे पर डटे रहे।
पहले नौरंगाबाद में नमाज हुई, प्रशासन को पूरा ध्यान पचराहे पर ही था। उर्दू मोहल्ला में नमाज के बाद प्रदर्शनकारी जमा हो गए और एसडीएम सदर को ज्ञापन दिया। इसके बाद पुरोहितन टोला में जमा भीड़ ने ज्ञापन दिया।
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पचराहा की मस्जिद के बाहर दो बजे करीब 1500 की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। मौलाना मुहम्मद चिश्ती ने युवाओं ने समझाया लेकिन वे नारेबाजी करते रहे। इसके बाद एसडीएम सदर को ज्ञापन दिया गया। तीन ज्ञापन के बाद प्रशासन कुछ निश्चित हो गया। इसी का फायदा उठाकर दोपहर करीब 2:20 बजे गलियों से होकर करीब दो हजार प्रदर्शनकारी शास्त्री चौराहा जाम करने के लिए आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कुछ ही देर मेें चार से पांच हजार प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ में शामिल युवा केंद्र सरकार और नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। खबर मिलते ही जिलाधिकारी जेबी सिंह, एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा, फायरब्रिगेड की गाड़ियों और भारी फोर्स के साथ पहुंच गए। स्टेशन रोड शास्त्री चौराहा और नौरंगाबाद चौराहा बंद कर दिया गया। गलियों पर भी पुलिस का पहरा हो गया। डीएम और एसएसपी के सामने भी नारेबाजी चलती रही। एसएसपी ने इस्लामिया इंटर कॉलेज प्रबंध कमेटी से जुड़े मसरूर हुसैन के साथ एसएसपी गाड़ी के ऊपर चढ़े और भीड़ से शांति बनाने की अपील की। भारी फोर्स की मौजूदगी और शांति की अपील पर करीब 4:45 बजे नारेबाजी समाप्त हुई। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग रास्तों से थोड़े-थोड़े प्रदर्शनकारियों को घरों की ओर भेज दिया। ज्ञापन देेने वालों में डॉ. मोहम्मद शोएब, अहमद चिश्ती, मौलाना तारिक शम्सी, सैयद गजाली मियां चिश्ती, हाफिज मोहम्मद अहमद चिश्ती, मौलाना जरजीस अंसारी, कारी सरफराज आलम, मसरूर हुसैन, मोहम्मद अल्ताफ, मौलाना मोहम्मद वसीम कासमी, हाजी मुईनुद्दीन गुड्डू मंसूरी, वसीम चौधरी, फरहान शकील, अय्यूब अली, एसएम मुस्तकीम, वाईके मोहम्मद शफी, फैसल अदीब, मोहम्मद सलीम अंसारी, मौलाना वाजिद अली अशरफी, नदीम अहमद, मोहम्मद अंसार अंसारी, इमरान अहमद आदि शामिल रहे।
कानपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल शुक्रवार को जिले की शांति व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि कानपुर से इटावा तक निरीक्षण किया है। पुलिस की सतर्कता और लोगों के सहयोग से सब जगह शांति रही है। हर जिले में स्थिति नियंत्रण में है।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे न तो अफवाहें फैलाएं और न ही उन पर ध्यान दें। विरोध के दौरान कानून व्यवस्था खराब न की जाए। यदि कोई उपद्रव करेगा तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। संवाद
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नागरिकता संशोधन कानून पास होने के बाद पहला जुमा था। इसको लेकर जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट था। सुबह से ही शहर से लेकर नगरों और कस्बों तक पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। थाना मजिस्ट्रेट बनाए गए अधिकारी 11 बजे तक अपने अपने थानों में पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट सतेंद्र नाथ पांडे, एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह और एएसपी सिटी रामयश ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की गश्त की। एसडीएम सदर सिद्धार्थ और सीओ सिटी वैभव पांडेय पचराहे पर डटे रहे।
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पहले नौरंगाबाद में नमाज हुई, प्रशासन को पूरा ध्यान पचराहे पर ही था। उर्दू मोहल्ला में नमाज के बाद प्रदर्शनकारी जमा हो गए और एसडीएम सदर को ज्ञापन दिया। इसके बाद पुरोहितन टोला में जमा भीड़ ने ज्ञापन दिया।
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पचराहा की मस्जिद के बाहर दो बजे करीब 1500 की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। मौलाना मुहम्मद चिश्ती ने युवाओं ने समझाया लेकिन वे नारेबाजी करते रहे। इसके बाद एसडीएम सदर को ज्ञापन दिया गया। तीन ज्ञापन के बाद प्रशासन कुछ निश्चित हो गया। इसी का फायदा उठाकर दोपहर करीब 2:20 बजे गलियों से होकर करीब दो हजार प्रदर्शनकारी शास्त्री चौराहा जाम करने के लिए आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कुछ ही देर मेें चार से पांच हजार प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ में शामिल युवा केंद्र सरकार और नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। खबर मिलते ही जिलाधिकारी जेबी सिंह, एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा, फायरब्रिगेड की गाड़ियों और भारी फोर्स के साथ पहुंच गए। स्टेशन रोड शास्त्री चौराहा और नौरंगाबाद चौराहा बंद कर दिया गया। गलियों पर भी पुलिस का पहरा हो गया। डीएम और एसएसपी के सामने भी नारेबाजी चलती रही। एसएसपी ने इस्लामिया इंटर कॉलेज प्रबंध कमेटी से जुड़े मसरूर हुसैन के साथ एसएसपी गाड़ी के ऊपर चढ़े और भीड़ से शांति बनाने की अपील की। भारी फोर्स की मौजूदगी और शांति की अपील पर करीब 4:45 बजे नारेबाजी समाप्त हुई। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग रास्तों से थोड़े-थोड़े प्रदर्शनकारियों को घरों की ओर भेज दिया। ज्ञापन देेने वालों में डॉ. मोहम्मद शोएब, अहमद चिश्ती, मौलाना तारिक शम्सी, सैयद गजाली मियां चिश्ती, हाफिज मोहम्मद अहमद चिश्ती, मौलाना जरजीस अंसारी, कारी सरफराज आलम, मसरूर हुसैन, मोहम्मद अल्ताफ, मौलाना मोहम्मद वसीम कासमी, हाजी मुईनुद्दीन गुड्डू मंसूरी, वसीम चौधरी, फरहान शकील, अय्यूब अली, एसएम मुस्तकीम, वाईके मोहम्मद शफी, फैसल अदीब, मोहम्मद सलीम अंसारी, मौलाना वाजिद अली अशरफी, नदीम अहमद, मोहम्मद अंसार अंसारी, इमरान अहमद आदि शामिल रहे।
कानपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल शुक्रवार को जिले की शांति व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि कानपुर से इटावा तक निरीक्षण किया है। पुलिस की सतर्कता और लोगों के सहयोग से सब जगह शांति रही है। हर जिले में स्थिति नियंत्रण में है।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे न तो अफवाहें फैलाएं और न ही उन पर ध्यान दें। विरोध के दौरान कानून व्यवस्था खराब न की जाए। यदि कोई उपद्रव करेगा तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। संवाद