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सैफई विवि में आक्सीजन प्लांट बंद होने का मामला सीएम तक पहुंचा
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सैफई। सैफई मेडिकल विश्वविद्यालय में ऑक्सीजन प्लांट बंद होने का मामला मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी तक पहुंच गया है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अमर उजाला में रविवार को खबर प्रकाशित होने के बाद संज्ञान में लिया और ऑक्सीजन प्लांट चालू कराने की मांग की है।
प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सैफई विश्वविद्यालय की अव्यवस्थाओं से अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के दोनों ऑक्सीजन प्लांट दो वर्ष से बंद हैं। सैफई में दोनों प्लांटों की क्षमता 54000 लीटर ऑक्सीजन प्रतिदिन की है। प्लांट को चालू कराकर कोरोना संक्रमित रोगियों की जान बचाई जा सके। इस प्लांट से आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के साथ-साथ अन्य अस्पतालों को भी ऑक्सीजन की जरूरत पूरी की जा सकती है।
बताते हैं कि बसपा सरकार में लगे ऑक्सीजन प्लांट में एक बूस्टर मशीन भी लगाई गई है। इस बूस्टर मशीन को खराब हुए लगभग दो माह हो गए हैं। बूस्टर मशीन भी जिम्मेदारों ने सही नहीं कराई है। मशीन की रिपेयरिंग में लगभग दस लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है।
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रोगियों के लिए गाजियाबाद से ट्रक से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाए जा रहे हैं। अगर बूस्टर मशीन सही हो जाती है तो सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में लगे ऑक्सीजन टैंक से यहीं पर सिलिंडर भरे जा सकते हैं।
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प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सैफई विश्वविद्यालय की अव्यवस्थाओं से अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के दोनों ऑक्सीजन प्लांट दो वर्ष से बंद हैं। सैफई में दोनों प्लांटों की क्षमता 54000 लीटर ऑक्सीजन प्रतिदिन की है। प्लांट को चालू कराकर कोरोना संक्रमित रोगियों की जान बचाई जा सके। इस प्लांट से आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के साथ-साथ अन्य अस्पतालों को भी ऑक्सीजन की जरूरत पूरी की जा सकती है।
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बताते हैं कि बसपा सरकार में लगे ऑक्सीजन प्लांट में एक बूस्टर मशीन भी लगाई गई है। इस बूस्टर मशीन को खराब हुए लगभग दो माह हो गए हैं। बूस्टर मशीन भी जिम्मेदारों ने सही नहीं कराई है। मशीन की रिपेयरिंग में लगभग दस लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है।
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रोगियों के लिए गाजियाबाद से ट्रक से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाए जा रहे हैं। अगर बूस्टर मशीन सही हो जाती है तो सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में लगे ऑक्सीजन टैंक से यहीं पर सिलिंडर भरे जा सकते हैं।