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महिला के लिए आरक्षित चली आ रही हेवरा की सीट पर बदलाव की मांग
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ब्लॉक क्षेत्र की हेवरा ग्राम पंचायत पिछले 25 वर्षों से लगातार महिला के लिए आरक्षित चली आ रही है। इस पर अनंतिम आरक्षण सूची प्रकाशन के आखरी दिन बहादुरपुर गांव निवासी नरेश चंद्र यादव ने आपत्ति की है और इसमें बदलाव कराए जाने का आग्रह किया है।
नरेश चंद्र यादव ने खंड विकास अधिकारी को दी गई आपत्ति में कहा है कि सबसे पहले वर्ष 1996 में हेवरा सीट को पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया था।
उसके बाद से लगातार यह सीट कभी अनुसूचित जाति की महिला और कभी पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होती है।
इस सीट पर करीब 40 साल तक स्व. हरगोविंद सिंह यादव और दयालु निर्विरोध प्रधान निर्वाचित होते आए थे, उनके द्वारा गांव पंचायत के लोगों के बीच चुनाव न लड़ने का एलान किए जाने के बाद उनकी पौत्र वधू प्रधान रही हैं।
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उसके बाद गत चुनाव में भी यहां अनुसूचित जाति की महिला ही प्रधान थी। नरेश यादव ने आपत्ति दाखिल करते हुए प्रशासन से आग्रह किया है कि बदल कर इस बार किसी पुरुष को चुनाव लड़ने का मौका दिया जाए।
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नरेश चंद्र यादव ने खंड विकास अधिकारी को दी गई आपत्ति में कहा है कि सबसे पहले वर्ष 1996 में हेवरा सीट को पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया था।
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उसके बाद से लगातार यह सीट कभी अनुसूचित जाति की महिला और कभी पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होती है।
इस सीट पर करीब 40 साल तक स्व. हरगोविंद सिंह यादव और दयालु निर्विरोध प्रधान निर्वाचित होते आए थे, उनके द्वारा गांव पंचायत के लोगों के बीच चुनाव न लड़ने का एलान किए जाने के बाद उनकी पौत्र वधू प्रधान रही हैं।
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उसके बाद गत चुनाव में भी यहां अनुसूचित जाति की महिला ही प्रधान थी। नरेश यादव ने आपत्ति दाखिल करते हुए प्रशासन से आग्रह किया है कि बदल कर इस बार किसी पुरुष को चुनाव लड़ने का मौका दिया जाए।