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लगाए रहे कतार, कैश मिलने का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Wed, 30 Nov 2016 11:09 PM IST
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बैंक ऑफ बड़ौदा में नगदी न होने पर टांगा गया बोर्ड।
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के बाद नगदी की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। लोग बैंकों के रवैये से त्रस्त हैं। बुधवार सुबह से बैंकों और एटीएम के बाहर भीड़ लगी रही। काफी देर इंतजार के बाद कैश भी न होने की बात कहकर लोगों को लौटा दिया गया। कचहरी रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में दोपहर 12 बजे के बाद नगदी न होने की तख्ती टांग दी गई। ग्राहकों ने बैंकों पर मनमर्जी का आरोप लगाया है।
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बुधवार को घने कोहरे के बाद भी बैंकों में लोगों की भीड़ कम नहीं हुई। कतार में लगे ग्राहकों को बैंकों के खुलने का इंतजार रहा। लेकिन नोटबंदी के 21वें दिन भी हालात में कोई बदलाव नहीं दिखा। तिकोनिया स्थित स्टेट बैंक मंडी शाखा पर सुबह 9 बजे तक सौ लोग लाइन में लग चुके थे। बढ़पुरा ब्लाक क्षेत्र के सारंगपुरा निवासी ओमपाल खाताधारक पत्नी को लेकर लाइन में लगे मिले। बैंक खुलने से पहले इतनी दूर से आने का कारण पूछने पर उन्हाेंने कहा कि नगदी की किल्लत बनी हुई है। जरा देर हो जाने पर बैरंग लौटने से अच्छा है कि टाइम से पहले लाइन में लग जाएं। इसीलिए घने कोहरे के बाद भी यहां खड़े हैं।
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कचहरी रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पर लोगों को निराशा हाथ लगी। यहां दोपहर 12 बजे तक तमाम लोग कतार में लगे थे। इसी बीच बैंक गेट का शटर बंद कर दिया गया। बोर्ड टांग दिया गया कि नगदी उपलब्ध नहीं है। वहीं बैंक शाखा प्रबंधक नगदी की कमी होने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि पांच सौ का नया नोट न आने से परेशानी हो रही है। शास्त्री चौराहा स्थित एसबीआई मेन ब्रांच के चीफ मैनेजर आशीष गुप्ता ने कहा कि जो धनराशि उपलब्ध है, उसी से भुगतान किया जा रहा है।
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