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गंभीर रोगों से बचा सकता है केवल 20 मिनट का व्यायाम
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सैफई विवि के कुलपति प्रो डा. राजकुमार की लिखित पुस्तक व्यायाम एक आयाम का विमोचन पूर्व केंद्रीय म?
- फोटो : ETAWHA
सैफई (इटावा)। चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति एवं जाने-माने न्यूरो सर्जन प्रो. डा. राजकुमार की लिखित पुस्तक व्यायाम एक आयाम का विमोचन विश्वविद्यालय के आडिटोरियम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. संजय पासवान ने किया। पुस्तक में बताया गया है कि स्वस्थ्य रहना है तो व्यायाम करना जरूरी है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. संजय पासवान ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इट रिजनल एंड इट सीजनल (स्थानीय भोजन एवं मौसमी भोजन) के सिद्धांत को अपनाने के साथ अपनी व्यस्त दिनचर्या में से हर रोज 20 मिनट समय व्यायाम के लिए निकाले तो उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) बेहतर होने के साथ ही वह अनेक गंभीर रोगों से भी बच सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मनुष्य अपने को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए किसी प्रकार का भी सामान्य व्यायाम कर सकता है। बीमारियों से निजात पाने के लिये व्यायाम को चिकित्सकीय व्यायाम की श्रेणी में रखा जाता है। इन चिकित्सकीय व्यायामों को चिकित्सक तथा अनुभवी फिजियोथेरेपीस्ट की सलाह एवं देखरेख में किया जाना चाहिए।
कुलपति एवं न्यूरो सर्जन प्रो. डा. राजकुमार ने कहा कि पुस्तक व्यायाम एक आयाम के माध्यम से व्यायाम से स्वास्थ पर होने वाले सकारात्मक प्रभावों का उल्लेख किया गया है। युवा वर्ग व्यायाम करके ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, डिप्रेशन, कैंसर, कमर एवं घुटने आदि के दर्द से बचाव कर सकते हैं। इसके अलावा जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द एवं ऑपरेशन के बाद की रिकवरी के लिए भी किस प्रकार के व्यायाम उपयोगी हैं को आसान भाषा में इस पुस्तिका में समझाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में इस पुस्तिका को स्लाइड के माध्यम से भी मरीजों को दिखाया जाएगा।
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न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रमाकांत यादव, पुस्तक के सहलेखक एवं पैरामेडिकल कालेज, फिजियोथेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूरज कुमार ने बताया कि व्यायाम एक आयाम पुस्तक में मुख्य रूप से चिकित्सकीय व्यायाम को बताया गया है। इसके अलावा सही तरीके से किये जाने वाले व्यायाम के फायदों पर भी विस्तार से पुस्तक में जानकारी दी गई है। पुस्तक के विमोचन अवसर पर फिजियोथेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूरज कुमार, संकाय अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डा. आदेश कुमार, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, निदेशक वित्त गुरुजीत सिंह कलसी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजन में डा. सोमेंद्र पाल सिंह एवं डा. राजमंगल आदि ने विशेष भूमिका निभाई।
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पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. संजय पासवान ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इट रिजनल एंड इट सीजनल (स्थानीय भोजन एवं मौसमी भोजन) के सिद्धांत को अपनाने के साथ अपनी व्यस्त दिनचर्या में से हर रोज 20 मिनट समय व्यायाम के लिए निकाले तो उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) बेहतर होने के साथ ही वह अनेक गंभीर रोगों से भी बच सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मनुष्य अपने को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए किसी प्रकार का भी सामान्य व्यायाम कर सकता है। बीमारियों से निजात पाने के लिये व्यायाम को चिकित्सकीय व्यायाम की श्रेणी में रखा जाता है। इन चिकित्सकीय व्यायामों को चिकित्सक तथा अनुभवी फिजियोथेरेपीस्ट की सलाह एवं देखरेख में किया जाना चाहिए।
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कुलपति एवं न्यूरो सर्जन प्रो. डा. राजकुमार ने कहा कि पुस्तक व्यायाम एक आयाम के माध्यम से व्यायाम से स्वास्थ पर होने वाले सकारात्मक प्रभावों का उल्लेख किया गया है। युवा वर्ग व्यायाम करके ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, डिप्रेशन, कैंसर, कमर एवं घुटने आदि के दर्द से बचाव कर सकते हैं। इसके अलावा जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द एवं ऑपरेशन के बाद की रिकवरी के लिए भी किस प्रकार के व्यायाम उपयोगी हैं को आसान भाषा में इस पुस्तिका में समझाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में इस पुस्तिका को स्लाइड के माध्यम से भी मरीजों को दिखाया जाएगा।
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न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रमाकांत यादव, पुस्तक के सहलेखक एवं पैरामेडिकल कालेज, फिजियोथेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूरज कुमार ने बताया कि व्यायाम एक आयाम पुस्तक में मुख्य रूप से चिकित्सकीय व्यायाम को बताया गया है। इसके अलावा सही तरीके से किये जाने वाले व्यायाम के फायदों पर भी विस्तार से पुस्तक में जानकारी दी गई है। पुस्तक के विमोचन अवसर पर फिजियोथेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूरज कुमार, संकाय अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डा. आदेश कुमार, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, निदेशक वित्त गुरुजीत सिंह कलसी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजन में डा. सोमेंद्र पाल सिंह एवं डा. राजमंगल आदि ने विशेष भूमिका निभाई।