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Etawah News: सीएचसी गेट पर लेटी रही गर्भवती, नहीं किया भर्ती
Thu, 22 Oct 2026 10:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 22 Oct 2026 10:49 PM IST
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चकरनगर। सीएचसी राजपुर में बृहस्पतिवार को बरचोली निवासी गर्भवती महिला अनामिका को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सुबह पौने 10 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि जांच के बाद दिसंबर में प्रसव की तारीख होने की बात कहकर उसे भर्ती नहीं किया गया और जिला अस्पताल ले जाने की सलाह देकर बाहर कर दिया गया।
इसके बाद महिला करीब ढाई घंटे तक प्रसव पीड़ा से परेशान होकर अस्पताल के बाहर जमीन पर लेटी रही। महिला के पति संदीप कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी दर्द से बेहाल थी, इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उसे भर्ती नहीं किया। सुबह दस बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक महिला अस्पताल के बाहर जमीन पर लेटी रही। इस दौरान परिजन परेशान होते रहे।
संदीप कुमार ने कहा कि जब प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को भी नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार नहीं मिल सकता और उसे जिला अस्पताल भेजने की सलाह दी जाती है, तो ऐसे अस्पताल का क्या लाभ है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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वहीं मामले पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. महेशपाल सिंह का कहना है कि अस्पताल में कोई महिला जमीन पर नहीं लेटी रही। गर्भवती महिलाओं को तुरंत उपचार दिया जाता है जरूरत पर एंबुलेंस से जिला अस्पताल रेफर किया जाता है।
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इसके बाद महिला करीब ढाई घंटे तक प्रसव पीड़ा से परेशान होकर अस्पताल के बाहर जमीन पर लेटी रही। महिला के पति संदीप कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी दर्द से बेहाल थी, इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उसे भर्ती नहीं किया। सुबह दस बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक महिला अस्पताल के बाहर जमीन पर लेटी रही। इस दौरान परिजन परेशान होते रहे।
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संदीप कुमार ने कहा कि जब प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को भी नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार नहीं मिल सकता और उसे जिला अस्पताल भेजने की सलाह दी जाती है, तो ऐसे अस्पताल का क्या लाभ है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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वहीं मामले पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. महेशपाल सिंह का कहना है कि अस्पताल में कोई महिला जमीन पर नहीं लेटी रही। गर्भवती महिलाओं को तुरंत उपचार दिया जाता है जरूरत पर एंबुलेंस से जिला अस्पताल रेफर किया जाता है।