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Etawah News: जिला अस्पताल में डेढ़ गुना अधिक पहुंचे मरीज
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इटावा। दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल जैसे ही खुला तो मरीजों की भीड़ लग गई। सामान्य दिनों की अपेक्षा डेढ़ गुना अधिक मरीज पहुंचे। इन्हें संभालने के लिए पूर्व सैनिक व होमगार्ड को जगह-जगह तैनात किया गया।
माह के दूसरे शनिवार व रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को संयुक्त जिला अस्पताल में सुबह आठ बजते ही मरीजों का आना शुरू हो गया। दोपहर 12 बजे तक जिला अस्पताल में 1253 मरीजों ने पंजीकरण करवाया। महिलाओं व पुरुषों की दो-दो लाइन लगवाई गई। इसके अलावा दिव्यांगों के काउंटर पर भी भीड़ रही।
सबसे अधिक मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी के अलावा कोल्ड डायरिया के मरीज पहुंचे। फिजीशियन कक्ष के सामने भी लंबी लाइन लगी रही। सर्दी बढ़ते ही बीपी के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। जिला अस्पताल में हर रोज बीपी के 35 से 40 मरीज पहुंचते हैं। डॉक्टर पहले उनकी जांच करवाते हैं। बीपी की जांच कराने के लिए जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी रही।
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जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेसांक सिंह की पोस्टमार्टम में ड्यूटी लगी हुई थी। उनके कक्ष में ताला पड़ा हुआ था। डॉक्टर न होने को लोगों को जानकारी नहीं थी। वह सुबह ही अस्पताल में उन्हें दिखाने आ गए थे। बाद में जानकारी उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
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माह के दूसरे शनिवार व रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को संयुक्त जिला अस्पताल में सुबह आठ बजते ही मरीजों का आना शुरू हो गया। दोपहर 12 बजे तक जिला अस्पताल में 1253 मरीजों ने पंजीकरण करवाया। महिलाओं व पुरुषों की दो-दो लाइन लगवाई गई। इसके अलावा दिव्यांगों के काउंटर पर भी भीड़ रही।
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सबसे अधिक मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी के अलावा कोल्ड डायरिया के मरीज पहुंचे। फिजीशियन कक्ष के सामने भी लंबी लाइन लगी रही। सर्दी बढ़ते ही बीपी के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। जिला अस्पताल में हर रोज बीपी के 35 से 40 मरीज पहुंचते हैं। डॉक्टर पहले उनकी जांच करवाते हैं। बीपी की जांच कराने के लिए जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी रही।
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जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेसांक सिंह की पोस्टमार्टम में ड्यूटी लगी हुई थी। उनके कक्ष में ताला पड़ा हुआ था। डॉक्टर न होने को लोगों को जानकारी नहीं थी। वह सुबह ही अस्पताल में उन्हें दिखाने आ गए थे। बाद में जानकारी उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।