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विवि आने वाले मरीज बिना इलाज न लौटें : डिप्टी सीएम
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फोटो 37: सैफई की इमरजेंसी में मरीजों से पूछताछ करते डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक।
इटावा। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक बुधवार को आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोई भी मरीज संसाधनों के अभाव में वापस न लौटे। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का उद्घाटन किया। बैंक ऑफ इंडिया और विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। जिससे संस्थागत व बैंकिंग सेवाएं मजबूत होंगी।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के तहत एआई आधारित अपॉइंटमेंट प्रणाली और टेली-डायग्नोस्टिक सुविधा शुरू की गई। कुलपति प्रो. अजय सिंह ने बताया कि 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी और 300 बेड का गायनी अस्पताल 2026 के अंत तक संचालित होगा। आधुनिक सर्जिकल सुविधाओं के विस्तार के लिए दो रोबोटिक इकाइयों की खरीद प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है।
समारोह में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के अलावा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह भी मौजूद रहे। सदर विधायक सरिता भदौरिया, जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता और जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ल भी शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी रहे। बाद में स्वास्थ्य मंत्री ने इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीजों से इलाज की जानकारी ली।
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स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज प्राथमिकी को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और न्यायालय सर्वोपरि है। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 100 विधायक लाकर मुख्यमंत्री बनाने की बात का जवाब देते हुए कहा कि इस तरह के सवालों का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया।
समारोह के बाद सपाइयों ने स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के संबोधन में नेताजी का नाम न लेने व फोटो न होने पर नाराजगी व्यक्त की। सपा के प्रदेश सचिव व पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने इटावा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कवि गोपालदास नीरज व इटावा से तीन बार सांसद रहे अर्जुन सिंह भदौरिया का नाम लिया। वहीं सपा के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का नाम संबोधन में शामिल नहीं किया।
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डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के तहत एआई आधारित अपॉइंटमेंट प्रणाली और टेली-डायग्नोस्टिक सुविधा शुरू की गई। कुलपति प्रो. अजय सिंह ने बताया कि 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी और 300 बेड का गायनी अस्पताल 2026 के अंत तक संचालित होगा। आधुनिक सर्जिकल सुविधाओं के विस्तार के लिए दो रोबोटिक इकाइयों की खरीद प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है।
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समारोह में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के अलावा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह भी मौजूद रहे। सदर विधायक सरिता भदौरिया, जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता और जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ल भी शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी रहे। बाद में स्वास्थ्य मंत्री ने इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीजों से इलाज की जानकारी ली।
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स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज प्राथमिकी को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और न्यायालय सर्वोपरि है। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 100 विधायक लाकर मुख्यमंत्री बनाने की बात का जवाब देते हुए कहा कि इस तरह के सवालों का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया।
समारोह के बाद सपाइयों ने स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के संबोधन में नेताजी का नाम न लेने व फोटो न होने पर नाराजगी व्यक्त की। सपा के प्रदेश सचिव व पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने इटावा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कवि गोपालदास नीरज व इटावा से तीन बार सांसद रहे अर्जुन सिंह भदौरिया का नाम लिया। वहीं सपा के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का नाम संबोधन में शामिल नहीं किया।