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Etawah News: अब घर बैठे आलू बेच सकेंगे किसान
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फोटो 12- (फोटो 12)खेत से आलू बीनते किसान। संवाद
- ई-नेम ऐप की मदद से देशभर के खरीदारों से कर सकेंगे संपर्क
- भाव से सहमत होते ही व्यापारी खुद किसान से संपर्क करेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/ताखा। किसान जल्द ही अब घर बैठे राष्ट्रीय स्तर पर आलू बेच सकेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से एक ऐप बना दिया गया है। जल्द ही इस पर आलू की खरीद शुरू की जाएगी। इससे जिले के आलू किसानों को लाभ मिलेगा।
लगातार कम हो रहीं आलू की कीमतों को लेकर किसान चिंतित हैं। इसे देखते हुए सरकार ने किसानों को राहत देने का प्रयास किया है। अब जल्द ही आलू किसानों को सरकार ऑनलाइन राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराएगी। इसके लिए शासन की ओर से ई-नेम ऐप तैयार कराया है। इस पर किसान पंजीकरण कराकर अपना पूरा डाटा सेव करेंगे। इसके बाद अलग-अलग प्रजातियों और अलग-अलग खरीदारों के दाम ऑनलाइन ही किसानों को दिख जाएंगे।
जिसके दाम किसान को पसंद आएगा किसान उस पर क्लिक करके ओके कर देगा। इसके बाद खरीदार किसान से सीधे फोन से संपर्क करके आलू खरीदेगा। इससे किसानों की जिले के साथ ही बाहरी जनपदों की मंडियों तक लगने वाली दौड़ बचेगी। साथ ही बिचौलियों के खेल से किसान बच सकेंगे। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि ई-नेम ऐप पर ऑनलाइन बाजार की सुविधा जल्द ही किसानों को मिलेगी। इसके लिए शासन की ओर से हम लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आदेश आते पंजीकरण कराने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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लगभग 10 हजार हेक्टेयर है जिले का रकबा
जनपद की गिनती प्रदेश के आलू उत्पादन वाले जिलों में की जाती है। इस साल जिले का रकबा लगभग 10 हजार हेक्टेयर है। सरकार की ऑनलाइन बाजार वाली योजना से जिले के करीब ढाई लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं आलू की खरीद के लिए तय किए गए 650 रुपये प्रति क्विंटल दाम से भी आलू किसान राहत महसूस करेंगे। हालांकि पहले चरण में अभी जिले को शामिल नहीं किया गया है। जल्द ही आदेश आने के बाद आलू क्रय केंद्र बनाए जाएंगे।
न्यूनतम 1500 रुपये पैकेट की दर से आलू खरीदे सरकार
सरकार की ओर से आलू के समर्थन मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल को सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने मजाक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2500 रुपये प्रति क्विंटल बीज खरीदने वाले किसानों को सरकार की ओर से दिया गया समर्थन मूल्य नाकाफी है। सरकार को 1500 रुपये प्रति पैकेट आलू खरीदना चाहिए।
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किसान बोले सराहनीय कदम, लेकिन कुछ और दाम बढ़ना चाहिए
फोटो 13- किसान प्रदीप यादव। ऊसराहार निवासी आलू किसान प्रदीप यादव ने बताया कि इस वर्ष पैदावार कम होने से लागत मूल्य ज्यादा आ रहा है। फिर भी सरकार की ओर से आलू खरीद का निर्णय सराहनीय है। कुछ दाम और बढ़ाए जाएं तो अच्छी बचत हो सकेगी।
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फोटो 14- किसान आनंद पाल।
भगवंतपुर निवासी किसान आनंद पाल ने बताया कि बाजार में भी लगभग वहीं भाव है जो सरकार ने तय किए हैं। हालांकि सरकार की खरीद होने से बिचौलियों के खेल से हम बच जाएंगे। यदि जल्द ही ऑनलाइन बाजार मिलेगा तब तो आलू की कद्र बढ़ जाएगी।
फोटो 15- किसान राकेश कश्यप।
नगला लछी के किसान राकेश कश्यप ने बताया कि सरकार का आलू खरीदने का निर्णय अच्छा है। हालांकि दाम और बढ़ाकर किए जाते तो बेहतर होता। फिर भी जो अभी रखे गए हैं, उससे भी नुकसान से बच सकेंगे। ऑनलाइन बाजार से काफी राहत मिलेगी।
फोटो-16- किसान राजेंद्र सिंह।
बदकनशाहपुर निवासी किसान राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सरकार की ओर से आलू खरीद करने के निर्देश सही है। पर इससे सिर्फ लागत ही निकल पाएगी। समर्थन मूल्य के दाम कुछ बढ़ा दिए जाते तो बचत भी हो जाती। फिलहाल बिचौलियों के खेल से बच सकेंगे।
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- ई-नेम ऐप की मदद से देशभर के खरीदारों से कर सकेंगे संपर्क
- भाव से सहमत होते ही व्यापारी खुद किसान से संपर्क करेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/ताखा। किसान जल्द ही अब घर बैठे राष्ट्रीय स्तर पर आलू बेच सकेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से एक ऐप बना दिया गया है। जल्द ही इस पर आलू की खरीद शुरू की जाएगी। इससे जिले के आलू किसानों को लाभ मिलेगा।
लगातार कम हो रहीं आलू की कीमतों को लेकर किसान चिंतित हैं। इसे देखते हुए सरकार ने किसानों को राहत देने का प्रयास किया है। अब जल्द ही आलू किसानों को सरकार ऑनलाइन राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराएगी। इसके लिए शासन की ओर से ई-नेम ऐप तैयार कराया है। इस पर किसान पंजीकरण कराकर अपना पूरा डाटा सेव करेंगे। इसके बाद अलग-अलग प्रजातियों और अलग-अलग खरीदारों के दाम ऑनलाइन ही किसानों को दिख जाएंगे।
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जिसके दाम किसान को पसंद आएगा किसान उस पर क्लिक करके ओके कर देगा। इसके बाद खरीदार किसान से सीधे फोन से संपर्क करके आलू खरीदेगा। इससे किसानों की जिले के साथ ही बाहरी जनपदों की मंडियों तक लगने वाली दौड़ बचेगी। साथ ही बिचौलियों के खेल से किसान बच सकेंगे। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि ई-नेम ऐप पर ऑनलाइन बाजार की सुविधा जल्द ही किसानों को मिलेगी। इसके लिए शासन की ओर से हम लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आदेश आते पंजीकरण कराने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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लगभग 10 हजार हेक्टेयर है जिले का रकबा
जनपद की गिनती प्रदेश के आलू उत्पादन वाले जिलों में की जाती है। इस साल जिले का रकबा लगभग 10 हजार हेक्टेयर है। सरकार की ऑनलाइन बाजार वाली योजना से जिले के करीब ढाई लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं आलू की खरीद के लिए तय किए गए 650 रुपये प्रति क्विंटल दाम से भी आलू किसान राहत महसूस करेंगे। हालांकि पहले चरण में अभी जिले को शामिल नहीं किया गया है। जल्द ही आदेश आने के बाद आलू क्रय केंद्र बनाए जाएंगे।
न्यूनतम 1500 रुपये पैकेट की दर से आलू खरीदे सरकार
सरकार की ओर से आलू के समर्थन मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल को सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने मजाक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2500 रुपये प्रति क्विंटल बीज खरीदने वाले किसानों को सरकार की ओर से दिया गया समर्थन मूल्य नाकाफी है। सरकार को 1500 रुपये प्रति पैकेट आलू खरीदना चाहिए।
किसान बोले सराहनीय कदम, लेकिन कुछ और दाम बढ़ना चाहिए
फोटो 13- किसान प्रदीप यादव। ऊसराहार निवासी आलू किसान प्रदीप यादव ने बताया कि इस वर्ष पैदावार कम होने से लागत मूल्य ज्यादा आ रहा है। फिर भी सरकार की ओर से आलू खरीद का निर्णय सराहनीय है। कुछ दाम और बढ़ाए जाएं तो अच्छी बचत हो सकेगी।
फोटो 14- किसान आनंद पाल।
भगवंतपुर निवासी किसान आनंद पाल ने बताया कि बाजार में भी लगभग वहीं भाव है जो सरकार ने तय किए हैं। हालांकि सरकार की खरीद होने से बिचौलियों के खेल से हम बच जाएंगे। यदि जल्द ही ऑनलाइन बाजार मिलेगा तब तो आलू की कद्र बढ़ जाएगी।
फोटो 15- किसान राकेश कश्यप।
नगला लछी के किसान राकेश कश्यप ने बताया कि सरकार का आलू खरीदने का निर्णय अच्छा है। हालांकि दाम और बढ़ाकर किए जाते तो बेहतर होता। फिर भी जो अभी रखे गए हैं, उससे भी नुकसान से बच सकेंगे। ऑनलाइन बाजार से काफी राहत मिलेगी।
फोटो-16- किसान राजेंद्र सिंह।
बदकनशाहपुर निवासी किसान राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सरकार की ओर से आलू खरीद करने के निर्देश सही है। पर इससे सिर्फ लागत ही निकल पाएगी। समर्थन मूल्य के दाम कुछ बढ़ा दिए जाते तो बचत भी हो जाती। फिलहाल बिचौलियों के खेल से बच सकेंगे।