फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Now the dealer will not be able to recover arbitrary quota

कोटा डीलर अब नहीं कर सकेंगे मनमानी वसूली

Thu, 23 Feb 2017 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
अमर उजाला ब्यूरो इटावा Updated Thu, 23 Feb 2017 11:08 PM IST
विज्ञापन
Now the dealer will not be able to recover arbitrary quota
डेमो फोटो - फोटो : डेमो फोटो
राशन की दुकानों पर डीलरों की मनमानी पर अंकुश लगाने की शुरुआत हो गई है। कोटा डीलर अब किसी भी गरीब व्यक्ति को न तो निर्धारित मात्रा से कम गेहूं व चावल दे पाएंगे और न ही मनमाने ढंग से एकम ऐंठ सकेंगे। केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा गारंटी अधिनियम के तहत प्रभावी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिले में इसके तहत फिलहाल तीन नगरीय क्षेत्रों की सभी 17 दुकानों पर पीओएस मशीन (प्वाइंट ऑफ सेल) के जरिये खाद्यान्न वितरण कराना शुरू किया गया है।
विज्ञापन


इस मशीन के चलते पात्र व्यक्ति को यूनिट के हिसाब से खाद्यान्न की मात्रा मिलेगी और सस्ती दरों के हिसाब से भुगतान की सहूलियत रहेगी। राशन की दुकानों से घटतौली की शिकायतें मिलना आम बात है। जितनी मात्रा में पात्र गरीबों को गेहूं व चावल मिलना चाहिए। उसे लेकर तमाम कोटा डीलर कोताही बरतते हैं। ऐसी शिकायतों पर जांचें होती रही हैं, लेकिन कभी कोई नतीजा नहीं निकला।
विज्ञापन


डिजिटल इंडिया के इस दौर में अब सरकार ने मशीनों के प्रयोग पर बल देना शुरू किया है। इसी के तहत कोटा डीलरों पर शिकंजा कसने की पहल हो रही है। मौजूदा समय में खाद्य सुरक्षा की नई व्यवस्था के तहत करीब पौने तीन लाख परिवारों को बेहद सस्ती दरों पर गेहूं व चावल मुहैया कराया जा रहा है। इसमें करीब 48 हजार परिवार अंत्योदय श्रेणी में हैं। जबकि शेष को पात्र गृहस्थियाें के तौर पर जोड़ा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों श्रेणियों में भिन्नता इस बात की है कि अंत्योदय श्रेणी के परिवार को 20 किलो गेहूं व 15 किलो चावल दिया जाता है। वहीं पात्र गृहस्थी की श्रेणी के परिवारों को उनके यूनिट के हिसाब से उक्त खाद्यान्न मुहैया कराया जाता है। जिसमें तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल प्रति यूनिट निर्धारित है। हालांकि दोनों श्रेणियों के लिए गेहूं दो रुपये और चावल तीन रुपये किलो के रेट निर्धारित हैं।

इस तरह काम करेगी मशीन
आमतौर पर जो शिकायतें मिलती रही है। उनमें मुख्य रूप से निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न देने और रेट से अधिक भुगतान लेने की हैं। इस वसूली को रोकने के लिए ही अब सरकार ने पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन का इस्तेमाल शुरू किया है। इस मशीन में खाद्य सुरक्षा के पात्रों का पूरा विवरण दर्ज किया हुआ है। कोई भी पात्र व्यक्ति जब खाद्यान्न लेने राशन की दुकान पर पहुंचेगा तो उसका कार्ड नंबर इस मशीन में डालते ही पर्ची निकलेगी। जिसमें संबंधित पात्र व्यक्ति के यूनिट के हिसाब से मिलने वाले गेहूं व चावल की मात्रा और कीमत अंकित होगी। यह पर्ची पात्र व्यक्ति को उपलब्ध कराई जाएगी। उसी के हिसाब से वह भुगतान होगा।

इकदिल, बकेवर व भरथना में मशीनें
जिले में नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 652 राशन की दुकानें हैं। इसमें 98 दुकानें नगरीय क्षेत्र में शेष ग्रामीण इलाकों में हैं। पीओएस मशीन मुहैया कराने की शुरुआत फिलहाल नगरीय क्षेत्रों से की गई है। जिसमें इकदिल निकाय क्षेत्र की दो, बकेवर की चार और भरथना की 11 दुकानें शामिल हैं। कुल 17 पीओएस मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।


तीन नगरीय क्षेत्र में दी मशीनें
उपलब्धता के अनुसार अभी 17 पीओएस मशीनें तीन नगरीय क्षेत्रों में दी गई है। इन तीनों नगरीय क्षेत्रों की सभी दुकानों पर मशीनें उपलब्ध हैं। इसी तरह भविष्य में सभी दुकानों पर मशीनें मुहैया कराई जाएंगी।-शरद कुमार स्वर्णकार, डीएसओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed