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विशेषज्ञ न आने से मरीजों का आरोग्य मेले से होने लगा मोहभंग

Sun, 19 Jun 2022 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2022 11:51 PM IST
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Patients started getting disillusioned with the health fair due to lack of specialist
भरथना के बहारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर के जाने के बाद बच्चे को देखता फार्मासिस्ट। - फोटो : ETAWAH
इटावा। प्रत्येक रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने वाले स्वास्थ्य मेलों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं पहुंच रहे हैं। पीएचसी पर तैनात डॉक्टर, फार्मासिस्ट ही गोलियां देकर मरीजों को रवाना कर देते हैं, जांचें भी नहीं हो पा रहीं हैं। इससे मेलों में मरीजों की संख्या लगातार घट रही है। 29 मई के स्वास्थ्य मेले में 2539 मरीज पहुंचे थे, पांच जून को संख्या घटकर 2105 रह गई। 12 जून को कुछ संख्या बढ़ी और 2183 मरीज पहुंचे। 19 जून को केवल 1906 मरीज ही स्वास्थ्य मेलों में पहुंचे।
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शहर के साबितगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) दोपहर दो बजे तक सिर्फ 15 मरीज आए। डॉ. जितेंद्र ने बताया ज्यादातर मरीज खांसी, जुकाम के ही थे। मड़ैया शिवनारायन पीएचसी पर 46 मरीज पहुंचे। भरथना संवाद के अनुसार, बहारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर 12 बजे फार्मेसिस्ट धीरज कुमार मरीजों को दवाइयां दे रहे थे। उन्होंने बताया कि सीएचसी से डॉ. जितेंद्र बाजपेई 10 बजे आए थे और डेढ़ घंटे बाद चले गए। करीब 76 मरीज आए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित दीक्षित ने बताया कि डॉ. जितेंद्र बाजपेई की ड्यूटी लगाई गई है। वह क्यों चले गए, इसकी जानकारी कराई जाएगी।
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ताखा संवाद प्रतिनिधि के अनुसार ऊसराहार, खरगपुर सरैया, ताखा व समथर पीएचसी में भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं पहुंचे। पटियात के सुखवीर ने बताया कि भूख न लगने की शिकायत है, दिखाने आए थे लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिले। ऊसराहार में 27, ताखा में 25, खरगपुर सरैया में 22 और समथर 29 मरीज पहुंचे।
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बकेवर संवाद प्रतिनिधि के अनुसार पीएचसी बिजौली पर 38 मरीजों को फार्मेसिस्ट पंकज कटियार ने दवा दी। लखना में प्रभारी डॉ संदीप व महेवा सीएचसी से आईं डॉ. अनीता ने मरीजों की जांच की। यहां केवल 18 मरीज पहुंचे। जसवंतनगर संवाद प्रतिनिधि के अनुसार बलरई पीएचसी पर डॉ. विवेक गुप्ता ने 51 मरीज देखे।

मरीज व तीमारदार बोलेन
गला सबल गांव के सहदेव सिंह ने बताया कि बुखार आने पर दवा लेने आए हैं। दवाएं मिल गई हैं। पीएचसी पर डॉक्टर कम ही रहते हैं। बहारपुर गांव की सुधा देवी ने बताया बेटी को खुजली की समस्या होने पर उसे दिखाने आई थी। कोई विशेषज्ञ नहीं होने की वजह से दिक्कत होती है। फिलहाल आज तो डॉक्टर भी नहीं बैठे थे। फार्मासिस्ट देखकर दवाएं दे दीं। ढकपुरा गांव की कांती देवी ने बताया कि बुखार की समस्या होने पर दवा लेने आई हैं। डॉक्टर न होने पर फार्मासिस्ट ने दवा दी है। अब मेले में आने का कोई फायदा नहीं है। सीएचसी पर ही जाकर दिखाया करेंगे।

मरीज कम आने की वजह से सन्नाटे में बैठे खरगपुर सरइया पर मरीज। संवाद

मरीज कम आने की वजह से सन्नाटे में बैठे खरगपुर सरइया पर मरीज। संवाद- फोटो : ETAWAH

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