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आपत्तियों पर टिकी आखिरी उम्मीद: महेवा अव्वल, ताखा में सबसे कम

Tue, 09 Mar 2021 10:41 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 10:41 PM IST
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आरक्षण को लेकर चुनाव मैदान से बाहर होने जा रहे संभावित उम्मीदवारों ने अभी भी उम्मीद नहीं छोड़ी है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आरक्षण सूची पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
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उन्हें उम्मीद है कि शायद आपत्तियों के निस्तारण से ही कुछ उद्धार हो जाए। ब्लॉक मुख्यालयों पर सोमवार तक प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों को जिला पंचायतराज विभाग में भेजा गया है।
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पूरे जिले में अलग अलग पदों के लिए 323 आपत्तियां दर्ज हुईं हैं। इनमें आरक्षण बदलने की मांग की गई है। सबसे ज्यादा आपत्तियां महेवा में और सबसे कम ताखा में आई हैं।
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ज्यादातर आपत्तियों में आरक्षण में फेरबदल की मांग की गई है। जिले में 471 ग्राम पंचायतों में चुनाव होने हैं। इसके साथ ही आठ ब्लाक प्रमुख और 24 जिला पंचायत सदस्यों के साथ ही बीडीसी व ग्राम पंचायत सदस्यों के पदों के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं।
सभी आपत्तियों को जिला पंचायत राज कार्यालय में एकत्रित कर लिया गया है। इनके निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इन आपत्तियों के निस्तारण के बाद आरक्षण का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
सबसे ज्यादा आपत्तियां प्रधान पद को लेकर आईं हैं। कुल 323 आपत्तियां में से 279 आपत्तियां तो प्रधान के पद का आरक्षण बदलने को लेकर ही आई हैं। इसके विपरीत जिले के ब्लाक प्रमुख के पदों पर आपत्तियां नहीं के बराबर आई है। सिर्फ महेवा ब्लाक प्रमुख के पद पर दो आपत्तियां आईं हैं।
पंचायत चुनावों में निर्वाचन आयोग डाल-डाल तो संभावित प्रत्याशी पात-पात हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से नोड्यूज प्रमाण पत्र की अनिवार्यता की है। प्रत्याशी सहकारी बैंक, बिजली, ग्राम पंचायत, जिला पंचायत आदि किसी विभाग का बकायेदार नहीं होना चाहिए।
संभावित प्रत्याशियों ने इसकी काट भी ढूंढ ली है। विभिन्न संस्थाओं के बकायेदारों ने अब अपनी जगह पत्नी अथवा पुत्री को चुनाव मैदान में उतारने का मन बनाया है। बकायेेदारी जमा भी नहीं करनी पड़ेगी और नो ड्यूज भी मिल जाएगा। ऐसी जुगत लगाने वाले उम्मीदवारों की संख्या भी कम नहीं है।

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्याशी को सहकारी बैंक, क्षेत्रीय बैंक, बिजली विभाग, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत का बकायेदार नहीं होना चाहिए।
इन सब विभागों से प्राप्त नो ड्यूज प्रमाण पत्र नामांकन के साथ देना होगा। ऐसे में संभावित प्रत्याशियों को काफी रकम नो ड्यूज में जमा कराने का भय सता रहा था। इसके लिए अब ज्यादातर संभावित दावेदार अपनी बेटियों और पत्नियों के नाम नो ड्यूज हासिल करने में लगे हैं।
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