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यमुना पर पांटून पुल बनाने की अभी तक नहीं मिली अनुमति

Wed, 17 Nov 2021 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 11:57 PM IST
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pipa pul
चकरनगर। यमुना नदी पर बनने वाले पांटून पुल के निर्माण के लिए सेंच्युरी विभाग ने अभी तक अनुमति नहीं दी है। नदी के दो घाटों पर हर साल एक नवंबर से एक जुलाई तक आवागमन के लिए करीब 50 गांवों के लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इस बार क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों और जलीय जीवों को ध्वनि प्रदूषण से नुकसान का अंदेशा जताते हुए सेंच्युरी विभाग इस पर रोक लगाने का विचार कर रहा है। हर साल यमुना नदी के नौगांवा के अंदावा घाट और भरेह स्थित धर्मपुरा के कैथोली घाट पर पुल बनते हैं।
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नौगांवा में पुल बनने से महेवा जाने के लिए लोगों को सुगमता हो जाती है। नदी किनारे खेती करने वाले किसानों को भी सुविधा रहती है। पुल न बनने के कारण ग्रामीणों को नाव से होकर ही आवागमन करना पड़ेगा। इसके अलावा क्षेत्र के लोगों को चकरनगर कस्बा होते हुए महेवा की ओर जाना पड़ेगा। इस रास्ते से जाने में 30 किलोमीटर का चक्कर लगेगा। नौगांवा, गौहानी, खिरीटी, रनिया, ककरैया, कांयछी, गोपालपुरा, पाली, राजपुर आदि गांवों के लोग पुल न बनने से परेशान होंगे।
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भरेह पर नदी में पांटून पुल बनने से संगम क्षेत्र में लोगों को पूजा अर्चना में आसानी हो जाती थी। पुल न बनने से लोगों को गढ़ा कास्दा, सिकरौड़ी के पक्के पुल से आवागमन करना पड़ेगा। जिससे लोगों को करीब 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। पुल बनने से सबसे ज्यादा सुविधा किसानों को होती है। नदी में जलस्तर कम होते ही हर साल नवंबर माह में लोक निर्माण विभाग पुल बनाना शुरू कर देता है। क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से पांटून पुल बनाए जाने की मांग की है। भरेह क्षेत्र चकरपुरा, महुआ सूडा, पथर्रा, नीमाडांडा, हरौली, निवी, अमदापुर, पहलन आदि गांव के लोग प्रभावित होंगे।
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भरेह संगम स्थित धरमपुरा पुल न बनने के कारण कार्तिक पूर्णिमा पर संगम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। भारेश्वर शिवालय के पुजारी चंबल गिरी ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को मंदिर में औरैया जनपद से श्रद्धालु सिकरोड़ी घाट या अन्य वैकल्पिक संसाधनों से मंदिर आते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर यमुना व चंबल के संगम पर स्थित मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। पांटून पुल का निर्माण बहुत ही जरूरी है। जिससे क्षेत्रीय लोगों की समस्याओं का भी समाधान होगा। किसानों को भी लाभ मिलेगा सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
लोक निर्माण विभाग अवर अभियंता गगन कुमार ने बताया कि नौगांवा अंदावा घाट पर पांटून पुल बनाए जाने के लिए विभाग ने सेंच्युरी विभाग से स्वीकृति के लिए पत्र भेजा है।

सेंच्युरी वन क्षेत्राधिकारी चकरनगर हरि किशोर शुक्ला ने बताया कि पुल बनने से ध्वनि प्रदूषण होता है। जिसके कारण संरक्षित जलीय जीवों व प्रवासी पक्षियों के ठहराव में बाधा उत्पन्न होती है। जिसके कारण पांटून पुल के निर्माण पर फिलहाल मंथन चल रहा है।
उप जिला अधिकारी चकरनगर देवेंद्र कुमार पांडे ने बताया क्षेत्रीय लोगों की समस्या को लेकर शीघ्र ही विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी।
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