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घर में करें सब्जी की खेती

Mon, 03 Oct 2022 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2022 12:00 AM IST
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produce vegeteble crop in house
इटावा। अब सब्जियों की खेती कम जगहों पर भी कर सकते हैं। ग्रो बैग और हाइड्रोपॉनिक्स तकनीक के जरिये शहरी लोग आंगन और छतों पर भी खेती कर सकते हैं। इन दोनों तकनीक में कम से कम दो बार एनपीके 1919 खाद क्यारी में डालनी चाहिए। ताकि फसल की उर्वरा शक्ति मजबूत रहे। ये जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह ने दी।
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उन्होंने बताया कि सब्जियों की बागबानी करके किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। टमाटर, हरी मिर्च और बैंगन की रोपाई मेड़ों (उथली क्यारियों) पर करें। सब्जियों में खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई-गुड़ाई शीघ्र करें।
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ये समय फसलों में सफेद मक्खी तथा चूसक कीटों के लगने का है। इसके लिए सतर्कता बरतनी चाहिए। यदि पौधे में कहीं कीट नजर आए तो तत्काल नीम तेल अथवा सवागी कीटनाशी का प्रयोग करें। वहीं सब्जियों के खेत में जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। ज्यादा पानी ठहरने से पौधों को नुकसान हो सकता है।
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ये है तकनीक
ग्रो बैग तकनीक के जरिये घरों और आंगन में प्लास्टिक के बैग में पौध लगाई जाती है। ये गमलों से हल्के और पोर्टेबल होते हैं। इन बैग में पौधों की जड़ें सर्कल के रूप में आसानी से फैल सकती हैं। तापमान को भी स्थिर रखने में सहयोगी रहता है। इस तकनीक में पौधे में ज्यादातर पानी नहीं रुकता है हालांकि नमी बरकरार रहती है।

हाइड्रोपॉनिक्स तकनीक में पाइप डालकर उसे ऊपर से काट दिया जाता है। उसमें मिट्टी डालकर पौध लगाई जाती है। इसमें एक साथ डाला गया पानी सभी पौध तक पहुंच जाता है। ऐसे में सभी पौध को अलग-अलग पानी की जरूरत नहीं पड़ती है। इस तकनीक से पौधे जमीन में लगे पौधों की अपेक्षा 20-30 प्रतिशत बेहतर तरीके से बढ़ते हैं।
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