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15 साल पहले गायब महिला को पुलिस ने उसके भाई से मिलाया
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साल पहले गायब महिला को पुलिस ने उसके भाई से मिलाया
- फोटो : ETAWHA
इटावा। पंद्रह वर्ष पूर्व परिवार से बिछड़ी आजमगढ़ की महिला का पता खोजकर थाना ऊसराहार पुलिस ने उसके परिजनों को सौंपा। इस मिलन पर परिजनों और महिला की आंखों में आंसुओं की धार बहने लगी। ऊसराहार पुलिस ने महिला को नये कपड़े और मिठाई देकर विदा किया।
गुरुवार की रात में एक महिला के कुंइता सरैया गांव में अकेले घूमने पर ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष ऊसराहार जितेंद्र प्रताप सिंह को सूचना दी। मौके पर पहुंची ऊसराहार पुलिस महिला को थाना ले आई।
मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर होने के कारण महिला सिर्फ जनपद आजमगढ़ की निवासी होना बता पा रही थी। इस पर थानाध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने आजमगढ़ के एक एक थाना का नाम बताकर पूछा तब महिला ने एक थाना सुधारी का नाम बताया।
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वहां संपर्क करने पर गांव का नाम लग्गूपुर बताया जिसे महिला ने पहिचान लिया। उसके परिजनों को सूचना देने पर शुक्रवार शाम को उसके भाई दिलराज और बलराम सिंह थाना ऊसराहार पहुंचे थाना पहुंचे।
भाइयों ने बताया कि वह महिला उनकी बहन मंगरी पुत्री लड़ई कुमार है। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण वह पंद्रह वर्ष घर से लापता थी। इतने दिनों बाद थाना ऊसराहार में बहन के मिलने पर दोनों भाइयों ने उसे गले से लगा लिया जिसे देखकर पुलिस कर्मियों की आंखों से भी आंसू छलक उठे।
इसके बाद थानाध्यक्ष ने महिला को कपड़े और मिठाई देकर विदा कर दिया। थानाध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि महिला आजमगढ़ से पंद्रह वर्ष पूर्व परिजनों से बिछड़ गई थी।
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गुरुवार की रात में एक महिला के कुंइता सरैया गांव में अकेले घूमने पर ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष ऊसराहार जितेंद्र प्रताप सिंह को सूचना दी। मौके पर पहुंची ऊसराहार पुलिस महिला को थाना ले आई।
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मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर होने के कारण महिला सिर्फ जनपद आजमगढ़ की निवासी होना बता पा रही थी। इस पर थानाध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने आजमगढ़ के एक एक थाना का नाम बताकर पूछा तब महिला ने एक थाना सुधारी का नाम बताया।
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वहां संपर्क करने पर गांव का नाम लग्गूपुर बताया जिसे महिला ने पहिचान लिया। उसके परिजनों को सूचना देने पर शुक्रवार शाम को उसके भाई दिलराज और बलराम सिंह थाना ऊसराहार पहुंचे थाना पहुंचे।
भाइयों ने बताया कि वह महिला उनकी बहन मंगरी पुत्री लड़ई कुमार है। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण वह पंद्रह वर्ष घर से लापता थी। इतने दिनों बाद थाना ऊसराहार में बहन के मिलने पर दोनों भाइयों ने उसे गले से लगा लिया जिसे देखकर पुलिस कर्मियों की आंखों से भी आंसू छलक उठे।
इसके बाद थानाध्यक्ष ने महिला को कपड़े और मिठाई देकर विदा कर दिया। थानाध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि महिला आजमगढ़ से पंद्रह वर्ष पूर्व परिजनों से बिछड़ गई थी।