फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   people gives much but vip refrence taken away

जनता ने दिया भरपूर पर वीआईपी दर्जा हुआ दूर

Sun, 19 Mar 2017 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
अमर उजाला ब्यूरो इटावा Updated Sun, 19 Mar 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
people gives much but vip refrence taken away
मुलायम सिंह यादव - फोटो : प्रतीकात्‍मक

मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के तौर पर यूपी को दो-दो मुख्यमंत्री देने वाला जिला आज भाजपा सरकार में हाशिये पर है। पांच साल तक वीआईपी ओहदे का सम्मान पाने वाले इस जिले को योगी मंत्रिमंडल में कोई तवज्जो नहीं दी गई। खास बात ये है कि जिले वासियों से ये रुतबा तब छीना गया है, जब मंत्रिमंडल में यूपी के हर क्षेत्र और वर्ग को साधने की कवायद की गई है। यहीं नहीं जिले के वोटरों ने भी तीन में से दो सीटें भाजपा की झोली में डालकर अपनी भागीदारी बखूबी निभाई हैं। लोगों को उम्मीद थी कि दो महिला विधायकों में से किसी एक को राज्य मंत्री से जरूर नवाजा जाएगा।

विज्ञापन

यूपी में भाजपा सरकार के सत्ता संभालते ही जिले की वीआईपी हनक के बरकरार रहने न रहने पर चर्चा शुरू हो गई। आने वाले दिनों में योगी सरकार का जिले को लेकर क्या रुख रहेगा, फिलहाल ये तो साफ नहीं है। लेकिन सपा सरकार के रहते जिले को जो महत्व लखनऊ में मिलता रहा, वैसा मुमकिन नहीं है। सपा के गढ़ में भरथना और इटावा विधानसभा सीटों पर क्षेत्र के लोगों ने सपा के वर्चस्व को तोड़ते हुए भगवा फहराया है। भरथना में सावित्री कठेरिया की जीत इस मायने में ज्यादा महत्वपूर्ण है कि यहां आजादी के बाद पहली बार भाजपा जीती है। इसी तरह सपा की प्रतिष्ठा से जुड़ी इटावा सदर सीट भी सरिता भदौरिया के रूप में भाजपा की झोली में आई।
विज्ञापन

जिले के लोग अपनी ये मंशा 2014 के लोकसभा चुनाव में जता चुके हैं। इटावा, औरैया और कानपुर देहात की कुल 5 विधानसभा क्षेत्रोें की इटावा संसदीय सीट से भी भाजपा के अशोक दोहरे को जिताया था। सपा सरकार में हुए उक्त लोकसभा चुनाव में भी जिले के लोगों ने भाजपा और खास कर नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी आस्था जताई थी। समाजवादी पार्टी के गढ़ में भाजपा बढ़ती पैठ के बावजूद जिले से किसी विधायक को योगी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में पहले भी 1991 और 1996 के विधानसभा चुनावों में सदर सीट से भाजपा विधायक जीत हासिल हो चुकी है। लेकिन जिलेवासियों को वीआईपी रुतबा सपा सरकार के दौरान ही मिलता रहा है। यही वजह रही है कि सत्ता से बाहर होने के बाद भी जिले में सपा की धमक बरकरार रही है। इस बार यह कयास अवश्य लग रहे थे कि  भाजपा  सरकार में जिले का भी प्रतिनिधित्व रहेगा। लेकिन ये पूरा नहीं हो सका।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed