फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Old man dies of dengue in Sirsa, 24 suffering from fever

इटावाः सिरसा में डेंगू से वृद्ध की मौत, 24 बुखार से पीड़ित

Fri, 18 Nov 2022 06:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 18 Nov 2022 06:00 AM IST
विज्ञापन
Old man dies of dengue in Sirsa, 24 suffering from fever
सिरसा में ड्रम में डेंगू मच्छर का लार्वा चेक करते मलेरिया इंस्पेक्टर आशीष राणा। संवाद - फोटो : ETAWAH
चकरनगर। नवंबर का आधा महीना बीतने के बावजूद डेंगू का प्रकोप जानलेवा होता जा रहा है। बुधवार को सैफई मेडिकल कॉलेज में डेंगू का इलाज करा रहे ग्राम सिरसा निवासी 65 वर्षीय सरमन सिंह की मौत हो गई। जबकि गांव में करीब 24 लोग तेज बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। सीएचसी राजपुर में उन्हें इलाज के नाम पर कुछ गोलियां देकर टरका दिया जा रहा है। मजबूरी में ग्रामीणों को प्राइवेट इलाज कराना पड़ रहा है।
विज्ञापन

मृतक सरमन सिंह के पुत्र रामकेश यादव ने बताया कि वह बीमार पिता को लेकर 11 नवंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर गए थे। डॉक्टरों ने एंटीजन टेस्ट कराया पर डेंगू न होने की बात कहकर वायरल की दवा दी। हालत में सुधार न होने पर सीएससी राजपुर से रेफर करा कर सैफई मेडिकल कॉलेज ले गए थे।
विज्ञापन

आरोप है कि सैफई के चिकित्सकों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की रिपोर्ट के आधार पर ही इलाज चालू कर दिया पर बाद में हुई जांच में डेंगू की पुष्टि हो गई। डॉक्टर ने जब तक डेंगू का इलाज शुरू तब तक पिता की हालत बहुत खराब हो चुकी थी। इसी कारण बुधवार को उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रामकेश यादव ने सीएचसी के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। बताया डॉक्टरों की लापरवाही की शिकायत मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को भेजी है।
वहीं, जिला मलेरिया विभाग के निरीक्षण आशीष राणा ने बताया कि सिरसा गांव में करीब 24 ग्रामीण तेज बुखार से पीड़ित हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी से बचा जा सके।
सीएचसी, राजपुर के अधीक्षक डॉ. अजय विक्रम ने कहा कि अस्पताल में बुखार के मरीजों का डेंगू के लक्षण होने पर एंटीजन टेस्ट किया जाता है। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल या सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।
डेंगू का कोई पक्का इलाज नहीं है: मलेरिया इंस्पेक्टर
जिले में डेंगू के लेकर क्या हालात हैं इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के लोग भी हकीकत बयां कर रहे हैं। मलेरिया विभाग के निरीक्षक आशीष राणा का एक वीडियो वायरल हुआ है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती है। वीडियो में कहते दिख रहे हैं कि जिले के अंदर डेंगू का कोई भी पक्का इलाज नहीं है। वायरल फीवर के आधार पर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। उन्हें मेडिसिन दी जा रही है। अस्पतालों में किसी प्रकार की डेंगू के उपचार की व्यवस्था नहीं है।

12 बेड का शिशु डेंगू वार्ड फुल, नौ मरीज और मिले
इटावा। गुरुवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में 31 मरीजों की किट से हुई जांच में नौ डेंगू मरीज मिले। जबकि 12 बेड का शिशु डेंगू वार्ड फुल हो चुका है। जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में 12 बच्चों समेत 26 मरीज भर्ती हैं। जबकि गुरुवार को आठ मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। डेंगू मरीजों का उपचार करने वाले डॉ.अजय शर्मा ने बताया कि गुरुवार को 22 मरीज भर्ती थे, इनमें से आठ को डिस्चार्ज कर दिया है। (संवाद)

सरमन सिंह फाइल फोटो। संवाद

सरमन सिंह फाइल फोटो। संवाद- फोटो : ETAWAH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed