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Etawah News: ईएनटी ओपीडी में कान का संक्रमण लेकर पहुंचे 250 से अधिक मरीज

Tue, 01 Sep 2026 10:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 10:54 PM IST
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Over 250 patients visited the ENT OPD with ear infections.
सैफई। लगातार बारिश और मौसम में बढ़ी नमी के कारण कान के फंगल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विवि सैफई के ईएनटी विभाग की ओपीडी में इन दिनों प्रतिदिन 200 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं। मंगलवार को 250 से अधिक मरीजों ने परामर्श लिया। इनमें महिलाएं, बच्चे और युवा बड़ी संख्या में शामिल रहे। अधिकांश मरीजों ने कान में दर्द, खुजली, पानी आने और कान बंद होने की शिकायत बताई।
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ईएनटी विभाग के असिस्टेंट प्रो. डॉ. तेजस्वी गुप्ता ने बताया कि बरसात में नमी और गंदे पानी के संपर्क में आने से कान में फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कई लोग कान में दर्द या खुजली होने पर खुद ही तेल डालने लगते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ सकता है। समय पर उपचार न मिलने पर संक्रमण कान के पर्दे तक पहुंचकर उसे नुकसान पहुंचा सकता है और पर्दे में छेद होने का खतरा भी रहता है। उन्होंने बताया कि कान में दर्द, खुजली, बंद लगना और पानी या मवाद आना फंगल संक्रमण के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण होने पर घरेलू नुस्खे या खुद से दवा लेने के बजाय ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
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मौसम बदलने के साथ नाक और साइनस से संबंधित मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। नाक में बढ़े हुए मांस के कई मामलों में दूरबीन विधि से ऑपरेशन किए जा रहे हैं। विवि में बलून सिनुप्लास्टी जैसी आधुनिक तकनीक से साइनस की जटिल समस्याओं का भी उपचार किया जा रहा है। एलर्जी के कारण लगातार छींक आना, नाक बहना और आंखों से पानी आने की शिकायतें भी बढ़ी हैं। शुरुआती स्तर पर उपचार न मिलने पर समस्या आगे चलकर एलर्जी दमा का रूप ले सकती है। बच्चों में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
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डॉ. गुप्ता ने लोगों को बारिश के मौसम में कान की विशेष देखभाल की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कान में गंदा पानी जाने से बचें। स्विमिंग पूल में जाने से पहले इयर प्लग का इस्तेमाल करें और तालाब या पोखर में स्नान करने से बचें। कान में तेल न डालें और न ही स्वयं कान की सफाई करें। किसी भी तरह की परेशानी होने पर ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लें। समय पर उपचार और थोड़ी सी सावधानी से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
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