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Etawah News: मुख्य डाकघर में 38 दिनों से डाक सेवाएं ठप
Thu, 13 Jul 2023 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 13 Jul 2023 12:32 AM IST
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फोटो 08::::: मुख्य डाकघर में खाली पड़ी पोस्टमास्टर की कुर्सी। संवाद
- चोरी गया कंप्यूटर, नोट गिनने की मशीन, प्रिंटर आदि सामान बरामद होने के बाद भी व्यवस्था नहीं हो सकी बहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
जसवंतनगर। मुख्य डाकघर 38 दिनों से कामकाज ठप है। जैसे-तैसे डाक वितरण का काम नगर में हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक छांटकर हफ्ते में एक या दो दिन भेजी जा रही है। अन्य डाक विभाग की ओर से प्रदत्त की जाने वाली तथा वित्तीय सेवाएं पूरी तरह बंद है।
पोस्टऑफिस में बचत खाता, साविधि जमा खाता व अन्य बजत योजनाओं आदि में अपना पैसा जमा और निकासी करते हैं। डाकघर से जसवंतनगर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्थित कई उप डाकघर भी जुड़े हैं। मुख्य डाकघर में चार जून की रात को चोरों ने कंप्यूटर, नोट गिनने की मशीन, प्रिंटर आदि चोरी कर लिए थे पुलिस ने छह जून को ही चोरों को धर दबोचा था। चोरी गए सामान बरामद कर लिए थे, फिर भी विभाग से जुड़ी सेवाएं 38 दिनों बाद भी सामान्य नहीं हुई है।
बताया गया है कि पुलिस चीफ पोस्टमास्टर को सभी चोरी किए गए उपकरण, कंप्यूटर आदि सौंपा दिए थे। पोस्टमास्टर मुकेश सक्सेना और पीए चक्रपाणि का तबादला 16 और 19 जून को कर दिया। उनके तबादले के बाद दूसरे लोग भी नहीं भेजे गए। डाकपाल सुनील चौधरी अकेले कार्यभार संभाले है। केवल एक कंप्यूटर इस बीच भेजा गया, जो केवल डाक बांटने, चढ़ाने के काम करने में उपयोग हो रहा है। स्टाफ और कंप्यूटरों की कमी से पूरी तरह डाक वितरण भी नगर में नियमित नहीं हो पा रहा है। यहां तक गया है कि साधारण डाक तो कई कई दिन बट ही नहीं पा रही है।
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कंप्यूटरों की कमी से रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट, पार्सल आदि डाक बुकिंग भी इस पोस्ट से प्रभावित है। सबसे ज्यादा परेशानी तो यहां डाकघर में धन जमा करने वालों और धन निकासी करने वालों को है। डाकघर से रोजाना 20-25 लाख रुपये का लेनदेन होता है। सबसे ज्यादा तो वह गरीब तबका परेशान है। इसका पैसा और बचत खाते, एफडी आदि जमा है। वह चाह कर भी निकासी नहीं कर पा रहे हैं। रोज डाकघर के चक्कर आज कल के चक्कर में लगाते लगाते परेशान हैं।
जिले के मुख्य पोस्टमास्टर को लोगों ने फोन कर कई बार यहां की स्थिति से अवगत कराया, मगर उन्होंने व्यवस्था ठीक करने की कोई पहल नहीं की। उल्टे एक बार फोन करने के बाद, दूसरी बार पोस्ट मास्टर का फोन ही नहीं उठाया गया। इस स्थिति से परेशान पोस्ट ऑफिस के एजेंट और ग्राहक वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन देने तथा धरना- प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।
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- चोरी गया कंप्यूटर, नोट गिनने की मशीन, प्रिंटर आदि सामान बरामद होने के बाद भी व्यवस्था नहीं हो सकी बहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
जसवंतनगर। मुख्य डाकघर 38 दिनों से कामकाज ठप है। जैसे-तैसे डाक वितरण का काम नगर में हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक छांटकर हफ्ते में एक या दो दिन भेजी जा रही है। अन्य डाक विभाग की ओर से प्रदत्त की जाने वाली तथा वित्तीय सेवाएं पूरी तरह बंद है।
पोस्टऑफिस में बचत खाता, साविधि जमा खाता व अन्य बजत योजनाओं आदि में अपना पैसा जमा और निकासी करते हैं। डाकघर से जसवंतनगर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्थित कई उप डाकघर भी जुड़े हैं। मुख्य डाकघर में चार जून की रात को चोरों ने कंप्यूटर, नोट गिनने की मशीन, प्रिंटर आदि चोरी कर लिए थे पुलिस ने छह जून को ही चोरों को धर दबोचा था। चोरी गए सामान बरामद कर लिए थे, फिर भी विभाग से जुड़ी सेवाएं 38 दिनों बाद भी सामान्य नहीं हुई है।
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बताया गया है कि पुलिस चीफ पोस्टमास्टर को सभी चोरी किए गए उपकरण, कंप्यूटर आदि सौंपा दिए थे। पोस्टमास्टर मुकेश सक्सेना और पीए चक्रपाणि का तबादला 16 और 19 जून को कर दिया। उनके तबादले के बाद दूसरे लोग भी नहीं भेजे गए। डाकपाल सुनील चौधरी अकेले कार्यभार संभाले है। केवल एक कंप्यूटर इस बीच भेजा गया, जो केवल डाक बांटने, चढ़ाने के काम करने में उपयोग हो रहा है। स्टाफ और कंप्यूटरों की कमी से पूरी तरह डाक वितरण भी नगर में नियमित नहीं हो पा रहा है। यहां तक गया है कि साधारण डाक तो कई कई दिन बट ही नहीं पा रही है।
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कंप्यूटरों की कमी से रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट, पार्सल आदि डाक बुकिंग भी इस पोस्ट से प्रभावित है। सबसे ज्यादा परेशानी तो यहां डाकघर में धन जमा करने वालों और धन निकासी करने वालों को है। डाकघर से रोजाना 20-25 लाख रुपये का लेनदेन होता है। सबसे ज्यादा तो वह गरीब तबका परेशान है। इसका पैसा और बचत खाते, एफडी आदि जमा है। वह चाह कर भी निकासी नहीं कर पा रहे हैं। रोज डाकघर के चक्कर आज कल के चक्कर में लगाते लगाते परेशान हैं।
जिले के मुख्य पोस्टमास्टर को लोगों ने फोन कर कई बार यहां की स्थिति से अवगत कराया, मगर उन्होंने व्यवस्था ठीक करने की कोई पहल नहीं की। उल्टे एक बार फोन करने के बाद, दूसरी बार पोस्ट मास्टर का फोन ही नहीं उठाया गया। इस स्थिति से परेशान पोस्ट ऑफिस के एजेंट और ग्राहक वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन देने तथा धरना- प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।