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सीमा विवाद में सड़ता रहा शव, आठ दिन बाद कराया पोस्टमार्टम
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इटावा। बिहार प्रदेश के अधेड़ का शव जीआरपी और सिविल लाइन थाने के सीमा विवाद में आठ दिन तक मोर्चरी मेें सड़ता रहा। बदबू होने पर अस्पताल के लोगों ने सीएमओ को सूचना दी। सीएमओ ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी, तब सोमवार को जीआरपी ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
इटावा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर दस जून को बिहार प्रदेश के पटना के जगदंबा पैरा कैरी रोड निवासी पंकज सिन्हा (59) घायल अवस्था में मिले थे। आरपीएफ ने उन्हें जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। 26 जून की दोपहर को पंकज की मौत हो गई। अस्पताल स्टॉफ ने शव को मोर्चरी में रखवाकर थाना सिविल लाइन पुलिस को सूचना दे दी थी।
सिविल लाइन पुलिस ने मेमो जीआरपी थाने को भेज दिया था।
अस्पताल में मौत होेने का हवाला देकर जीआरपी थाने की पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। रेलवे और सिविल लाइन थाना पुलिस के सीमा विवाद में अधेड़ का शव आठ दिनों मोर्चरी में सड़ता रहा।
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जीआरपी थाना प्रभारी नौशाद अहमद ने बताया कि सिविल लाइन से 30 जून मेमो आया था। मृतक के नाम, पते के आधार पर एक सिपाही को बिहार भेजकर जानकारी जुटाई गई। वहां कोई परिजन और रिश्तेदार नहीं मिला। इससे पोस्टमार्टम कराने में अधिक समय लग गया।
इस संबंध में डीएम अवनीश कुमार राय ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। संबंधित अधिकारियों से बात करके जानकारी लेकर देखा जाएगा कि लापरवाही किसकी है।
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इटावा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर दस जून को बिहार प्रदेश के पटना के जगदंबा पैरा कैरी रोड निवासी पंकज सिन्हा (59) घायल अवस्था में मिले थे। आरपीएफ ने उन्हें जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। 26 जून की दोपहर को पंकज की मौत हो गई। अस्पताल स्टॉफ ने शव को मोर्चरी में रखवाकर थाना सिविल लाइन पुलिस को सूचना दे दी थी।
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सिविल लाइन पुलिस ने मेमो जीआरपी थाने को भेज दिया था।
अस्पताल में मौत होेने का हवाला देकर जीआरपी थाने की पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। रेलवे और सिविल लाइन थाना पुलिस के सीमा विवाद में अधेड़ का शव आठ दिनों मोर्चरी में सड़ता रहा।
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जीआरपी थाना प्रभारी नौशाद अहमद ने बताया कि सिविल लाइन से 30 जून मेमो आया था। मृतक के नाम, पते के आधार पर एक सिपाही को बिहार भेजकर जानकारी जुटाई गई। वहां कोई परिजन और रिश्तेदार नहीं मिला। इससे पोस्टमार्टम कराने में अधिक समय लग गया।
इस संबंध में डीएम अवनीश कुमार राय ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। संबंधित अधिकारियों से बात करके जानकारी लेकर देखा जाएगा कि लापरवाही किसकी है।