{"_id":"5f78b5598ebc3e5fac5aaa88","slug":"power-workers-protest-against-privatization-by-boycotting-work-etawha-news-knp586328819","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर किया निजीकरण का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर किया निजीकरण का विरोध
विज्ञापन
Power workers protest against privatization by boycotting work
- फोटो : ETAWHA
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में सभी बिजली संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने तीन घंटे का कार्य बहिष्कार कर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।
शनिवार को दोपहर दो से शाम पांच बजे तक बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे। सभी ने सरकार की गलत नीतियों के विरोध में जोरदार नारेबाजी की।
धरना प्रदर्शन के संयोजक एवं अभियंता संघ शाखा के सचिव कुमार सौरभ ने कहा कि सरकार आपदा में भी अवसर तलाश रही है। कोरोना महामारी में बिजली कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर बेहतर सुविधाएं प्रदान करने लगे हैं।
विज्ञापन
जूनियर इंजीनियर संघ के जिला सचिव यगेंद्र कुमार ने कहा कि निजीकरण विघटन की तैयारी सरकार ने विभागीय घाटा कम करने की मंशा वर्ष 2000 में कई गई थी।
उस समय मात्र 77 करोड़ का घाटा था, जो अब सरकार की गलत नीतियों की वजह से बढ़कर 95 हजार करोड़ हो गया है।
विरोध प्रदर्शन में राज्य विद्युत परिषद प्रा.वि. संघ के जिलाध्यक्ष राहुल देव चौहान, उप्र राज्य विद्युत परिषद जू.इंजी.संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार कार्यालय सहायक संघ के जिलाध्यक्ष रामजी के अलावा राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ, विद्युत कार्यालय सहायक संघ, उप्र बिजली कर्मचारी संघ, उप्र बिजली मजदूर संगठन हाइड्रो, इंप्लाइज यूनियन आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
शनिवार को दोपहर दो से शाम पांच बजे तक बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे। सभी ने सरकार की गलत नीतियों के विरोध में जोरदार नारेबाजी की।
विज्ञापन
धरना प्रदर्शन के संयोजक एवं अभियंता संघ शाखा के सचिव कुमार सौरभ ने कहा कि सरकार आपदा में भी अवसर तलाश रही है। कोरोना महामारी में बिजली कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर बेहतर सुविधाएं प्रदान करने लगे हैं।
विज्ञापन
जूनियर इंजीनियर संघ के जिला सचिव यगेंद्र कुमार ने कहा कि निजीकरण विघटन की तैयारी सरकार ने विभागीय घाटा कम करने की मंशा वर्ष 2000 में कई गई थी।
उस समय मात्र 77 करोड़ का घाटा था, जो अब सरकार की गलत नीतियों की वजह से बढ़कर 95 हजार करोड़ हो गया है।
विरोध प्रदर्शन में राज्य विद्युत परिषद प्रा.वि. संघ के जिलाध्यक्ष राहुल देव चौहान, उप्र राज्य विद्युत परिषद जू.इंजी.संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार कार्यालय सहायक संघ के जिलाध्यक्ष रामजी के अलावा राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ, विद्युत कार्यालय सहायक संघ, उप्र बिजली कर्मचारी संघ, उप्र बिजली मजदूर संगठन हाइड्रो, इंप्लाइज यूनियन आदि शामिल रहे।