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धनाभाव में अटके सीवर के डेढ़ हजार कनेक्शन

Sat, 19 Sep 2020 11:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 11:09 PM IST
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One and a half thousand connections of sewer stuck due to lack of funds
सीवर लाइन बिछने के छह साल बाद भी न लोगों को इसका लाभ मिला और न ही योजना की मंशा पूरी हुई। इस लाइन से अभी भी डेढ़ हजार कनेक्शन होना शेष है, धनराशि न होने से यह काम अटका पड़ा है।
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शहर को चार जोन में बांटकर सीवर लाइन बिछाई जानी है। इनमें से मध्य जोन में सीवर लाइन पड़ चुकी है। कुल 34.07 करोड़ रुपये की लागत से करीब 25 किमी लंबी सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है।
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इस काम को पूरा हुए छह साल हो चुके हैं, लेकिन इस लाइन से लोगों को शत प्रतिशत कनेक्शन अब तक नहीं दिए गए।
सड़क के किनारे मौजूद आज भी ऐसे तमाम घर मौजूद हैं। जिनसे निकलने वाली गंदगी सीधे नालियों में बहायी जा रही है। नालियों से यह गंदगी यमुना में पहुंच रही है।
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सीवर लाइन को शहर के पास उमरैन में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जोड़ा गया है। जहां गंदे पानी को साफ करके यमुना में छोड़ा जाता है। शहर के मध्य जोन में 3.37 किमी लंबी ट्रंक लाइन मुख्य मार्गों पर और 9.38 किमी लंबी ब्रांच लाइन गलियों और मोहल्लों में बिछाई गई है।
ट्रंक लाइन टिक्सी मंदिर स्थित मुख्य पंपिंग स्टेशन पर जुड़ी है। जहां से उमरैन तक 1980 लंबी राइजिंग लाइन डाली गई है।
पंपिंग स्टेशन से गंदा पानी राइजिंग लाइन के जरिए उमरैन ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचता है। शहर के कई मोहल्लों में ब्रांच लाइन न होने से भी घरों से कनेक्शन देने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
सीवर लाइन बिछाए जाने के बाद कनेक्शन देने तक जलनिगम और नगरपालिका के बीच हीलाहवाली होती रही है। पहले यह कनेक्शन नगरपालिका को देने थे, लेकिन दोनों विभागों के मध्य सामंजस्य न बैठ पाने से यह मसला 2016 तक अटका रहा।
बाद में जलनिगम ने एस्टीमेट तैयार किया। शासन से मंजूरी और पैसा मिलने पर वर्ष 2018 में कनेक्शन देने का काम शुरू हुआ। वर्ष 2020 तक तीन चरणों में 4415 कनेक्शन देकर पालिका को हस्तगत कर दिए गए। अभी भी डेढ़ हजार कनेक्शन होना बाकी है।
जलनिगम के सहायक अभियंता गंगा सिंह ने बताया कि सीवर लाइन की ब्रांच लाइन से जुड़ा एक बड़ा चैंबर बनता है। इसके अलावा एक छोटा चैंबर घर से निकलने वाले कनेक्शन के लिए तैयार किया जाता है।
इसमें लगने वाले पाइप आदि अन्य सामान को मिलाकर करीब 20 हजार रुपये का खर्च आता है। इस लिहाज से डेढ़ हजार कनेक्शन देने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की जरूरत है।

सीवर लाइन से शेष कनेक्शन और ब्रांच लाइन बिछाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी और धनराशि मिलने पर शेष डेढ़ हजार कनेक्शन भी पूरे कर दिए जाएंगे। आरके यादव, एक्सईएन, जलनिगम, इटावा
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